Attica Gold पर ED का एक्शन, चोरी का सोना खरीदने के आरोप में 16 ठिकानों पर तलाशी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने बेंगलुरु स्थित एक आभूषण कंपनी के खिलाफ धन शोधन जांच के तहत कई राज्यों में छापेमारी की और 7.52 लाख रुपये नकद जब्त किए। एजेंसी का आरोप है कि यह कंपनी चोरी का सोना खरीदने के काम में ‘‘लगातार शामिल’’ रही है। ईडी ने एक बयान में कहा कि बेंगलुरु स्थित अटिका गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मामले में दो दिन तक तलाशी की कार्रवाई 24 सितंबर को पूरी हुई।
यह कार्रवाई बेंगलुरु (कर्नाटक), चेन्नई (तमिलनाडु), हैदराबाद (तेलंगाना) और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) में स्थित 16 परिसरों में की गई। यह कार्रवाई उन आरोपों के आधार पर की गई कि कंपनी चोरी के सोने के जेवरात खरीदने और हासिल करने के काम में लगातार शामिल थी। एजेंसी ने कहा कि कंपनी, उसके शेयरधारकों और निदेशकों ने अपने करीबी लोगों, परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के माध्यम से अपराध से अर्जित धन जमा किया।
धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ईडी का मामला पुलिस की कई प्राथमिकी पर आधारित है। एजेंसी ने कहा कि निदेशालय द्वारा आरोपियों की धन शोधन गतिविधियों और प्रक्रियाओं के संबंध में जुटाई गई विभिन्न सत्यापन योग्य जानकारियों से इन आरोपों को ‘‘और बल मिला।’’ एजेंसी ने कहा कि उसने कंपनी के निदेशकों, पूर्व निदेशकों, शेयरधारकों, मुख्यालय और शाखाओं समेत कुछ अन्य परिसरों की भी तलाशी ली। आरोप है कि छापेमारी के दौरान कंपनी के अधिकारी ‘‘फरार रहे’’ और उन्होंने अपने कर्मचारियों को भी ‘‘उपलब्ध न रहने’’ के निर्देश दिए।
एजेंसी ने तलाशी के दौरान कुछ विदेशी मुद्रा, सोने-चांदी की वस्तुओं के अलावा 7.52 लाख रुपये नकद जब्त किए।
विपक्ष की आलोचनाओं से नहीं पड़ता फर्क, DMK पर सवाल जारी रहेंगे: Vijay
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा कि उनकी ‘‘मोटी चमड़ी’’ के कारण विपक्ष, खासकर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की आलोचनाओं का उन पर कोई असर नहीं होता और वह बेझिझक उसके पुराने रिकॉर्ड पर लगातार सवाल उठाते रहेंगे। मुख्यमंत्री विजय छह अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए मदुरांतकम सीट से अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के उम्मीदवार मरगतम कुमारवेल के लिए प्रचार कर रहे थे। टीवीके प्रमुख ने द्रमुक की उस रणनीति पर भी निशाना साधा, जिसमें उनकी आलोचनाओं को पुराना बताकर खारिज किया जाता है।
उन्होंने दावा किया कि द्रमुक यह मानकर चलती है कि युवा पीढ़ी 50 साल पुराने भ्रष्टाचार के मामलों से अनजान है और इसी वजह से वह अपनी ‘‘बेदाग छवि’’ बनाए रखने में सफल रही है। विजय ने कहा, ‘‘जब मैं ये पुराने मामले उठाता हूं, तो वे हमारे खिलाफ घटिया और मानहानिकारक हमले करने लगते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्या आपने ‘मोटी चमड़ी’ वाला मुहावरा सुना है? दुनिया में इसका सबसे बड़ा उदाहरण मैं हूं।
इस क्षेत्र में आने से पहले मैंने 30-35 साल तक बहुत कुछ देखा है। इसलिए इनमें से कुछ भी मेरे लिए नया नहीं है। बल्कि मुझे लगता है कि यह भी काफी नहीं है और मैं इससे भी ज्यादा की उम्मीद करता हूं।
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