Car Care Tips: गलत इंजन ऑयल से कार में आ सकती हैं ये 3 बड़ी समस्याएं, ऐसे करें पहचान
Car Care Tips: भारत में हर दिन बड़ी संख्या में वाहन किसी न किसी खराबी के कारण सर्विस सेंटर पहुंचते हैं। वाहन में होने वाली कई समस्याओं की वजह लापरवाही भी होती है। कुछ लोग पैसे बचाने के लिए अपनी कार में कंपनी की ओर से सुझाए गए इंजन ऑयल की जगह गलत ग्रेड या अनुपयुक्त इंजन ऑयल का इस्तेमाल कर देते हैं। लंबे समय तक ऐसा करने से इंजन के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है और कई तरह की समस्याएं सामने आ सकती हैं। अगर आपकी कार में भी गलत इंजन ऑयल का इस्तेमाल हो रहा है तो कुछ संकेतों से इसकी पहचान की जा सकती है।
कम हो सकता है माइलेज
गलत इंजन ऑयल का लंबे समय तक इस्तेमाल करने से वाहन का माइलेज प्रभावित हो सकता है। इंजन के लिए सही ग्रेड का ऑयल न होने पर उसके आंतरिक हिस्सों के बीच घर्षण बढ़ सकता है। इसके कारण इंजन को सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है और ईंधन की खपत बढ़ सकती है।
ज्यादा धुआं निकलना
अगर कार के एग्जॉस्ट से सामान्य से ज्यादा धुआं निकल रहा है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। गलत इंजन ऑयल के इस्तेमाल से कुछ परिस्थितियों में ऑयल दहन कक्ष तक पहुंच सकता है, जिससे इंजन ऑयल के जलने के कारण एग्जॉस्ट से ज्यादा धुआं दिखाई दे सकता है। हालांकि, ज्यादा धुआं निकलने के पीछे इंजन की दूसरी खराबियां भी हो सकती हैं।
बार-बार कम हो सकता है इंजन ऑयल
गलत इंजन ऑयल का इस्तेमाल करने पर अगर इंजन में ऑयल की खपत बढ़ जाती है तो उसका स्तर बार-बार कम हो सकता है। ऐसी स्थिति में बार-बार इंजन ऑयल टॉप-अप करने की जरूरत पड़ सकती है। अगर ऐसा लगातार हो रहा है तो वाहन की जांच करवाना जरूरी है।
क्या है सही उपाय?
कार में हमेशा निर्माता की ओर से बताए गए ग्रेड और मानकों के अनुसार इंजन ऑयल का इस्तेमाल करना चाहिए। इसकी जानकारी वाहन के मालिकाना मैनुअल में दी जाती है। इंजन ऑयल खरीदने से पहले मैनुअल में बताए गए ऑयल ग्रेड और स्पेसिफिकेशन की जांच करें। अगर गलती से गलत इंजन ऑयल डल गया है तो बिना देरी किए अधिकृत सर्विस सेंटर या योग्य मैकेनिक से इसकी जांच करवाना बेहतर है।
(मंजू कुमारी)
Petrol Facts: सुबह पेट्रोल भरवाना फायदे का सौदा है या सिर्फ मिथक? जानें पूरी सच्चाई
Petrol Facts: भारत में अक्सर वाहन चालकों के बीच यह धारणा सुनने को मिलती है कि सुबह के समय पेट्रोल या डीजल भरवाने से ज्यादा ईंधन मिलता है और इससे गाड़ी का माइलेज भी बेहतर होता है। इसके पीछे तर्क दिया जाता है कि सुबह तापमान कम होने के कारण पेट्रोल का घनत्व ज्यादा होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस दावे में वास्तव में कोई वैज्ञानिक सच्चाई है या यह सिर्फ एक आम धारणा है?
ईंधन के घनत्व को लेकर क्या कहता है विज्ञान?
यह वैज्ञानिक तथ्य है कि कम तापमान पर तरल पदार्थ अपेक्षाकृत अधिक घना होता है। पेट्रोल भी एक तरल पदार्थ है, इसलिए तापमान कम होने पर उसके घनत्व में मामूली बदलाव हो सकता है।
हालांकि, पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाते समय इस अंतर का व्यावहारिक फायदा मिलना मुश्किल है। आधुनिक पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल को आमतौर पर जमीन के नीचे बने बड़े भूमिगत टैंकों में रखा जाता है। जमीन के नीचे होने के कारण इन टैंकों के अंदर ईंधन के तापमान में दिन और रात के दौरान बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होता।
क्या सुबह पेट्रोल भरवाने से पैसे बचते हैं?
भूमिगत टैंकों में ईंधन का तापमान अपेक्षाकृत स्थिर रहने के कारण सुबह और दिन के समय ईंधन के घनत्व में अंतर बहुत कम होता है। इसलिए सिर्फ सुबह पेट्रोल भरवाने से ज्यादा ईंधन मिलने या माइलेज में कोई महत्वपूर्ण फायदा होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
तापमान में मामूली अंतर से होने वाला प्रभाव इतना कम होता है कि सामान्य वाहन चालक के लिए इसका व्यावहारिक लाभ लगभग नगण्य रहता है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि केवल सुबह पेट्रोल भरवाने से गाड़ी का माइलेज बढ़ जाता है।
किन चीजों से वास्तव में बढ़ता है माइलेज?
गाड़ी का माइलेज इस बात से ज्यादा प्रभावित होता है कि आप वाहन को कैसे चलाते हैं और उसका रखरखाव किस तरह करते हैं। बेहतर माइलेज के लिए इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
सही टायर दबाव: टायरों में वाहन निर्माता की ओर से बताए गए सही दबाव के अनुसार हवा रखें। कम या ज्यादा हवा होने पर ईंधन की खपत प्रभावित हो सकती है।
समय पर सर्विसिंग: इंजन और दूसरे जरूरी हिस्सों की नियमित सर्विसिंग कराते रहें। इससे वाहन की कार्यक्षमता बेहतर बनी रहती है।
संतुलित ड्राइविंग: बार-बार तेज गति से एक्सीलेरेशन और अचानक ब्रेक लगाने से बचें। एक समान और नियंत्रित गति से ड्राइव करने पर ईंधन की खपत कम रखने में मदद मिलती है।
लंबे समय तक इंजन चालू न रखें: लंबे सिग्नल या किसी अन्य जगह पर ज्यादा देर रुकना हो तो जरूरत के अनुसार इंजन बंद किया जा सकता है।
सही गियर का इस्तेमाल: मैनुअल कार में सड़क और गति के अनुसार सही गियर का इस्तेमाल करना भी ईंधन दक्षता के लिए महत्वपूर्ण है।
ईंधन बचाने का सही तरीका क्या है?
सुबह के समय पेट्रोल भरवाने से मिलने वाला कथित घनत्व लाभ इतना कम है कि इसे लेकर समय तय करने की जरूरत नहीं है। वाहन चालक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय ईंधन भरवा सकते हैं।
अगर आप वास्तव में ईंधन की खपत कम करना चाहते हैं, तो सही टायर दबाव, नियमित सर्विसिंग और संतुलित ड्राइविंग जैसी आदतों पर ध्यान देना ज्यादा उपयोगी है। इन उपायों का आपके वाहन की वास्तविक ईंधन दक्षता पर सुबह पेट्रोल भरवाने की तुलना में कहीं अधिक प्रभाव पड़ सकता है।
(मंजू कुमारी)
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi










