2025 में चीन का डाक-कूरियर उद्योग नए रिकॉर्ड पर पहुंचा
बीजिंग, 22 जनवरी (आईएएनएस)। चीनी राष्ट्रीय डाक प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2025 में चीन के डाक-कूरियर उद्योग ने 19 अरब 77 करोड़ पार्सल का प्रसंस्करण किया, जो वर्ष 2024 की समान अवधि की तुलना में 1.8 की वृद्धि है। इस दौरान 1 खरब 63 अरब युआन की आय प्राप्त हुई, जो 0.6 की वृद्धि दर्शाती है। वर्ष 2025 में समग्र रूप से चीन के डाक-कूरियर उद्योग के व्यावसायिक पैमाने और राजस्व ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
2025 के अंत में ई-कॉमर्स प्रचार गतिविधियों के चलते एक्सप्रेस डिलीवरी इंडस्ट्री में स्थिर वृद्धि बनी रही। ई-कॉमर्स के लंबी अवधि, एकाधिक चरम वाले नए प्रचार मॉडल के अनुरूप ढलने के लिए एक्सप्रेस डिलीवरी कंपनियों ने संसाधन आवंटन और परिवहन क्षमता के वितरण को अनुकूलित किया, जिससे ऑनलाइन खपत मांग को मजबूत समर्थन मिला।
एक्सप्रेस डिलीवरी कंपनियों ने अपने व्यापक नेटवर्क कवरेज और डिजिटल सेवा लाभों का पूरा उपयोग करते हुए वितरण नेटवर्क और हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के समन्वित संचालन को आगे बढ़ाया और हाई-स्पीड रेल एक्सप्रेस डिलीवरी सेवा का दायरा बढ़ाया। साथ ही, ताजा कृषि उत्पादों के उत्पादन स्थलों पर केंद्र स्थापित कर, हाई-स्पीड रेल + हवाई परिवहन + सड़क शीत-श्रृंखला बहु-प्रकारीय परिवहन और अधिक कार्गो विमान मार्गों के जरिए कृषि उत्पादों के परिवहन और ताजगी बनाए रखने की चुनौतियों का समाधान किया।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में चीन के डाक-कूरियर उद्योग ने कुल 2 खरब 16 अरब 51 करोड़ पार्सल का प्रसंस्करण किया, जो वर्ष 2024 की तुलना में 11.8 अधिक है। इस उद्योग का कुल राजस्व 18 खरब युआन रहा, जो वर्ष 2024 की तुलना में 6.1 की वृद्धि दर्शाता है। दोनों ही मामलों में नए रिकॉर्ड बने हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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झारखंड सरकार की चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना, गंभीर बीमारियों के इलाज में पंजीकृत श्रमिकों को आर्थिक सहायता
चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना Department of Labour, Employment, Training & Skill Development, Jharkhand द्वारा संचालित एक 100 प्रतिशत राज्य प्रायोजित योजना है. इस योजना का उद्देश्य झारखंड राज्य के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक राहत प्रदान करना है. योजना का लाभ केवल झारखंड के स्थायी निवासियों को ही दिया जाता है.
योजना के लाभ
इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों को कैंसर, हृदय रोग और हृदय शल्य चिकित्सा, किडनी रोग और किडनी शल्य चिकित्सा, असाध्य मानसिक रोग, एड्स, टोटल हिप रिप्लेसमेंट, स्पाइनल सर्जरी, प्रमुख वैस्कुलर रोग, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, लिवर ट्रांसप्लांट, हेपेटोमा, लिवर का उन्नत सिरोसिस, रेटिनल डिटैचमेंट, प्रोलीफेरेटिव डायबिटिक रेटिनोपैथी और रिफ्लक्स डिजीज जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. योजना का लाभ प्रति लाभार्थी प्रति रोग केवल एक बार ही दिया जाता है.
महत्वपूर्ण शर्तें क्या?
योजना के अंतर्गत दी जाने वाली राशि जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा के बाद ही देय होती है. साथ ही रोगों की सूची, चिकित्सा व्यय की अधिकतम सीमा और सूचीबद्ध अस्पतालों में समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए संशोधन भी इस योजना के लिए मान्य होते हैं.
पात्रता मानदंड क्या है?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का झारखंड का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है. आवेदक का झारखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिक होना आवश्यक है. आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए. आवेदक निर्माण कार्य जैसे राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन, पेंटर, कुली या अन्य निर्माण संबंधित कार्यों में संलग्न होना चाहिए.
आवेदन प्रक्रिया क्या है?
योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं. आवेदक को सबसे पहले विभाग की समग्र श्रम प्रबंधन प्रणाली की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करना होता है. पंजीकरण के बाद लॉगिन कर Services विकल्प में जाकर BOC Scheme Benefit के अंतर्गत आवेदन फॉर्म भरना होता है. फॉर्म में बुनियादी जानकारी, योजना का चयन और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन जमा किया जाता है. सफल आवेदन पर एक एप्लिकेशन आईडी जारी होती है.
आवेदन की स्थिति कैसे जांचें
आवेदन जमा होने के बाद यह तीन स्तरों पर जांच से गुजरता है. क्लर्क, श्रम अधीक्षक और जिला स्तरीय समिति द्वारा अनुमोदन के बाद आवेदन स्वीकृत किया जाता है. आवेदक अपनी एप्लिकेशन आईडी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की स्थिति देख सकता है. स्वीकृति के बाद प्रिंट लेकर श्रम कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होता है.
आवश्यक दस्तावेज क्या क्या?
आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, ई-श्रम कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, निर्माण श्रमिक पंजीकरण प्रमाण, बैंक खाता विवरण, आय प्रमाण पत्र और संबंधित बीमारी का चिकित्सा प्रमाण पत्र अनिवार्य है. यह योजना झारखंड के निर्माण श्रमिकों के लिए गंभीर बीमारी के समय एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा प्रदान करती है.
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