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UP में TGT-PGT भर्ती कैंडिडेट्स का आंदोलन जारी, शिक्षा निदेशालय बना पुलिस छावनी

यूपी में TGT-PGT भर्ती को लेकर कैंडिडेट्स का विरोध तेज हो गया है. कैंडिडेट्स ने अब प्रदर्शन शिक्षा निदेशालय परिसर में शुरू कर दिया है. साथ ही मांगें माने जाने तक प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है.

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Ganesh Chaturthi 2026: लालबागचा राजा से GSB तक इन गणपति पंडालों की भव्यता है खास, मुंबई-पुणे के मंडलों पर टिकी सबकी नजर

Mumbai Richest Ganpati 2026: गणेश उत्सव में देशभर के अलग-अलग शहरों में बप्पा के भव्य पंडाल सजते हैं, लेकिन मुंबई और पुणे के कुछ गणपति मंडल अपनी खास सजावट, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कीमती आभूषणों के कारण हर साल चर्चा में रहते हैं। इनमें जीएसबी सेवा मंडल से लेकर लालबागचा राजा और दगडूशेठ हलवाई गणपति तक कई नाम शामिल हैं।

इन गणपति मंडलों की खासियत सिर्फ भव्य सजावट नहीं है। कहीं बप्पा को सोने-चांदी के आभूषणों से सजाया जाता है, तो कहीं बड़े स्तर पर धार्मिक आयोजन होते हैं। 2026 में मुंबई के जीएसबी सेवा मंडल ने तो गणेशोत्सव से जुड़ी संपत्ति और आभूषणों के लिए ₹703.27 करोड़ का बीमा कवर लिया है।  

1. जीएसबी सेवा मंडल गणपति, मुंबई
मुंबई के किंग्स सर्कल में स्थापित जीएसबी सेवा मंडल गणपति अपनी भव्यता के लिए देशभर में जाना जाता है। इस साल बप्पा को 66 किलो से ज्यादा सोने और करीब 335 किलो चांदी के आभूषणों से सजाया जा रहा है। इसी कीमती सजावट और उत्सव से जुड़ी संपत्ति के चलते 2026 में मंडल ने ₹703.27 करोड़ का बीमा कवर लिया है।

जीएसबी सेवा मंडल गणपति, मुंबई

2. दगडूशेठ हलवाई गणपति, पुणे
पुणे का श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति महाराष्ट्र के सबसे प्रसिद्ध गणपति स्थलों में गिना जाता है। यहां हर साल गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। 2026 में मंडल ने वृंदावन के प्रेम मंदिर से प्रेरित भव्य पंडाल तैयार किया है, जिसे करीब 200 कारीगरों ने चार महीने में तैयार किया।

मंडल ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए इस साल ₹50 करोड़ का बीमा कवर भी लिया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है।

दगडूशेठ हलवाई गणपति, पुणे

3. लालबागचा राजा, मुंबई
मुंबई का लालबागचा राजा गणेश उत्सव के सबसे लोकप्रिय नामों में से एक है। इसे मनोकामना पूरी करने वाले गणपति के रूप में भी काफी श्रद्धा से देखा जाता है। हर साल यहां दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

लालबागचा राजा को मिलने वाले चढ़ावे में सोने-चांदी की चीजें भी शामिल रहती हैं। अलग-अलग वर्षों में यहां भक्तों की ओर से सोने की मूर्तियां, चांदी के सामान, आभूषण और दूसरी कीमती वस्तुएं चढ़ाई गई हैं।

लालबागचा राजा, मुंबई

4. अंधेरीचा राजा, मुंबई
मुंबई के अंधेरी इलाके का अंधेरीचा राजा भी अपने अलग अंदाज और भव्य आयोजन के लिए जाना जाता है। इस गणपति मंडल की एक खास पहचान हर साल तैयार होने वाली थीम और सजावट रही है। पुराने रिकॉर्ड्स में यहां कीमती आभूषणों और सुरक्षा के लिए बीमा कवर का भी जिक्र मिलता है।

अंधेरीचा राजा की एक और खास बात यह है कि इसका विसर्जन बाकी कई प्रमुख गणपति मंडलों से अलग समय पर होता है। यही वजह है कि मुंबई के गणेश उत्सव में इसका अपना अलग स्थान है।

अंधेरीचा राजा, मुंबई

5. गणेश गली का मुंबईचा राजा
लालबाग इलाके में स्थित मुंबईचा राजा भी मुंबई के पुराने और प्रसिद्ध गणपति मंडलों में शामिल है। यहां हर साल बप्पा की प्रतिमा के साथ पंडाल की थीम भी आकर्षण का केंद्र रहती है। पुराने वर्षों में प्रतिमा को सोने के आभूषणों से सजाए जाने की जानकारी भी सामने आती रही है।

गणेश गली का मुंबईचा राजा

भव्यता के साथ सेवा और आस्था भी
मुंबई और पुणे के इन गणपति मंडलों की पहचान भले ही भव्य प्रतिमाओं और सजावट से होती हो, लेकिन इनके पीछे धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा की भी बड़ी भूमिका है।

कहीं अन्नदान होता है, कहीं स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े काम किए जाते हैं, तो कहीं उत्सव को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की कोशिश की जा रही है। जीएसबी सेवा मंडल ने 2026 में डिजिटल रसीद और पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमा जैसे कदम भी अपनाए हैं।

यह भी पढ़ें: बप्पा को घर लाने से पहले तैयार रखें पूजा का ये सामान, चेक कर लें पूरी लिस्ट

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  Sports

Mohsin Naqvi के खिलाफ ACC Board के 3 सदस्य, Bangladesh को मिल सकती है कमान

एशियाई क्रिकेट परिषद में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी का कार्यकाल अप्रैल 2027 के बाद आगे बढ़ने की संभावना फिलहाल कमजोर दिखाई दे रही है। मौजूदा हालात में परिषद के कार्यकारी बोर्ड से उनके कार्यकाल को बढ़ाने के लिए जरूरी समर्थन मिलना मुश्किल बताया जा रहा है। नकवी का मौजूदा कार्यकाल 2 अप्रैल 2027 को पूरा होना तय है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, एशियाई क्रिकेट परिषद के कार्यकारी बोर्ड में शामिल 5 पूर्ण सदस्य देशों में से कम से कम 3 और संभवत: 4 देश नकवी के कार्यकाल को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। इन 5 देशों में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान शामिल हैं। परिषद के अध्यक्ष का पद आम तौर पर पूर्ण सदस्य देशों के बीच हर 2 साल में घूमता है।

इस व्यवस्था के तहत अब बांग्लादेश की बारी है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष तमीम इकबाल के परिषद की जिम्मेदारी संभालने में रुचि रखने की बात सामने आई है। ऐसे में मौजूदा व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए नकवी को सभी प्रमुख सदस्यों का समर्थन हासिल करना जरूरी होगा, जो मौजूदा परिस्थितियों में आसान नहीं माना जा रहा है।

कुछ समय से यह चर्चा भी थी कि नकवी अगले वार्षिक आम बैठक तक पद पर बने रह सकते हैं। हालांकि, परिषद के एक सदस्य ने क्रिकेट से जुड़ी वेबसाइट क्रिकबज को बताया कि अध्यक्ष का कार्यकाल वार्षिक आम बैठक की तारीख से जुड़ा नहीं है। यानी आम बैठक कब होती है, इससे अध्यक्ष का 2 साल का कार्यकाल अपने आप आगे नहीं बढ़ता है।

परिषद के इसी सदस्य के अनुसार, नकवी का कार्यकाल अप्रैल 2027 में समाप्त होगा और इसके बाद बांग्लादेश को अध्यक्ष पद संभालने का मौका मिलना तय व्यवस्था के अनुरूप होगा। उन्होंने यह भी कहा कि नकवी यह तर्क दे सकते हैं कि पिछले साल अगस्त में हुई आम बैठक में परिषद के दूसरे पदों के चुनाव नहीं हुए थे और इस साल अगस्त में चुनाव कराए गए हैं, लेकिन अध्यक्ष का कार्यकाल आम बैठक से अलग है।

गौरतलब है कि एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष का कार्यकाल बढ़ाए जाने का उदाहरण पहले भी सामने आ चुका है। 2024 में जय शाह को तीसरे साल के लिए अध्यक्ष बनाए रखा गया था। उस समय श्रीलंका की बारी थी, लेकिन उसने सर्वसम्मति से जय शाह को एक और कार्यकाल जारी रखने की सहमति दी थी। यानी ऐसे फैसलों के लिए सदस्य देशों की व्यापक सहमति अहम रहती है।

नकवी के मामले में यही सहमति सबसे बड़ी चुनौती बनती दिख रही है। परिषद के सदस्य के अनुसार, अध्यक्ष का पद पूर्ण सदस्यों के बीच 2 साल के लिए घूमता है और विशेष स्थिति में कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कार्यकारी बोर्ड का समर्थन जरूरी होती है। मौजूदा परिस्थितियों में नकवी के कार्यकाल को बढ़ाने पर ऐसी सहमति बनने की संभावना कम बताई जा रही है।

बांग्लादेश की बारी और तमीम इकबाल की कथित दिलचस्पी इस मुद्दे को और महत्वपूर्ण बना रही है। हालांकि, नकवी के कार्यकाल के दौरान एक और चर्चा का विषय सामने आ सकता है। दिसंबर में बांग्लादेश में एशियाई अंडर-19 महिला चैंपियनशिप आयोजित होनी है, जिसमें भारत 2 बार का मौजूदा चैंपियन है।

बता दें कि इससे पहले भारतीय टीम से जुड़े एक खिताबी समारोह को लेकर नकवी चर्चा में रहे हैं। अगर भारत इस प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचता है, तो ट्रॉफी कौन सौंपेगा, इस पर भी नजर रह सकती है। हालांकि, यह स्थिति नकवी के मौजूदा कार्यकाल के दौरान ही बनेगी और अप्रैल 2027 के बाद परिषद की अध्यक्षता किसके पास होगी, यह सदस्य देशों की तय व्यवस्था और सहमति पर निर्भर करेगा।

Tue, 29 Sep 2026 21:55:00 +0530

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