चेस ओलिंपियाड: उज्बेकिस्तान से हारा भारत:सातवें स्थान पर खिसका; विमेंस टीम तीसरे नंबर पर
समरकंद में चल रहे 46वें चेस ओलिंपियाड के छठे राउंड में भारतीय ओपन टीम को उज्बेकिस्तान से 1.5-2.5 से हार मिली। इस हार के बाद भारत 10 अंकों के साथ सातवें स्थान पर खिसक गया। वहीं, महिला टीम ने अमेरिका को 3-1 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। तीन बोर्ड पर ड्रॉ, निहाल की गलती से उज्बेकिस्तान ने जीता मैच भारत और उज्बेकिस्तान के बीच तीन बोर्ड पर मुकाबले ड्रॉ रहे। तीसरे बोर्ड पर निहाल सरीन और नोडिरबेक याकुब्बोएव का मुकाबला निर्णायक रहा। निहाल के पास शुरुआत में समय और स्थिति दोनों में बढ़त थी, लेकिन 38वें मूव में उन्होंने क्वीन गंवा दी। याकुब्बोएव ने इस गलती का फायदा उठाया और मुकाबला अपने नाम कर लिया। उनकी जीत से उज्बेकिस्तान ने भारत को 2.5-1.5 से हराया और 12 अंकों के साथ टूर्नामेंट में अकेले टॉप पर पहुंच गया। पांच जीत के बाद भारत को पहली हार भारत ने छठे राउंड से पहले लगातार पांच मुकाबले जीते थे। टीम 10 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर थी। उज्बेकिस्तान से हार के बाद भारत सातवें स्थान पर पहुंच गया। चीन और आर्मेनिया 11-11 अंकों के साथ उसके ऊपर हैं। साविता-वंतिका की जीत से महिला टीम की वापसी महिला टीम ने अमेरिका के खिलाफ 3-1 से जीत दर्ज की। साविता श्री और वंतिका अग्रवाल ने भारत के लिए जीत हासिल की, जबकि दो मुकाबले ड्रॉ रहे। इस जीत से भारतीय टीम 10 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गई। चीन-कजाकिस्तान की बराबरी, दोनों के 12 अंक महिला सेक्शन में चीन और कजाकिस्तान 12-12 अंकों के साथ टॉप पर हैं। भारत उनसे दो अंक पीछे है। पांचवें राउंड में पोलैंड से हार के बाद भारतीय टीम आठवें स्थान पर खिसक गई थी। ---------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… रिजवान को PCB ने मीडिया से बात करने से रोका:सट्टेबाजी-जुए की जांच पर सफाई देना चाहते थे; दो बार मांगी अनुमति, दोनों बार इनकार पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने पूर्व कप्तान और विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को मीडिया से बात करने से रोका है। रिजवान ने पिछले सप्ताह दो बार बोर्ड से मीडिया से बात करने की इजाजत मांगी थी। दोनों बार उनकी मांग ठुकरा दी गई। रिजवान का कहना था कि मामले को लेकर काफी भ्रम और अटकलें हैं। पूरी खबर
नेशनल फिल्म अवॉर्ड में कार्तिक-यामी बेस्ट एक्टर-एक्ट्रेस:KGF अभिनेता को दादासाहेब फाल्के; 72 साल में अवॉर्ड्स 7 से बढ़कर 45 हुए
कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ और ममूटी को ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट एक्टर का पुरस्कार दिया गया। यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया। सेरेमनी गुजरात के एकता नगर (केवडिया) में मंगलवार को हुई। विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई को हुई थी। ‘श्रीकांत’ को बेस्ट हिंदी फिल्म और ‘आर्टिकल 370’ को बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड मिला। तमिल स्टार धनुष को दो कैटेगरी में नेशनल अवॉर्ड दिया गया। एक्टर अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड 2024 दिया गया। उन्होंने कन्नड़, तेलगु और हिंदी समेत 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। राष्ट्रपति बोलीं- फेमस स्टार हानिकारक चीजों का प्रचार न करें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा- मैं चाहूंगी कि प्रत्येक ज्यूरी पैनल में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। फिल्म कलाकार बहुत लोकप्रिय होते हैं, उनमें देशवासियों विशेषकर युवाओं को प्रभाविक करने की क्षमता होती है। मैं ये अनुरोध करना चाहूंगी कि लोकप्रिय कलाकार स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का एंडोर्समेंट न करें। स्टार वही है, जो रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं। अनंत नाग बोले- पापी पेट के लिए करियर शुरू किया था सम्मान मिलने के बाद अनंत नाग बोले- एक एक्टर के तौर पर आपने मेरी परफॉर्मेंस देखी है। मैंने बचपन के 12 साल आश्रम में गुजारे। इसके बाद मुझे मुंबई भेजा गया, जहां मुझे प्ले चैतन्य महाप्रभु में एक्टिंग का मौका मिला। उस समय करियर क्या होता है किसी को नहीं पता था। पापी पेट के लिए करियर शुरू किया और फिर 5 सालों में 50 प्ले किए। आखिरी 50 साल मुझे कई अलग भाषाओं की फिल्मों में काम करने के लिए बुलाया गया। मैंने दूसरी भाषाओं की भी फिल्में कीं, लेकिन कर्नाटक और कन्नड़ फिल्मों में मुझे सबसे बड़े मौके मिले। भास्कर से बोले कार्तिक आर्यन- अनरियल फीलिंग, एक्सप्रेस नहीं कर पा रहा अवॉर्ड मिलने के बाद कार्तिक आर्यन ने भास्कर से कहा- मैं बहुत खुश हूं, पूरी फैमिली के साथ हूं, बहुत इमोशनल मूमेंट है। अनरियल फीलिंग है, एक्सप्रेस नहीं कर पा रहा हूं। 72 साल में 7 से 45 अवॉर्ड साल 1954 में नेशनल फिल्म अवॉर्ड सिर्फ 7 पुरस्कारों से शुरू हुए थे, अब 72 साल बाद 45 पुरस्कार दिए गए। इनमें 26 फीचर फिल्म, 16 नॉन-फीचर फिल्म, 2 सिनेमा पर लेखन और 1 दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड शामिल है। ₹3 लाख तक पहुंची प्राइज मनी नेशनल फिल्म अवॉर्ड में पहले सिर्फ गोल्ड मेडल और मेरिट सर्टिफिकेट मिलते थे। 1957 में पहली बार नकद पुरस्कार शुरू हुआ, तब निर्देशक को ₹5 हजार और निर्माता को ₹20 हजार मिले। 1975 में बेस्ट एक्टर-एक्ट्रेस को पहली बार ₹10 हजार मिले, जो अब बढ़कर ₹3 लाख हो चुके हैं। वहीं, 1969 में शुरू हुए दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड की नकद राशि ₹11 हजार से बढ़कर अब ₹10 लाख हो गई है। नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी के पल-पल के अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…
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