OPINION: बॉलीवुड अपने सबसे 'वफादार' दर्शकों को क्यों भूल गया? तरण आदर्श के साथ एक विशेष विश्लेषण
आज मेरे मन में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है- 'क्या बॉलीवुड मुनाफे की दौड़ में अपने सबसे वफादार दर्शकों को भूल गया है?' एक तरफ जहा 'एनिमल' और 'पठान' जैसी फिल्मों का शोर है, वहीं दूसरी ओर थिएटर की कतार में खड़ा एक छोटा बच्चा खुद को ठगा हुआ महसूस करता है. आज के इस विशेष ओपिनियन पीस में हम गहराई से पड़ताल करेंगे कि क्यों हिंदी सिनेमा से 'बचपन' गायब हो गया है? मशहूर ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श की बेबाक राय और साउथ की 'महा अवतार नरसिंह' जैसी फिल्मों की सफलता के बीच जानिए, क्या बॉलीवुड वाकई अपनी अगली पीढ़ी के दर्शक खो रहा है.
25 की उम्र में इतिहास रचने वाला हीरो, बिना गॉडफादर के चमका सितारा, ऐसे शुरु की ब्लॉकबस्टर परेड
फिल्म इंडस्ट्री में यह आम धारणा है कि बिना गॉडफादर के सफलता पाना बेहद मुश्किल है, लेकिन इस यंग हीरो ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है. बिना किसी गॉडफादर और फिल्मी बैकग्राउंड के उसने छोटे रोल और जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर करियर शुरू किया. दमदार अभिनय और सही फिल्मों के चयन ने उसे लीड हीरो बनाया. देखते ही देखते उसकी फिल्मों ने 100 करोड़ और 300 करोड़ क्लब में एंट्री कर इतिहास रच दिया.चलिए बताते हैं किस एक्टर की बात कर रहे हैं...
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