हिमाचल में बारिश और आंधी का अलर्ट:एक्टिव होगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस, कल भारी बारिश-बर्फबारी, ओलावृष्टि की चेतावनी, 8 डिग्री तक गिरेगा तापमान
हिमाचल प्रदेश में आज (वीरवार) से मौसम बदलेगा। इससे शिमला, सोलन व सिरमौर को छोड़कर अन्य सभी जिलों में हल्की बूंदाबांदी, आंधी व तूफान चल सकता है। आज रात से वेस्टर्न डिस्टरबेंस (WD) ज्यादा सक्रिय होगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसे देखते हुए कल 9 जिलों में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लाहौल स्पीति, चंबा और कुल्लू जिला की अधिक ऊंची चोटियों पर भारी हिमपात का पूर्वानुमान है, जबकि ऊना, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और बिलासपुर जिलों में तेज बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ आसमानी बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। वहीं मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हमीरपुर जिले में कोल्ड वेव (शीत लहर) की चेतावनी दी गई है, जिससे तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। कई शहरों के अधिकतम तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी। 24 को कमजोर पड़ेगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस IMD के मुताबिक, 24 जनवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ेगा। इस दिन अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ही हल्की बारिश-बर्फबारी के आसार है। 25 जनवरी को पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान है। 26 जनवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस दोबारा सक्रिय होगा। इससे 26 और 27 जनवरी को अच्छी बारिश और बर्फबारी के आसार बन रहे हैं। 3 महीने में सामान्य से 96% कम बारिश मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने बागवानों को लंबे समय से चला आ रहा ड्राइ स्पेल टूटने की आशा जगाई है। इस सर्दी के मौसम में अब तक हिमाचल में बारिश और बर्फबारी बेहद कम दर्ज की गई है। IMD के अनुसार- नवंबर में सामान्य से 96 प्रतिशत कम बारिश, दिसंबर में 99 प्रतिशत और जनवरी में अब तक सामान्य से 94 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
गर्ल्स हॉस्टल से लड़कियां सप्लाई कर रहीं ब्राउन शुगर–ड्रग:बिहार की सबसे बड़ी तस्कर किरन से डील, बोली- मेरे पास 500 लड़कियों का नेटवर्क
आजकल लड़कियां सबसे ज्यादा नशा कर रही हैं, लड़कियों को ही धंधे में उतारिए। वह आसानी से हॉस्टल तक ब्राउन शुगर पहुंचा देंगी। ब्वॉयफ्रेंड के साथ घूमने वाली अधिकतर लड़कियां सफेद पाउडर ले रही हैं। आप तो धंधे का ट्रेंड समझिए और सप्लाई के लिए लड़कियों को तैयार कीजिए। मेरे लिए तो 500 लड़कियां काम कर रही हैं। पैसे कमाने हैं तो लड़कियों की चेन बनाइए, पाउडर तो जितना चाहिएगा मैं दे दूंगी...। बिहार के गर्ल्स हॉस्टल्स में लड़कियों से ब्राउन शुगर सप्लाई करने को लेकर सबसे बड़ी तस्कर किरन ने ये खुलासा किया है, जो भास्कर के खुफिया कैमरे में कैद हुआ है। यह खुलासा भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम की डील के दौरान हुआ है। पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही स्टूडेंट्स के साथ हुई घटना के बाद गर्ल्स हॉस्टल में ब्राउन शुगर की सप्लाई का इनपुट मिला। इसके बाद भास्कर रिपोर्टर ने सप्लायर बनकर कई महिला तस्करों से 1 किलो ब्राउन शुगर की डील की। पढ़िए और देखिए हॉस्टल्स की लड़कियों को नशे की लत लगाकर सप्लायर बनाने की पूरी कहानी… गर्ल्स हॉस्टल में सप्लाई का इनपुट 25 दिसंबर को पटना के करबिगहिया के पास से पुलिस ने दो तस्करों राजू और मनीष को गिरफ्तार किया। दोनों से 22.84 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पता चला कि सूखा नशा लड़कियों के जरिए गर्ल्स हॉस्टल में सप्लाई करवाना था। पुलिस की जांच में पता चला कि तस्कर ब्राउन शुगर असम से लाते हैं और यहां डीलर्स के हाथों मार्केट में बिकवाते हैं। इधर शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET स्टूडेंट के साथ हुई घटना के बाद भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने हॉस्टल से नशे के कनेक्शन का पूरा नेटवर्क खंगाला शुरू किया। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को काफी छानबीन के बाद बड़े तस्कर सुरेंद्र का मोबाइल नंबर मिला। सुरेंद्र ही असम से माल पटना लाता है। यहां से वह महिला एजेंट्स को माल देता है, जो गर्ल्स हॉस्टल से लेकर कोचिंग सेंटर्स के आसपास सप्लाई करती हैं। सुरेंद्र को एक सप्ताह तक ट्रेस किया गया, लेकिन वह मिलने को तैयार नहीं हुआ। भास्कर रिपोर्टर एजेंट बनकर लगातार मोबाइल पर बातचीत करते रहे। बातचीत के दौरान ही सुरेंद्र ने एजेंट बनकर रिपोर्टर को इस धंधे में शामिल होने का ऑफर दिया। मोबाइल पर बातचीत के दौरान सुरेंद्र ने सूखे नशे की तस्करी के कई राज खाेले। सुरेंद्र के मुताबिक माल म्यांमार से बड़े डीलर लाते हैं। कभी-कभी वह भी असम से माल पटना लाता है। पटना सूखे नशे का बड़ा हब है, यहीं से ही पूरे बिहार में इसकी सप्लाई होती है। सुरेंद्र ने ट्रेन से हेरोइन की तस्करी का खुलासा किया। सुरेंद्र के मुताबिक अलग-अलग वेंडर माल पटना से इधर-उधर ले जाते हैं। सुरेंद्र से बातचीत के दौरान हमें पटना की रहने वाली लेडी तस्कर काजल का इनपुट मिला। जब सुरेंद्र से काजल के बारे में पूछा गया तो उसने कहा, मेरे पास लड़कियों का नेटवर्क है। आप मिल लीजिए काम आसान हो जाएगा। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम काजल का सुराग लगाने में जुट गई। लगातार 3 दिनों की पड़ताल के बाद काजल और उसके ठिकाने की जानकारी मिल गई। इन्वेस्टिगेशन के दौरान कुछ और डीलर भी संपर्क में आईं। काजल की पड़ताल और संपर्क में आई अन्य लेडी तस्करों से बातचीत में यह बात साफ हो गई कि महिलाएं पूरे ड्रग नेटवर्क को डील कर रही हैं। काजल से बातचीत के दौरान टीम को इनपुट मिला कि पटना के मीठापुर, कंकड़बाग और राजेंद्र नगर के आसपास के इलाकों में ब्राउन शुगर सप्लाई करने वाली महिलाओं का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। इनपुट मिला कि इन इलाकों में सबसे अधिक हॉस्टल और कोचिंग सेंटर्स हैं, इसलिए इस एरिया में सबसे ज्यादा मादक पदार्थों की सप्लाई हो रही है। टीम इन इलाकों में पड़ताल कर रही थी कि गर्दनीबाग रोड नंबर 15 के पास ब्राउन शुगर सप्लाई करने वाली उर्मिला का इनपुट मिला। रिपोर्टर एजेंट बनकर उर्मिला के पास पहुंचे। उर्मिला चाय की दुकान चलाती है। रिपोर्टर जब उसके पास पहुंचा तो वह पास में ही पुलिया पर बैठी हुई थी। उसके पास लड़के आ रहे थे और पैसे देकर पुड़िया ले रहे थे। काफी देर तक हम दूर से उर्मिला को वॉच कर रहे थे। उर्मिला हाथ में रखे काले प्लास्टिक से सफेद कागज में लिपटी ब्राउन शुगर की पुड़िया निकालकर दे रही थी। रिपोर्टर - दीदी बीएस (ब्राउन शुगर) चाहिए था उर्मिला - कितना वाला चाहिए। रिपोर्टर - बढ़िया वाला माल चाहिए, पैसे की दिक्कत नहीं है। उर्मिला - 500 रुपए वाला ले लीजिए, अच्छा होगा। रिपोर्टर - हमको ज्यादा माल चाहिए, अपने जगह पर बेचना है। उर्मिला - कितना पुड़िया चाहिए। रिपोर्टर - एक पुड़िया में कितना माल रहता है। उर्मिला - 5 ग्राम की एक पुड़िया है। रिपोर्टर - कुछ कम कर दीजिए, हमको बेचने में क्या बचेगा। उर्मिला - बढ़ा कर बेच लीजिए, माल अच्छा है। रिपोर्टर - अभी कितना माल हो जाएगा। उर्मिला - आप एक घंटे बाद आइए, आपको माल गिन कर निकाल कर रख देंगे। रिपोर्टर - पैसा कितना लगेगा। उर्मिला - पैसा कम नहीं होगा, माल अच्छा है। (उर्मिला ने माल दिखाते हुए कहा कि आप आइए हम यहीं माल गिनकर रख देंगे। रिपोर्टर पैसा लेकर आने की बात कह कर वहां से चला गया) मीठापुर सब्जी मंडी के पास ड्रग तस्कर शंभू का इनपुट मिला। इनपुट के बाद जब हम मीठापुर सब्जी मंडी पहुंचे तो एक अंडे की दुकान पर लोगों की गतिविधियां संदिग्ध दिखीं। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला मंजू अंडे की दुकान चलाती है, चायश् की दुकान से ही वह ड्रग्स की सप्लाई करती है। हम दूर से महिला को वॉच करने लगे। देखा कि महिला अंडे की दुकान से ड्रग्स की पुड़िया भी दे रही थी। पड़ताल में पता चला कि मंजू का पति शंभू दुकान के बाहर बैठ कर सारी डीलिंग करता है। रिपोर्टर महिला के पास पहुंचा, लेकिन बाहर बैठे शंभू ने पहले रोक लिया। रिपोर्टर - हमको ज्यादा माल चाहिए बेचना है। शंभू - कब चाहिए। रिपोर्टर - जब आपके पास हो हमको दे दीजिए, लेकिन रेट सही लगा दीजिए। शंभू - हम तो अभी ही 50 से 60 पुड़िया दे देंगे, लेकिन पैसा कम नहीं होगा। रिपोर्टर - बेचना है, थोड़ा तो कम कीजिए। शंभू - आप पैसा बढ़ा कर बेच लीजिए, माल अच्छा है तो दाम मिलेगा। रिपोर्टर - कुछ कम कीजिए हमेशा ले जाते हैं, इस बार तो धंधे के लिए ले जा रहे हैं। शंभू - ठीक है, 5 रुपए एक पुड़िया पर कम दे दीजिएगा, बोलिए गिन दें। रिपोर्टर - ठीक है। शंभू - रुकिए यहीं (दुकान के पीछे पुड़िया गिनने चला गया) रिपोर्टर - दीदी हम हमेशा आते है, कुछ कम करा दीजिए (मंजू से बात करते हुए) मंजू - कर ही दिए वो उतना देना ही होगा। रिपोर्टर - बचेगा क्या हमको आप ही बताइए। मंजू - सब 100 में ले जाता है, 150 में बेचता है। (इस बीच शंभू काले पॉलिथीन में 50 पुड़िया ब्राउन शुगर लेकर आ गया) शंभू - ले लीजिए अभी 50 पीस है, बाकी जितना चाहिए मिल जाएगा। (ATM से पैसा निकालने की बात कहकर रिपोर्टर वहां से निकल गया) कई एजेंट और ड्रग तस्करों से डील के बाद आखिरकार हमें बिहार की बड़ी महिला तस्कर किरन का सुराग लगा। कई दिनों की पड़ताल के बाद हम किरन के पास पहुंचे और ब्राउन शुगर को लेकर पूरी डील की। वह एक बार में एक किलो ब्राउन शुगर देने को तैयार हो गई। हालांकि किरन तक पहुंचने में हमें बहुत मशक्कत करनी पड़ी। घर के पास पहुंचकर एक बच्चे से किरन को घर से बुलाने को कहा, इसके बाद किरन बाहर मिलने को तैयार हो गई। किरन - कौन भेजा है? रिपोर्टर - हम परसो भी आए थे, हमको ज्यादा माल चाहिए, रेट सही लगा दीजिए। किरन - हम 400 रुपए में देते है, जो भेजा है उससे पूछ लीजिएगा। रिपोर्टर - हमको ले जाकर बेचना है, हमको भी तो दो पैसा मिलना चाहिए। किरन - ज्यादा लीजिएगा तो कुछ कम कर के लगा देंगे। रिपोर्टर - कितना तक लगा दीजिएगा। किरन - देखिए हम 400 में 2 ग्राम का पुड़िया बेचते हैं, आप कितना लीजिएगा। रिपोर्टर - रेट लगा दीजिए, बाकी हमेशा माल जाएगा। किरन - ठीक है हम आपको 350 में दे देंगे, उससे कम नहीं हो पाएगा। रिपोर्टर - कहा का माल है। किरन - आरा वाला पार्टी लाकर देता है। रिपोर्टर - माल सही है ना? किरन - आप एक ले जाइए, पीकर देखिए फिर बोलिएगा (एक पुड़िया देते हुए) रिपोर्टर - इसको ले जाने पर बाहर कोई दिक्कत तो नहीं होगी। किरन - ना ना कोई दिक्कत नहीं है, अगर कोई पूछेगा तो बोल दीजिएगा मिलने गए थे। (रिपोर्टर के बहुत कहने पर किरन ने ब्राउन शुगर की पुड़िया खोलकर चेक करवाई। रिपोर्टर बाद में आ कर ले जाने की बात कह कर वहां से वापस आ गया) किरन से डील करने के बाद दूसरे दिन फिर रिपोर्टर किरन से फाइनल डील के बहाने पहुंचा। रिपोर्टर जब किरन के घर पहुंचा तो वह नहीं थी। घर में किरन की बेटी से मुलाकात हुई। बातचीत में ऐसा लगा कि किरन ने ड्रग्स तस्करी के धंधे में अपनी बेटी को भी लगा दिया है। बेटी ने किरन से रिपोर्टर की बात कराई। फोन पर किरन से फाइनल डील हुई। रिपोर्टर ने 500 टेबलेट देने की बात कही, किरन ने एक घंटे बाद माल लेने के लिए बुलाया। रिपोर्टर - डर लग रहा है, कहीं कोई दिक्कत तो नहीं होगी। किरन - डरने की जरूरत नहीं, बोल देंगे आप परिवार के हैं। रिपोर्टर - और क्या क्या बेचती हैं? किरन - कुछ नहीं, सिर्फ बीएस है। रिपोर्टर - हमको 500 कैप्सूल चाहिए। किरन - आपको कहा बेचना है। रिपोर्टर - हमको लड़की सब को बेचना है, कोचिंग और हॉस्टल में। किरन - ठीक है तब वहां के लिए आपको 350 के बदले 320 लगा देंगे। रिपोर्टर - ठीक है दे दीजिए। किरन - पैसा कैसे देंगे? रिपोर्टर - कुछ कैश और कुछ ऑन लाइन दे देंगे। किरन - आइए कुछ देर में, यहां सीधे बोलिएगा की किरन दीदी से मिलना है। रिपोर्टर - पुलिस से डर लगता है। किरन - अरे हम भी खुलेआम नहीं बेचते हैं, सिर्फ जान पहचान के लोगों को देते हैं। रिपोर्टर - मार्केट में इसको कैसे बेचा जाए, कुछ प्लान बताइए। किरन - 500 रुपए में बिकेगा 400 में भी बेच सकते है, लेकिन आप 500 से कम में नहीं बेचिएगा। किरन ने दिया महिला एजेंट का प्लान डील के दौरान ही किरन ने महिला और लड़कियों से ड्रग्स की डिलिवरी का प्लान बताया। किरन ने दावा किया कि उसके पास 500 से अधिक लड़कियां और महिलाएं हैं जो इस धंधे में उसके लिए काम करती हैं। किरन ने खुलासा किया कि उसका सबसे अधिक माल गर्ल्स हॉस्टल और कोचिंग के आसपास बिकता है। किरन के मुताबिक आजकल लड़कियां बड़े पैमाने पर ड्रग्स ले रही हैं। रिपोर्टर - कोई लड़की या महिला मिल जाएगी इसको बेचने के लिए। किरन - बहुत है मेरे पास, लेकिन वहां नहीं जाएगी सब। रिपोर्टर - हम रखवा देंगे कहीं। किरन - ये दारू की भी सप्लाई करती हैं, इसलिए वहां नहीं जाएगी। यहां बिकवाना है तो बोलिए। रिपोर्टर - हम पैसा देंगे। किरन - अरे लड़की सब को माल बेचने में कोई दिक्कत नहीं है। रिपोर्टर - लड़की सब को लड़की से माल लेने में कोई दिक्कत नहीं होती है। किरन - आपके तरफ कोई अनजान लड़की नहीं है, उसी से बिकवाइए। रिपोर्टर - वही तो नहीं मिल रही। किरन - जो लड़की पीती है ना उसी सब से बात कीजिए वो सब सेट कर देगी। रिपोर्टर - कैसे करे धंधा? किरन - आप वहां खुलेआम हॉस्टल की लड़कियों को 500 में बेच सकते है। रिपोर्टर - यहां पीने वाली लड़की सब आती है या नहीं? किरन - खूब आती हैं सब। रिपोर्टर - उसी सब से सेटिंग करा दीजिए। किरन - वो सब आती है और माल लेकर चली जाती है, अकेल नहीं रहती हैं। रिपोर्टर - क्यों, साथ में कौन रहता है? किरन - सब के साथ उसका बॉयफ्रेंड सब रहता है, सब साथ आता है लेकर साथ में पीता है। रिपोर्टर - अच्छा। किरन - अकेले सब आती तो हम पूछ ही लेते। (रिपोर्टर पैसा का अरेंजमेंट करने का बहाना कर निकल गया) 100 का ब्राउन शुगर लेकर 150 में बेच रहे भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि 100 का ब्राउन शुगर लेकर एजेंट एक ही शहर में 150 रुपए का बेच रहे हैं। कई एजेंट्स 320 में देकर 500 रुपए में बेचने का दावा कर रहे हैं। लड़कियों को सबसे अधिक टारगेट किया जा रहा है। नशीले पदार्थ बिहार के बाहर से अलग-अलग रास्तों से सप्लाई किए जा रहे हैं। ब्राउन शुगर की डिमांड काफी बढ़ गई है। इस नशे के शिकार हर वर्ग के लोग हैं, लेकिन युवा लड़के और लड़कियां ज्यादा संख्या में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। ऑपरेशन डर्टी हॉस्टल पार्ट-3 में देखिए एजेंट्स हॉस्टल में कैसे तैयार कर रहे हैं कॉल गर्ल्स
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