Responsive Scrollable Menu

झारखंड सरकार की चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना, गंभीर बीमारियों के इलाज में पंजीकृत श्रमिकों को आर्थिक सहायता

चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना Department of Labour, Employment, Training & Skill Development, Jharkhand द्वारा संचालित एक 100 प्रतिशत राज्य प्रायोजित योजना है. इस योजना का उद्देश्य झारखंड राज्य के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक राहत प्रदान करना है. योजना का लाभ केवल झारखंड के स्थायी निवासियों को ही दिया जाता है.

योजना के लाभ

इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों को कैंसर, हृदय रोग और हृदय शल्य चिकित्सा, किडनी रोग और किडनी शल्य चिकित्सा, असाध्य मानसिक रोग, एड्स, टोटल हिप रिप्लेसमेंट, स्पाइनल सर्जरी, प्रमुख वैस्कुलर रोग, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, लिवर ट्रांसप्लांट, हेपेटोमा, लिवर का उन्नत सिरोसिस, रेटिनल डिटैचमेंट, प्रोलीफेरेटिव डायबिटिक रेटिनोपैथी और रिफ्लक्स डिजीज जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. योजना का लाभ प्रति लाभार्थी प्रति रोग केवल एक बार ही दिया जाता है.

महत्वपूर्ण शर्तें क्या?

योजना के अंतर्गत दी जाने वाली राशि जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा के बाद ही देय होती है. साथ ही रोगों की सूची, चिकित्सा व्यय की अधिकतम सीमा और सूचीबद्ध अस्पतालों में समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए संशोधन भी इस योजना के लिए मान्य होते हैं.

पात्रता मानदंड क्या है?

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का झारखंड का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है. आवेदक का झारखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिक होना आवश्यक है. आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए. आवेदक निर्माण कार्य जैसे राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन, पेंटर, कुली या अन्य निर्माण संबंधित कार्यों में संलग्न होना चाहिए.

आवेदन प्रक्रिया क्या है? 

योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं. आवेदक को सबसे पहले विभाग की समग्र श्रम प्रबंधन प्रणाली की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करना होता है. पंजीकरण के बाद लॉगिन कर Services विकल्प में जाकर BOC Scheme Benefit के अंतर्गत आवेदन फॉर्म भरना होता है. फॉर्म में बुनियादी जानकारी, योजना का चयन और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन जमा किया जाता है. सफल आवेदन पर एक एप्लिकेशन आईडी जारी होती है.

आवेदन की स्थिति कैसे जांचें

आवेदन जमा होने के बाद यह तीन स्तरों पर जांच से गुजरता है. क्लर्क, श्रम अधीक्षक और जिला स्तरीय समिति द्वारा अनुमोदन के बाद आवेदन स्वीकृत किया जाता है. आवेदक अपनी एप्लिकेशन आईडी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की स्थिति देख सकता है. स्वीकृति के बाद प्रिंट लेकर श्रम कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होता है.

आवश्यक दस्तावेज क्या क्या? 

आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, ई-श्रम कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, निर्माण श्रमिक पंजीकरण प्रमाण, बैंक खाता विवरण, आय प्रमाण पत्र और संबंधित बीमारी का चिकित्सा प्रमाण पत्र अनिवार्य है. यह योजना झारखंड के निर्माण श्रमिकों के लिए गंभीर बीमारी के समय एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा प्रदान करती है.

ये भी पढ़ें- श्रमिकों के लिए वरदान, झारखंड सरकार की इस योजना से गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च होगा आसान

Continue reading on the app

बाजार की पाठशाला : खुद का बिजनेस खड़ा करना है? सरकार की ये लोन योजनाएं करेंगी आपकी मदद!

नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। देश की जीडीपी में इनका योगदान करीब 30 प्रतिशत है और 11 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार देते हैं। एमएसएमई सेक्टर का मजबूत होना भारत के आर्थिक विकास के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन इस क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती अब भी आसान और सस्ते कर्ज तक पहुंच की बनी हुई है। इसी जरूरत को देखते हुए केंद्र सरकार ने एमएसएमई के लिए कई बिजनेस लोन योजनाएं शुरू की हैं, जिनका मकसद उद्यमियों को वित्तीय सहारा देना है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) की शुरुआत साल 2015 में की गई थी। इस योजना के तहत गैर-कॉरपोरेट और गैर-कृषि छोटे कारोबारियों को 10 लाख रुपए तक का लोन दिया जाता है। मुद्रा लोन को तीन कैटेगरी में बांटा गया है, जिसमें शिशु के तहत 50 हजार रुपए तक, किशोर के तहत 50,001 रुपए से 5 लाख रुपए तक और तरुण के तहत 5 लाख से 10 लाख रुपए तक का लोन मिलता है। ये लोन बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों, एनबीएफसी और माइक्रो फाइनेंस संस्थानों के जरिए दिए जाते हैं।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) प्रधानमंत्री रोजगार योजना और ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम के विलय से बना है। इसका उद्देश्य युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए 25 लाख रुपए और सेवा क्षेत्र के लिए 10 लाख रुपए तक का लोन मिलता है। इसमें 15 से 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी दी जाती है, जो क्षेत्र और श्रेणी के अनुसार तय होती है।

क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (सीजीटीएमएसई) योजना को एमएसएमई मंत्रालय और सिडबी (एसआईडीबीआई) ने मिलकर शुरू किया है। इस योजना के तहत 2 करोड़ रुपए तक का लोन बिना किसी कोलैटरल या थर्ड पार्टी गारंटी के दिया जाता है। 5 लाख रुपए तक के लोन पर 85 प्रतिशत तक की गारंटी कवरेज मिलती है, जबकि बड़े लोन पर यह 75 प्रतिशत तक होती है।

क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (सीएलसीएसएस) खास तौर पर उन एमएसएमई के लिए है जो नई और आधुनिक तकनीक अपनाना चाहते हैं। इस योजना के तहत 1 करोड़ रुपए तक के लोन पर 15 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। इससे मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स अपनी उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ा सकती हैं।

इन सबके अलावा, एमएसएमई में इक्विटी की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने फंड ऑफ फंड्स योजना शुरू की है। इस स्कीम का कुल फंड साइज 50 हजार करोड़ रुपए है। इसके जरिए ग्रोथ की क्षमता रखने वाले एमएसएमई को वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी के माध्यम से निवेश उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वे शेयर बाजार में लिस्ट हो सकें और निजी निवेश आकर्षित कर सकें।

सिडबी (एसआईडीबीआई) के मेक इन इंडिया लोन फॉर एंटरप्राइजेज (स्माइल यानी एसएमआईएलई) योजना के तहत एमएसएमई को सॉफ्ट लोन दिया जाता है, जिसका उद्देश्य छोटे उद्यमों को आधुनिक तकनीक अपनाने और विस्तार में मदद करना है। इस योजना में मशीनरी के लिए न्यूनतम 10 लाख रुपए और अन्य जरूरतों के लिए 25 लाख रुपए तक का लोन मिलता है, जिसकी चुकाने की अवधि 10 साल तक हो सकती है।

सरकार ने 59 मिनट में एमएसएमई लोन योजना के तहत लोन अप्रूवल प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया है। इस स्कीम में 1 लाख से 5 करोड़ रुपए तक का लोन मिलता है और ब्याज दर 8.5 प्रतिशत से शुरू होती है। आईटी और जीएसटी कंप्लायंट बिजनेस इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण लोन जल्दी मंजूर और जारी होता है।

सरकार की ये लोन योजनाएं एमएसएमई को बिना गारंटी कर्ज, क्रेडिट गारंटी, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और नए बिजनेस की शुरुआत में मदद करती हैं। इन योजनाओं का सही इस्तेमाल कर उद्यमी न सिर्फ अपने कारोबार को मजबूत कर सकते हैं, बल्कि रोजगार सृजन और देश की आर्थिक वृद्धि में भी योगदान दे सकते हैं।

--आईएएनएस

डीबीपी/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

IAS Transfer: फिर दौड़ी तबादला एक्सप्रेस, 3 आईएएस अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी, देखें लिस्ट 

गुजरात में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने तीन आईएएस अधिकारियों का तबादला (IAS Transfer 2026) किया है। मैनेजिंग डायरेक्टर और आयुक्त समेत कई पदों के प्रभार में बदलाव देखने को मिला है। राज्यपाल के नाम पर सामान्य प्रशासनिक विभाग (कार्मिक) ने 22 जनवरी गुरुवार को ट्रांसफर और … Thu, 22 Jan 2026 23:30:09 GMT

  Videos
See all

Has Trump backed down on Greenland? | Global News Podcast #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-22T21:00:17+00:00

Navneet Rana vs Sahar Sheikh : पूरा ग्रीन करने के लिए पाकिस्तान जाना होगा-नवनीत #navneetrana #bmc #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-22T21:44:40+00:00

BMC BJP Mayor News: 3 बजते ही मुंबई के नए मेयर पर आई बड़ी खबर! N18V BMC Results | Maharashtra #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-22T21:30:02+00:00

दिनदहाड़े गुंडागर्दी! 6 दबंगों ने दुकानदार को लाठी डंडों से पीटा | #viralvideo #viralnews #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-22T21:00:38+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers