Dr Virendra Kumar और Rekha Gupta ने दिल्ली में 62 दिव्यांग प्रतिभाओं को किया सम्मानित
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने शुक्रवार को कहा कि समाज में दिव्यांगजनों की क्षमताओं को पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब दिव्यांगजनों को समान अवसर और आवश्यक सहयोग मिलता है, तो वे अपनी प्रतिभा के बल पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हैं। कुमार ने यह टिप्पणी दिल्ली सरकार द्वारा तालकटोरा स्टेडियम में दिव्यांगजनों की उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित एक एक विशेष कार्यक्रम में की।
इस कार्यक्रम में कुमार और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 62 व्यक्तियों, संस्थाओं और संगठनों को सम्मानित किया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का नाम ‘एक शाम दिव्यांगजन के नाम’ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा’ केवल सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सम्मान, संवेदना, समान अवसर और आत्मनिर्भरता की भावना का नाम है।
उन्होंने कहा, “दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियां समाज के लिए प्रेरणा हैं। ऐसे कार्यक्रम उनकी उपलब्धियों को पहचान देने के साथ-साथ समाज में उनके प्रति सम्मान और समावेश की भावना को और मजबूत करते हैं।” गुप्ता ने कहा कि कार्यक्रम में शामिल प्रत्येक दिव्यांगजन की अपनी एक प्रेरणादायक कहानी है। एक बयान के अनुसार, कार्यक्रम में 178 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण और आवश्यक किट भी वितरित किए गए।
बयान में कहा गया कि कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को सामने लाना तथा जनभागीदारी के माध्यम से समान अवसर, गरिमा, सहयोग और सशक्तीकरण को बढ़ावा देना था। सम्मानित किए गए लोगों में आईएएस अधिकारी, कंपनियों और बैंकों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत व्यक्ति, पैरालंपिक पदक विजेता, अंतरराष्ट्रीय स्तर के दृष्टिबाधित क्रिकेट खिलाड़ी तथा कला, शिक्षा, सामाजिक सेवा और पुनर्वास के क्षेत्र में काम करने वाले लोग शामिल थे। दिव्यांगजनों के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए काम करने वाले संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों को भी सहायता, पुनर्वास और सामाजिक सहयोग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
बयान में कहा गया कि कार्यक्रम में ‘मैं सक्षम हूं’ विषय के तहत पैरा एथलेटिक्स, पैरा शूटिंग, पैरा बैडमिंटन, पैरा टेबल टेनिस, पैरा तीरंदाजी, कला, नृत्य और अभिनय, उद्यमिता, सामाजिक उद्यमिता, पर्वतारोहण, शिक्षा, समावेशन, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक सेवा और पुनर्वास के क्षेत्र में उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। इसमें कहा गया कि 178 लाभार्थियों को व्हीलचेयर, वॉकर, व्हीलचेयर-कम-कमोड, श्रवण यंत्र, चश्मे, सिलिकॉन फोम कुशन, स्पाइनल सपोर्ट बेल्ट, और सर्वाइकल कॉलर समेत अन्य सहायक उपकरण और किट प्रदान किए गए। प्रतिभागियों को विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) कार्ड के लिए आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।
Attica Gold पर ED का एक्शन, चोरी का सोना खरीदने के आरोप में 16 ठिकानों पर तलाशी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने बेंगलुरु स्थित एक आभूषण कंपनी के खिलाफ धन शोधन जांच के तहत कई राज्यों में छापेमारी की और 7.52 लाख रुपये नकद जब्त किए। एजेंसी का आरोप है कि यह कंपनी चोरी का सोना खरीदने के काम में ‘‘लगातार शामिल’’ रही है। ईडी ने एक बयान में कहा कि बेंगलुरु स्थित अटिका गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मामले में दो दिन तक तलाशी की कार्रवाई 24 सितंबर को पूरी हुई।
यह कार्रवाई बेंगलुरु (कर्नाटक), चेन्नई (तमिलनाडु), हैदराबाद (तेलंगाना) और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) में स्थित 16 परिसरों में की गई। यह कार्रवाई उन आरोपों के आधार पर की गई कि कंपनी चोरी के सोने के जेवरात खरीदने और हासिल करने के काम में लगातार शामिल थी। एजेंसी ने कहा कि कंपनी, उसके शेयरधारकों और निदेशकों ने अपने करीबी लोगों, परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के माध्यम से अपराध से अर्जित धन जमा किया।
धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ईडी का मामला पुलिस की कई प्राथमिकी पर आधारित है। एजेंसी ने कहा कि निदेशालय द्वारा आरोपियों की धन शोधन गतिविधियों और प्रक्रियाओं के संबंध में जुटाई गई विभिन्न सत्यापन योग्य जानकारियों से इन आरोपों को ‘‘और बल मिला।’’ एजेंसी ने कहा कि उसने कंपनी के निदेशकों, पूर्व निदेशकों, शेयरधारकों, मुख्यालय और शाखाओं समेत कुछ अन्य परिसरों की भी तलाशी ली। आरोप है कि छापेमारी के दौरान कंपनी के अधिकारी ‘‘फरार रहे’’ और उन्होंने अपने कर्मचारियों को भी ‘‘उपलब्ध न रहने’’ के निर्देश दिए।
एजेंसी ने तलाशी के दौरान कुछ विदेशी मुद्रा, सोने-चांदी की वस्तुओं के अलावा 7.52 लाख रुपये नकद जब्त किए।
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