दमोह में पुलिस कस्टडी में मौत के बाद हंगामा, गुस्साए ग्रामीणों ने किया पथराव, एसडीएम और टीआई घायल
दमोह के गांव हिंडोरिया में ग्रामीणों द्वारा पुलिस पर पथराव करने का मामला सामने आया है। इसमें एक एडीएम और टीआई के घायल होने की खबर है। गुस्साए हुए ग्रामीण को जब सीएसपी और लेडी एसडीओपी ने समझाया तब जाकर वो शांत हुए।
पुलिस पर हुए पथराव के बाद सुरक्षा की दृष्टि से गांव में चार थानों की पुलिस तैनात की गई है। दरअसल यह सब कुछ पुलिस कस्टडी में हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद हुआ। परिजनों का कहना है कि पुलिस कस्टडी में की गई मारपीट की वजह से शिव सिंह की मौत हुई है। यही वजह रही कि पुलिस पर पथराव किया गया।
ग्रामीणों ने जमकर किया हंगामा
जब शिव सिंह का शव पैनल पोस्टमार्टम के बाद दोपहर 3 बजे गांव पहुंचा। तब मौके पर दमोह, पथरिया, पटेरा और हिंडोरिया थाने का पुलिस बल तैनात था। शव देखते ही ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई और पुलिस पर पथराव कर दिया। इस पथराव में दमोह एसडीएम सौरभ गंधर्व और पथरिया टीआई महेंद्र जगेत को चोट आई है। दोनों का बांदकपुर स्वास्थ्य केंद्र में इलाज किया गया। स्थिति बिगड़ती हुई देख पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी और दमोह सीएसपी एचआर पांडे ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की तब जाकर वह शांत हुए। करीब 1 घंटे तक गहमा गहमी की स्थिति बनी रही। उसके बाद अंतिम संस्कार किया जा सका।
जांच समिति गठित
शिव सिंह के परिजन इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इसी को देखते हुए एसपी आनंद कालादगी ने जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बनाने की बात कही। इस कमेटी की जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं पीड़ित परिवार को शासन से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया गया है।
लाइन अटैच 8 पुलिसकर्मी
इस मामले में गांव में हंगामा करने से पहले परिजनों ने ही हिंडोरिया अस्पताल में भी हंगामा किया था। इसके बाद एसपी ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बात की थी। उन्होंने 8 पुलिसकर्मियों एएसआई राजेंद्र मिश्रा, एएसआई रामकुमार सिंह, हेड कांस्टेबल संजय पाठक,अविनाश जाट, देवेंद्र ठाकुर, वीरेंद्र मिश्रा, दीपचंद्र चौधरी और शिवसदन को लाइन अटैच किया है।
क्या है मामला
दरअसल बांदकपुर और हिंडोरिया पुलिस ने हिनौता गांव में जुए के अड्डे पर छापा मारा था। यहां से पुलिस ने शिव सिंह लोधी को पकड़ा था। परिजनों का कहना है कि शिव को कस्टडी में लेने के बाद बुरी तरह से पीटा गया। इसके बाद उन्हें फोन कर बताया गया कि तबीयत खराब होने की वजह से उसे अस्पताल में भर्ती किया है। जब परिजन वहां पहुंचे तो उन्हें शव मिला। इस पर अस्पताल में भी हंगामा मचा था।
MP में गणेश विसर्जन पर मातम, भिंड में कुंवारी नदी में डूबे 3 किशोर
मध्य प्रदेश में गणेश विसर्जन की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब दो अलग-अलग हादसों में दर्दनाक घटनाएं सामने आईं। भिंड जिले में कुंवारी नदी में प्रतिमा विसर्जन के दौरान तीन किशोर गहरे पानी में बह गए।
वहीं दूसरी तरफ झाबुआ जिले में सहेलियों के साथ तालाब गई एक 12 साल की मासूम बच्ची की डूबने से जान चली गई। इन हादसों के बाद दोनों जिलों में शोक की लहर दौड़ गई है।
भिंड की कुंवारी नदी में डूबे 3 दोस्त, परिजनों में चीख-पुकार
पहला हादसा भिंड जिले के ऊमरी थाना इलाके के कनावर गांव में हुआ। यहां कुंवारी नदी के घाट पर गणेश जी की मूर्ति विसर्जित करने गए तीन दोस्त पानी के तेज बहाव में समा गए। डूबे लड़कों में 17 साल का कृष्णा, 16 साल का अभिजीत और 17 साल का मदन शामिल हैं। घटना की खबर मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और परिजन बदहवास होकर नदी किनारे पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
अंधेरा बनने लगा रेस्क्यू में रोड़ा, सुबह फिर शुरू होगी तलाश
हादसे की सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। हालांकि, रात का समय होने और नदी के पास घना अंधेरा छा जाने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में काफी दिक्कतें आईं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गोताखोरों की मदद से रात में काफी तलाश की गई, लेकिन तीनों का कुछ पता नहीं चला। शनिवार सुबह उजाला होते ही बड़े स्तर पर फिर से सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।
नदी किनारे मिलीं 5 जोड़ी चप्पलें, और लोगों के डूबने की आशंका
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नदी के किनारे करीब 5 जोड़ी चप्पलें लावारिस हालत में पड़ी मिली हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि डूबे हुए बच्चों की संख्या तीन से ज्यादा भी हो सकती है। हालांकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि फिलहाल तीन ही किशोरों की गुमशुदगी के नाम सामने आए हैं। एहतियात के तौर पर पुलिस पूरी नदी और आसपास के किनारों पर जांच-पड़ताल कर रही है।
झाबुआ में सहेलियों संग गई 12 साल की मासूम तालाब में समाई
दूसरा हादसा झाबुआ जिले की खवासा चौकी के चापानेर गांव में पेश आया। यहां 12 साल की पुष्पा अपनी सहेलियों के साथ गांव के तालाब में गणेश जी का विसर्जन करने गई थी। विसर्जन के दौरान अचानक पैर फिसलने से पुष्पा गहरे पानी में चली गई। साथ गई बच्चियों के शोर मचाने पर पहुंचे ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर जांच शुरू कर दी है।
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