यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका, रूस और यूक्रेन शुक्रवार से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में त्रिपक्षीय बैठक करेंगे। फरवरी 2022 में यूरोप में शुरू हुए संघर्ष के बाद यह अपनी तरह की पहली बैठक होगी। स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के दौरान बोलते हुए, यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि यह दो दिवसीय बैठक होगी, और उन्होंने हजारों लोगों की जान लेने वाले इस संघर्ष के अंत की उम्मीद जताई।
इससे पहले स्विट्जरलैंड के रिजॉर्ट शहर दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद स्वदेश लौटने से पहले ट्रंप ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल आज या कल पुतिन से मुलाकात करेगा। उन्होंने कहा कि मेरी मुलाकात राष्ट्रपति जेलेंस्की से यहां हुई। बैठक अच्छी रही। हम (अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल) आज या कल राष्ट्रपति पुतिन से मिलेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति से जब सवाल किया गया कि पुतिन के लिए उनका क्या संदेश है तो उन्होंने कहा कि युद्ध को समाप्त करना होगा। बहुत से लोग मारे गए हैं।
ट्रंप ने डब्ल्यूईएफ की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए दावा किया था कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए एक समझौते के काफी करीब हैं। हालांकि उन्होंने पहले सोचा था कि उनके लिए कुछ ही घंटों में इस पर समझौता करना आसान होगा। ट्रंप चार साल से जारी युद्ध को समाप्त कराने की शर्तों पर जेलेंस्की और पुतिन को सहमत कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि अगर पुतिन और जेलेंस्की इस युद्ध को अब खत्म नहीं करते हैं तो वे बेवकूफ होंगे, और वह जानते हैं कि वे ऐसा नहीं हैं। ट्रंप ने रेखांकित किया वह युद्धों को सुलझाने में माहिर हैं, हालांकि यह काम संयुक्त राष्ट्र को करना चाहिए। उन्होंने कहा, यह करना ही होगा। इससे कई जानें बचेंगी, लाखों जानें बचेंगी। यूक्रेन और रूस के बीच, राष्ट्रपति जेलेंस्की और राष्ट्रपति पुतिन के बीच यह घोर नफरत अच्छी बात नहीं है। यह समझौतों के लिए अच्छा नहीं है। ट्रंप ने कहा कि कई बार हमने रूस के साथ करार किया, लेकिन जेलेंस्की सहमत नहीं हुए... यह एक बहुत ही मुश्किल संतुलन है।
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नागपुर में पहले टी20 के बाद पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर और युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के बीच हुई बातचीत ने दर्शकों का ध्यान खींचा। बता दें कि भारत ने न्यूजीलैंड को 48 रन से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, 25 वर्षीय अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 35 गेंदों पर 84 रन की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने महज 22 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो टी20 क्रिकेट में उनका छठा अर्धशतक रहा। उनकी इस पारी ने न सिर्फ मैच का रुख बदला, बल्कि भारतीय बल्लेबाजी के आक्रामक रवैये को भी साफ तौर पर सामने रखा।
गौरतलब है कि मैच के बाद स्टार स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान सुनील गावस्कर ने मुस्कराते हुए कहा कि आज के बल्लेबाज जिस तेजी से रन बनाते हैं, वह उनके जमाने से बिल्कुल अलग है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि अभिषेक जितनी गेंदों में अर्धशतक पूरा करते हैं, उतनी गेंदों में वह अपने समय में खाता तक नहीं खोल पाते थे। इस टिप्पणी ने आधुनिक क्रिकेट और पारंपरिक दौर के बीच के फर्क को बखूबी उजागर किया।
अपनी पारी को लेकर अभिषेक शर्मा ने साफ किया कि यह अंदाज किसी जल्दबाजी का नतीजा नहीं, बल्कि सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि टीम मैनेजमेंट के साथ मिलकर शुरुआत से ही एक स्पष्ट योजना बनाई गई थी और उसी के अनुसार वह बल्लेबाजी कर रहे हैं। उनका मानना है कि ऊंची स्ट्राइक रेट के लिए ‘इरादा’ सबसे अहम है, न कि जोखिम भरा खेल।
अभिषेक ने यह भी कहा कि वह नेट्स में लंबे शॉट्स की अलग से प्रैक्टिस नहीं करते, बल्कि गेंद को देखने और टाइमिंग पर भरोसा रखते हैं। वीडियो एनालिसिस के जरिए गेंदबाजों की रणनीति समझना उनकी तैयारी का अहम हिस्सा है, जिससे उन्हें मैदान पर फैसले लेने में आसानी होती है।
यह पारी तब और अहम हो गई जब भारत ने शुरुआती ओवरों में दो विकेट गंवा दिए थे। संजू सैमसन और ईशान किशन जल्दी पवेलियन लौट गए, लेकिन इसके बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अभिषेक के साथ तीसरे विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला। सूर्यकुमार ने 22 गेंदों पर 32 रन बनाए और लय हासिल करने की कोशिश करते नजर आए।
गौरतलब है कि सूर्यकुमार यादव हाल के समय में अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म से जूझते रहे हैं। अक्टूबर 2024 के बाद से वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं, ऐसे में यह साझेदारी आत्मविश्वास बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
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