GenZ वोटरों को रोकने के बाद अब स्पेशल कैंप लगाने का दिया जा रहा आदेश, कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर लगाया एक और आरोप
कांग्रेस ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर नए आरोप लगाए और उन पर पहली बार वोट देने वाले 'जेन ज़ेड' (Gen Z) मतदाताओं के लिए मुश्किलें खड़ी करने का आरोप लगाया। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए इस्तेमाल होने वाले 'फॉर्म 6' में एक नई शर्त जोड़कर युवा वोटरों के लिए रजिस्ट्रेशन मुश्किल बना दिया है। रमेश ने एक्स पर लिखा एक नया अनिवार्य सेक्शन जोड़ा गया, जिसमें यह पूछा गया कि क्या आपके माता-पिता/दादा-दादी पिछले SIR में शामिल थे। इससे पहली बार वोट देने वाले Gen Z वोटरों के लिए एक नई बाधा खड़ी हो गई। यह बदलाव पूरी तरह से गैर-कानूनी है। रमेश ने दिल्ली में युवा वोटरों के लिए स्पेशल वोटर-एनरोलमेंट कैंप लगाने के ECI के फ़ैसले पर भी सवाल उठाए।
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रमेश ने कहा कि कल देर रात, घबराए हुए चुनाव आयोग ने अधिकारियों को युवा वोटरों के लिए स्पेशल एनरोलमेंट कैंप लगाने और सोशल मीडिया के ज़रिए उनका बड़े पैमाने पर प्रचार करने का निर्देश दिया। दिल्ली चुनाव कार्यालय ने शहर भर के कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज़ और दूसरे शिक्षण संस्थानों में 29 और 30 सितंबर को स्पेशल वोटर-एनरोलमेंट कैंप लगाने की घोषणा की है। ये कैंप 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) 2026' के तहत युवा वोटरों के एनरोलमेंट में मदद करेंगे।
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फॉर्म 6 में बदलाव करने का अधिकार नहीं
उन्होंने आरोप लगाया कि जुलाई में बिना किसी आधिकारिक सूचना के ऑनलाइन फॉर्म में बदलाव किया गया और कानूनी रूप से तय फॉर्म में बदलाव करने के चुनाव आयोग के अधिकार पर सवाल उठाया। ECI के पास फॉर्म 6 में बदलाव करने का कोई अधिकार नहीं है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के अनुसार, यह अधिकार सिर्फ़ केंद्र सरकार के पास है। यह साफ़ तौर पर चुनाव आयोग द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम करने का मामला है। इस रिपोर्ट को लिखते समय चुनाव आयोग की ओर से कोई तुरंत प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। रमेश ने आगे आरोप लगाया कि यह बदलाव रजिस्ट्रेशन ऑफ़ इलेक्टर्स रूल्स, 1960' के तहत फॉर्म 6 से जुड़े नियमों में कोई संशोधन किए बिना किया गया। उन्होंने कहा रजिस्ट्रेशन ऑफ़ इलेक्टर्स रूल्स, 1960' के तहत फॉर्म 6 से जुड़े नियमों में बिना किसी संशोधन के यह फॉर्म बदल दिया गया। ऐसा बदलाव केवल केंद्र सरकार ही संसद को उचित सूचना देने के बाद कर सकती है। घबराए हुए PM-HM की जोड़ी के कहने पर CEC ज्ञानेश कुमार ने कानून द्वारा तय किए गए एक कानूनी फॉर्म में एकतरफा बदलाव कर दिया।
उत्तर प्रदेश में Heavy Rain से Lucknow समेत कई जिले प्रभावित, IMD का अलर्ट
मानसून गतिविधि तेज होने से उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई तथा लखनऊ में शनिवार सुबह तक पिछले 21 घंटों में 125.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई एवं तेज हवाओं के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ ही तेज हवाएं चलने का अनुमान व्यक्त किया है। रविवार को भी कई स्थानों पर बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ना जारी रह सकता है।
मौसम की ताजा स्थिति के अनुसार, उत्तर पूर्वी मध्यप्रदेश और इससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना दबाव उत्तर पश्चिम दिशा में दक्षिण पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे इसका केंद्र प्रयागराज से लगभग 230 किलोमीटर दक्षिण में था। मौसम विभाग ने कहा कि इस रुख के शनिवार शाम तक दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ते हुए दबाव बने रहने और इसके बाद अगले 12 घंटों में धीरे धीरे कमजोर होने की संभावना है।
तेज बारिश से कई स्थानों पर जलभराव और यातायात जाम की स्थिति पैदा हुई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोग बारिश से मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। अयोध्या में बारिश और तेज हवाओं से राम पथ, राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हुआ है।
बौछार के साथ तेज हवाएं चलने से श्रद्धालुओं को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। अयोध्या में एक श्रद्धालु ने कहा, बारिश के बावजूद लोग मंदिर जा रहे हैं, लेकिन पानी और तेज हवाओं के कारण चलना थोड़ा मुश्किल है। ग्रामीण हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश से खड़ी फसल को नुकसान हुआ है।
किसानों ने चिंता जताई है कि लंबे समय तक बारिश से नुकसान बढ़ सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने, प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और वहां व्यवस्था की निगरानी करने का निर्देश दिया है। रेड अलर्ट वाले जिलों में विद्यालय बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
प्रशासन ने आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुलतानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट सहित कई जिलों को अचानक बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील जिलों के रूप में पहचान की है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खुले क्षेत्रों, पेड़ों और जलाशयों से दूर रहने की सलाह दी है।
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