Guwahati University Student Death | होमस्टे में पंखे से लटकी मिली 22 वर्षीय छात्रा, हत्या या आत्महत्या? जांच में उलझी गुवाहाटी पुलिस
असम के गुवाहाटी स्थित आजारा इलाके के एक होमस्टे में गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की 22 वर्षीय छात्रा निमिषा ठाकुरिया संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। घटना के समय छात्रा के साथ मौजूद उसके पुरुष मित्र और बॉयफ्रेंड आसिफ अली को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि आरोपी आसिफ का दावा है कि छात्रा ने आत्महत्या की है, लेकिन पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे बिना गहन जांच और फॉरेंसिक सबूतों के इस दावे को स्वीकार नहीं करेंगे।
गुवाहाटी के सीनियर पुलिस अधिकारी बोलिन देओरी ने पत्रकारों को बताया कि मामले के मुख्य आरोपी आसिफ अली ने पुलिस को बताया कि निमिषा ठाकुरिया ने छत के पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। देओरी ने कहा, "उसके (आसिफ के) अनुसार, उसने छत के पंखे से लटककर आत्महत्या की और खुद को नुकसान पहुँचाने से उसकी मौत हो गई।" हालांकि, अधिकारी ने कहा कि पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आसिफ के बयान की पुष्टि करेगी।
'इंडिया टुडे नॉर्थ ईस्ट' (NE) की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह गारचुक-धरापुर इलाके में 'रुद्राज़ किचन' होमस्टे में निमिषा बेहोश हालत में मिली थी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
निमिषा गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में सोशियोलॉजी की पढ़ाई कर रही थी और धरापुर में रहती थी। शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि वह एक पुरुष परिचित के साथ होमस्टे गई थी और कथित तौर पर 20 सितंबर से वहां रह रही थी, हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर इस जानकारी की पुष्टि नहीं की है।
होमस्टे के कर्मचारियों ने बताया कि निमिषा और आसिफ कभी-कभी वहां आते थे। पुलिस जांच के तहत उसकी गतिविधियों, मौत से पहले की घटनाओं और उस पुरुष परिचित की भूमिका की जांच कर रही है।
निमिषा के साथ रिलेशनशिप में रहे आसिफ को पुलिस ने इस मामले में हिरासत में लिया है। उसके इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि निमिषा ने आत्महत्या की थी। निमिषा की मौत के सही हालात और वजह की जांच अभी चल रही है।
नेपाल में भारी बारिश के बाद Bihar Alert पर, 13 संवेदनशील जिलों में बढ़ी निगरानी
नेपाल से निकलने वाली गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश होने के मद्देनजर बिहार सरकार ने संवेदनशील जिलों में शनिवार को अपनी तैयारियों में और इजाफा किया। एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गयी है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आज सुबह एक उच्च स्तरीय बैठक में जिला प्रशासनों को अलर्ट रहने तथा नदियों के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, नदी के किनारे बसे गांवों, पुलों और सड़कों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया।
जल संसाधन विभाग के एक बयान में कहा है कि यह अलर्ट गंडक, बागमती और कोसी नदी प्रणालियों से जुड़े जिलों के लिए है। जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया और बेगुसराय शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य के 15 जिलों में बाढ़ से 50.49 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
बयान के अनुसार, सुबह 11 बजे गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बैराज से 2,86,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नेपाल में भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, इसलिए संबंधित प्रशासन ने इलाके के सभी अधिकारियों को सतर्कता बरतने को कहा है। कोसी नदी का जलस्तर कम हुआ है, लेकिन नदी जिन जिलों से गुजरती है, उन्हें सतर्क रहने को कहा गया है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को नावों, लाइफ जैकेट और बचाव के उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के दलों को अलर्ट रहने को कहा गया है। बयान में कहा गया है कि संबंधित प्रशासनों को जन घोषणा प्रणाली के जरिए समय रहते चेतावनी जारी करने और जरूरत पड़ने पर संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का भी निर्देश दिया गया है।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से कहा कि वे प्रशासन, पुलिस और जल संसाधन एवं आपदा प्रबंधन विभागों के बीच तालमेल बनाए रखें और बचाव एवं राहत कार्यों के लिए संसाधनों को तैयार रखें। लोगों को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। आपातकालीन मदद के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के शुल्कमुक्त नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।
कोसी नदी के बीरपुर बैराज में शनिवार सुबह छह बजे पानी का बहाव सबसे ज़्यादा 3,13,595 क्यूसेक दर्ज किया गया। एक अधिकारी ने स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद जतायी। बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायता केंद्र ने अनुमान लगाया था कि 26 सितंबर को सुबह छह बजे कोसी नदी में पानी का बहाव 3,53,407 क्यूसेक और आधी रात को गंडक नदी में 3,81,638 क्यूसेक होगा।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गंगा नदी में पानी का स्तर अभी कम है।
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