Bigg Boss 20: माता-पिता के तलाक पर रो पड़ीं रिति तिवारी, बोलीं- पापा को बहुत वक्त तक थी उम्मीद, लेकिन...
Rhiti Tiwari: ‘बिग बॉस 20’ के घर में रिति तिवारी ने अपनी जिंदगी का ऐसा हिस्सा शेयर किया, जिसे याद करते हुए वह खुद को रोक नहीं पाईं और रोने लगी।आम्रपाली से बातचीत में उन्होंने माता-पिता के अलग होने के दौर की बातें बताईं। रिति ने बताया कि उस समय वह बहुत छोटी थीं और पिता मनोज तिवारी के साथ भी ज्यादा समय नहीं बिता पाती थीं।
8 साल की थीं जब माता-पिता अलग हुए
रिति के मुताबिक, उनके माता-पिता तब अलग हुए थे, जब वह करीब 8 साल की थीं। उस वक्त दोनों अलग-अलग रहने लगे थे। इसके एक साल बाद, जब रिति 9 साल की थीं, उनका तलाक कानूनी तौर पर पूरा हुआ। इस दौरान मनोज तिवारी ने बेटी की कस्टडी अपने पास रखने के लिए कोशिश की थी।
पापा को थी रिश्ते के सुधरने की उम्मीद
रिति ने बताया कि उनके पिता काफी समय तक इस उम्मीद में थे कि शायद दोनों फिर से एक साथ आ जाएं। बचपन में इस पूरे दौर को देखना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि पिता से जब भी मुलाकात होती थी, माहौल काफी भावुक हो जाता था। कई बार दोनों एक-दूसरे को देखकर रोने लगते थे। इस बात को याद करते हुए रिति की आंखों में भी आंसू आ गए।
पिता के साथ बिताती थीं कम वक्त
पिता से मिलने के दौरान रिति उनके साथ ज्यादा समय बिताने की कोशिश करती थीं। उन्होंने बचपन की एक और बात बताते हुए कहा कि वह मनोज तिवारी को अंग्रेजी भी सिखाया करती थीं। इन पुरानी यादों को शेयर करते हुए रिति ने कहा, “उसमें हम कुछ कर ही नहीं सकते थे।”
सुरभि के आने पर खुश हुई थीं रिति
मनोज तिवारी की जिंदगी में सुरभि तिवारी के आने का जिक्र भी रिति ने किया। उन्होंने बताया कि पिता की जिंदगी में सुरभि के आने से वह काफी खुश हुई थीं। रिति ने कहा, “जब उनकी जिंदगी में सुरभि आईं तो मुझसे ज्यादा खुश कोई नहीं था।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे मेरी मां बहुत प्यारी हैं, पर वो भी तो मेरे बाप हैं।”
आम्रपाली ने रिति को संभाला
रिति की बातें सुनकर आम्रपाली दुबे भी भावुक हो गईं। जब रिति रोने लगीं तो आम्रपाली ने उन्हें गले लगाया और उनके आंसू पोछे।
मनोज तिवारी की हैं तीन बेटियां
मनोज तिवारी ने 1999 में रानी तिवारी से शादी की थी। करीब 11 साल बाद दोनों अलग हो गए। रिति दोनों की बेटी हैं। इसके बाद मनोज तिवारी ने 26 अप्रैल 2020 को सुरभि तिवारी से शादी की। उनकी दो बेटियां भी हैं। इस तरह मनोज तिवारी की तीन बेटियां हैं। रिति फिलहाल ‘बिग बॉस 20’ में नजर आ रही हैं।
यह भी पढ़े- बेटी रीति तिवारी की हरकतों पर शर्मिंदा हुए मनोज तिवारी; काजी तौकीर से मांगी माफी?
Nagpur-Mumbai Duranto Express पर पत्थरबाजी, शीशा टूटने से यात्री घायल, रेलवे की चेतावनी- 'ट्रेन पर पत्थर फेंका तो भुगतनी होगी 10 साल की जेल'
भारतीय रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार की रात नागपुर से मुंबई जा रही सुपरफास्ट नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस पर अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा पत्थरबाजी की खतरनाक घटना सामने आई है। इस हमले में ट्रेन की खिड़की का शीशा टूट गया, जिससे कोच के अंदर बैठा एक यात्री मामूली रूप से घायल हो गया। घटना के बाद ट्रेन को वर्धा स्टेशन पर रोका गया और करीब आधे घंटे तक उसकी जांच की गई। जांच के बाद ट्रेन मुंबई के लिए रवाना हो गई। इस बीच, पुलिस जांच कर रही है कि असल में पत्थर किसने फेंके थे।
पिछले साल नवंबर में, एटा जिले के चमन नगरिया गांव में दो गुटों के बीच मोबाइल फोन को लेकर हुए झगड़े की सूचना पर पहुंचे एक पुलिस कॉन्स्टेबल और एक होम गार्ड जवान पर अचानक पत्थरबाजी हुई, जिससे वे घायल हो गए। पुलिस ने बुधवार को बताया कि इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में से दो आरोपियों की पहचान दिलशाद और सलमान के तौर पर हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को गांव में दो गुटों के बीच झगड़ा हो गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी और स्थिति को शांत करने के लिए DIAL-112 की टीम मौके पर पहुंची।
इसे भी पढ़ें: नेतन्याहू ने जेब से क्या निकाला, UN से भागे 77 देश, बैठा रहा भारत!
चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी के खिलाफ रेलवे ने जनता से अपील की
इस साल की शुरुआत में, दक्षिणी रेलवे ने चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी के खिलाफ जनता से एक ज़रूरी अपील जारी की थी। हाल की घटनाओं में यात्रियों की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है और रेल सेवाएं बाधित हुई हैं।
भारतीय रेलवे के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसी गैर-कानूनी हरकतें सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं, क्योंकि चलती ट्रेनों पर फेंके गए पत्थर खिड़की के शीशे तोड़ सकते हैं और बच्चों व बुजुर्गों सहित यात्रियों को गंभीर चोट या स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं। दक्षिणी रेलवे के चेन्नई डिवीजन ने एक बयान में कहा कि रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत पत्थरबाजी एक दंडनीय अपराध है।
अधिनियम की धारा 152 के तहत, नुकसान पहुंचाने के इरादे से ट्रेन पर पत्थर या कोई वस्तु फेंकने पर दस साल तक की जेल या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। इसके अलावा, धारा 154 में यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली हरकतों के लिए जेल और जुर्माने का प्रावधान है। पत्थरबाज़ी रोकने के लिए संवेदनशील जगहों पर पेट्रोलिंग बढ़ाई गई
इन घटनाओं को कम करने के लिए, रेलवे सुरक्षा बल और सरकारी रेलवे पुलिस ने चेन्नई डिवीज़न में संवेदनशील जगहों पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। बयान में कहा गया है कि दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए CCTV और निगरानी के दूसरे तरीकों से निगरानी को और मज़बूत किया गया है।
इसे भी पढ़ें: यकीन नहीं हो रहा, Mushtaq Khan को याद कर भावुक हुए Rajpal Yadav
भारतीय रेलवे ने रेलवे ट्रैक के पास रहने वाले माता-पिता, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे बच्चों और युवाओं को ऐसी हरकतों के गंभीर नतीजों के बारे में समझाएं और जागरूक करें। इन घटनाओं को रोकने और लोगों की जान बचाने के लिए जनता का सहयोग ज़रूरी बताया गया है। लोगों से यह भी कहा गया है कि वे सतर्क रहें और रेलवे ट्रैक के पास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर दें।
Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi
prabhasakshi









