भोपाल में दिनदहाड़े घर में घुसे बदमाश, 71 वर्षीय बुजुर्ग के सिर पर हथौड़ी से किया हमला, 45 टांके आए, केयरटेकर को भी बनाया बंधक
भोपाल के अवधपुरी थाना क्षेत्र की श्रीराम कॉलोनी में दिनदहाड़े दो बदमाश एक घर में घुस गए। इस दौरान बदमाशों ने घर में मौजूद 71 वर्षीय बुजुर्ग पर हमला कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने इलाके के लोगों को दहला दिया। दोपहर करीब 12 बजे दो संदिग्ध युवक एक मकान में घुस गए। उस समय घर में बुजुर्ग मोहन चौधरी, उनकी पत्नी और केयरटेकर कमला मौजूद थीं। बदमाशों को देखकर मोहन चौधरी ने विरोध किया तो आरोपियों ने उनके सिर पर हथौड़ी से वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया है।
वहीं घटना के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। घर के फर्श और गैलरी में खून के निशान मिले हैं। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
केयरटेकर को बंधक बनाने का आरोप
वहीं परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि बदमाशों ने घर में घुसते ही केयरटेकर कमला को काबू में कर लिया था। बताया गया कि उस समय कमला बुजुर्ग की पत्नी को नहला रही थीं। विरोध होने पर आरोपियों ने मोहन चौधरी पर हमला कर दिया। मोहन चौधरी पन्ना की हीरा खदान से रिटायर्ड कर्मचारी हैं और अपने परिवार के साथ श्रीराम कॉलोनी में रहते हैं। घटना के समय उनका बेटा आनंद नारायण चौधरी नौकरी पर गया हुआ था। वह मैनिट से पीएचडी भी कर रहा है। पुलिस ने केयरटेकर का मोबाइल जब्त कर लिया है और कॉल डिटेल की जांच की जा रही है।
दरअसल अवधपुरी थाना प्रभारी सुरेश मीना के मुताबिक अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि बदमाश लूट के इरादे से आए थे या वारदात के पीछे कोई अन्य वजह थी। पुलिस लूट के प्रयास, आपसी विवाद और प्रॉपर्टी विवाद समेत कई पहलुओं पर जांच कर रही है। घर से कोई सामान ले जाया गया या नहीं इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
वहीं वारदात के बाद श्रीराम कॉलोनी के लोगों में नाराजगी फैल गई। शाम को बड़ी संख्या में रहवासी थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कॉलोनी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े घर में घुसकर हमला होना इलाके की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रत्यक्षदर्शी घनश्यामदास नामदेव ने दावा किया कि घटना के बाद आरोपी कुछ समय तक छत पर मौजूद रहे। उनके मुताबिक वे लोगों को डराने के लिए तलवार और फरसा लहरा रहे थे और पुलिस वाहन का सायरन सुनते ही वहां से भाग निकले। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए दो अलग-अलग टीमें बनाई हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और इलाके के CCTV कैमरों की फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश चल रही है।
दमोह में पुलिस कस्टडी में मौत के बाद हंगामा, गुस्साए ग्रामीणों ने किया पथराव, एसडीएम और टीआई घायल
दमोह के गांव हिंडोरिया में ग्रामीणों द्वारा पुलिस पर पथराव करने का मामला सामने आया है। इसमें एक एडीएम और टीआई के घायल होने की खबर है। गुस्साए हुए ग्रामीण को जब सीएसपी और लेडी एसडीओपी ने समझाया तब जाकर वो शांत हुए।
पुलिस पर हुए पथराव के बाद सुरक्षा की दृष्टि से गांव में चार थानों की पुलिस तैनात की गई है। दरअसल यह सब कुछ पुलिस कस्टडी में हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद हुआ। परिजनों का कहना है कि पुलिस कस्टडी में की गई मारपीट की वजह से शिव सिंह की मौत हुई है। यही वजह रही कि पुलिस पर पथराव किया गया।
ग्रामीणों ने जमकर किया हंगामा
जब शिव सिंह का शव पैनल पोस्टमार्टम के बाद दोपहर 3 बजे गांव पहुंचा। तब मौके पर दमोह, पथरिया, पटेरा और हिंडोरिया थाने का पुलिस बल तैनात था। शव देखते ही ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई और पुलिस पर पथराव कर दिया। इस पथराव में दमोह एसडीएम सौरभ गंधर्व और पथरिया टीआई महेंद्र जगेत को चोट आई है। दोनों का बांदकपुर स्वास्थ्य केंद्र में इलाज किया गया। स्थिति बिगड़ती हुई देख पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी और दमोह सीएसपी एचआर पांडे ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की तब जाकर वह शांत हुए। करीब 1 घंटे तक गहमा गहमी की स्थिति बनी रही। उसके बाद अंतिम संस्कार किया जा सका।
जांच समिति गठित
शिव सिंह के परिजन इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इसी को देखते हुए एसपी आनंद कालादगी ने जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बनाने की बात कही। इस कमेटी की जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं पीड़ित परिवार को शासन से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया गया है।
लाइन अटैच 8 पुलिसकर्मी
इस मामले में गांव में हंगामा करने से पहले परिजनों ने ही हिंडोरिया अस्पताल में भी हंगामा किया था। इसके बाद एसपी ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बात की थी। उन्होंने 8 पुलिसकर्मियों एएसआई राजेंद्र मिश्रा, एएसआई रामकुमार सिंह, हेड कांस्टेबल संजय पाठक,अविनाश जाट, देवेंद्र ठाकुर, वीरेंद्र मिश्रा, दीपचंद्र चौधरी और शिवसदन को लाइन अटैच किया है।
क्या है मामला
दरअसल बांदकपुर और हिंडोरिया पुलिस ने हिनौता गांव में जुए के अड्डे पर छापा मारा था। यहां से पुलिस ने शिव सिंह लोधी को पकड़ा था। परिजनों का कहना है कि शिव को कस्टडी में लेने के बाद बुरी तरह से पीटा गया। इसके बाद उन्हें फोन कर बताया गया कि तबीयत खराब होने की वजह से उसे अस्पताल में भर्ती किया है। जब परिजन वहां पहुंचे तो उन्हें शव मिला। इस पर अस्पताल में भी हंगामा मचा था।
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