Maharashtra की Spicy Misal Pav खाएंगे तो बार-बार बनाएंगे, जानें पूरी रेसिपी
देशभर में इन दिनों गणेश उत्सव की धूम है। हालांकि यह त्योहार खास तौर पर महाराष्ट्र में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। ऐसे में महाराष्ट्र के मशहूर स्ट्रीट फूड मिसल पाव की रेसिपी आपके उत्सव के खाने में एक खास स्वाद जोड़ सकती है। मसालेदार तरी, कुरकुरे फरसान, प्याज, नींबू और गरम पाव के साथ परोसी जाने वाली मिसल पाव स्वादिष्ट होने के साथ-साथ काफी भरपेट भी होती है।
मास्टरशेफ इंडिया 2023 की फाइनलिस्ट अरुणा विजय ने अपने इंस्टाग्राम खाते पर मिसल पाव की रेसिपी साझा की है। उन्होंने इसे लेकर लिखा कि अच्छी मिसल पाव में मसालेदार तरी, कुरकुरा फरसान, ताजा प्याज, नींबू की खटास और ठीक से सेंका हुआ पाव मिलकर ऐसा स्वाद देते हैं, जो दिल को खुश कर देता है।
मिसल पाव बनाने के लिए सामग्री
मसाला पेस्ट के लिए
तेल – 1 बड़ा चम्मच
प्याज – 2 मध्यम, कटे हुए
टमाटर – 2 मध्यम, कटे हुए
सूखा नारियल – आधा कप, कद्दूकस किया हुआ
अदरक – 1½ बड़ा चम्मच, कटा हुआ
लहसुन – 10 बड़ी कलियां
हरी मिर्च – 2, बीच से कटी हुई
धनिया की डंठल – एक मुट्ठी
तिल – 1 बड़ा चम्मच
खसखस – 1 बड़ा चम्मच
पानी – पीसने के लिए जरूरत के अनुसार
कट या तरी के लिए
तेल – 2 बड़े चम्मच
जीरा – 1 छोटा चम्मच
राई – 1 छोटा चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – 2 बड़े चम्मच
हल्दी पाउडर – आधा छोटा चम्मच
धनिया पाउडर – आधा बड़ा चम्मच
गोडा मसाला – 1 बड़ा चम्मच
गरम मसाला – 1 छोटा चम्मच
नमक – 3 छोटे चम्मच
गुड़ – थोड़ा सा
पानी – 5 से 6 कप
अंकुरित मटकी – 1½ कप
परोसने के लिए
फरसान – ऊपर से डालने के लिए भरपूर
प्याज – बारीक कटा हुआ
नींबू के टुकड़े
पाव
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ऐसे बनाएं मिसल पाव
सबसे पहले एक कड़ाही में तेल गर्म करें। इसमें प्याज, टमाटर और बाकी बताए गए मसाला पेस्ट की सामग्री डालकर हल्का भूरा होने तक भूनें। इसके बाद इस मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने दें।
ठंडा होने के बाद मिश्रण को थोड़े पानी के साथ पीसकर एकदम चिकना पेस्ट तैयार कर लें। यही मिसल का मसाला पेस्ट होगा। अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें और इसमें जीरा और राई डालें। इनके चटकने के बाद तैयार मसाला पेस्ट डालकर कुछ मिनट तक पकाएं।
इसके बाद इसमें अंकुरित मटकी डालें। साथ ही गोडा मसाला, नमक और बताए गए बाकी मसाले डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
अब इसमें थोड़ा सा गुड़ और 5 से 6 कप पानी डालें। सब कुछ अच्छी तरह मिलाकर धीमी आंच पर पकने दें। जब तक मटकी अच्छी तरह पक न जाए और कट या तरी आपकी पसंद के अनुसार गाढ़ी न हो जाए, तब तक इसे पकाएं।
तैयार मिसल को गरमागरम परोसें। ऊपर से भरपूर मात्रा में फरसान और बारीक कटा प्याज डालें। साथ में नींबू के टुकड़े और पाव रखें।
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मिसल पाव बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
मटकी को एक दिन पहले अंकुरित कर लें। इससे मिसल का स्वाद और बनावट बेहतर रहेगी। मसाला पेस्ट की सामग्री को अच्छी तरह भूनना जरूरी है। खासकर सूखे नारियल को अच्छी तरह भूनने से मिसल में ज्यादा गहरा और खुशबूदार स्वाद आएगा।
तरी की गाढ़ापन और तीखापन अपनी पसंद के हिसाब से रखा जा सकता है। इसके लिए पानी और लाल मिर्च पाउडर की मात्रा को जरूरत के अनुसार कम या ज्यादा करें। गणेश उत्सव के दौरान अगर आप महाराष्ट्र के पारंपरिक स्वाद को अपने घर की रसोई में लाना चाहते हैं, तो यह मसालेदार और भरपेट मिसल पाव एक बढ़िया विकल्प हो सकता है।
Babar Azam की Test कप्तानी पर Waqar Younis ने उठाए सवाल, बल्लेबाजी पर असर की जताई चिंता
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वकार यूनिस ने बाबर आजम की कप्तानी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पाकिस्तान के दिग्गज तेज गेंदबाजों में गिने जाने वाले वकार का मानना है कि टेस्ट टीम की कप्तानी दोबारा बाबर आजम को सौंपने से पाकिस्तान एक अच्छे बल्लेबाज को खो रहा है। उनका कहना है कि कप्तानी का दबाव बाबर के खेल पर असर डालता है और वह इस जिम्मेदारी को संभालते हुए अपनी बल्लेबाजी पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पाते हैं।
वकार यूनिस पाकिस्तान पुरुष टीम के साथ कई बार कोच रह चुके हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि बल्लेबाज के तौर पर बाबर तकनीकी रूप से काफी मजबूत और संपूर्ण खिलाड़ी हैं। हालांकि, जब उनके ऊपर कप्तानी की जिम्मेदारी आती है तो वह जरूरत से ज्यादा दबाव अपने ऊपर ले लेते हैं। वकार के मुताबिक, कप्तानी मिलने पर बाबर का प्रदर्शन उस स्तर का नहीं रहता, जैसा एक बल्लेबाज के रूप में उनसे उम्मीद की जाती है।
उन्होंने कहा कि अगर बाबर को यही जिम्मेदारी लगातार दी जाती रही तो पाकिस्तान एक खिलाड़ी के रूप में उनका नुकसान कर सकता है। वकार ने यह भी कहा कि कप्तान को अपने खिलाड़ियों का मजबूती से साथ देना चाहिए। अगर कोई कप्तान अपने साथियों के पीछे खड़ा नहीं हो सकता तो यह खिलाड़ियों और कप्तानी की जिम्मेदारी, दोनों के लिए ठीक नहीं है।
वकार की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान को इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा है। यह सीरीज पाकिस्तान क्रिकेट के लिए कई कारणों से चर्चा में रही। पहले दो मुकाबलों के बाद पाकिस्तान 0-2 से पिछड़ गया था। इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सात खिलाड़ियों और दो कोचों को वापस भेज दिया था, जिससे टीम प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठे थे।
तीसरे टेस्ट से पहले बाबर आजम ने कहा था कि टीम में हुए बदलावों को लेकर उनसे सलाह नहीं ली गई और उनका इन फैसलों में कोई योगदान नहीं था। बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के नेतृत्व में लिए गए इन फैसलों को लेकर बाबर की टिप्पणी पर कई पूर्व खिलाड़ियों ने नाराजगी जताई थी। वसीम अकरम ने भी बाबर की आलोचना करते हुए कहा था कि कप्तान को मुश्किल समय में अपनी टीम के साथ खड़ा रहना चाहिए।
बता दें कि बाबर इस समय टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय से शतक के लिए इंतजार कर रहे हैं। उनका आखिरी टेस्ट शतक दिसंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ आया था। इसके बाद वह कई बार बड़ी पारी के करीब पहुंचे, लेकिन शतक पूरा नहीं कर सके। वेस्टइंडीज के खिलाफ भी वह शतक के करीब पहुंचे थे और इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में भी उनके पास मौका था, लेकिन अचानक विकेट गंवाने के कारण पारी आगे नहीं बढ़ सकी।
गौरतलब है कि इस साल पाकिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज गंवाई थी। इसके बाद शान मसूद को कप्तानी से हटाकर बाबर आजम को फिर से टेस्ट कप्तानी दी गई थी। वहीं विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में पाकिस्तान फिलहाल नौवें स्थान पर है और उसके खाते में सिर्फ चार अंक हैं।
एजबेस्टन, बर्मिंघम में खेले गए तीसरे टेस्ट में धीमी गेंदबाजी गति के कारण पाकिस्तान के 11 अंक भी काटे गए हैं। ऐसे में टीम के सामने खराब प्रदर्शन, कप्तानी और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में स्थिति सुधारने जैसी कई चुनौतियां एक साथ हैं।
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