Babar Azam की Test कप्तानी पर Waqar Younis ने उठाए सवाल, बल्लेबाजी पर असर की जताई चिंता
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वकार यूनिस ने बाबर आजम की कप्तानी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पाकिस्तान के दिग्गज तेज गेंदबाजों में गिने जाने वाले वकार का मानना है कि टेस्ट टीम की कप्तानी दोबारा बाबर आजम को सौंपने से पाकिस्तान एक अच्छे बल्लेबाज को खो रहा है। उनका कहना है कि कप्तानी का दबाव बाबर के खेल पर असर डालता है और वह इस जिम्मेदारी को संभालते हुए अपनी बल्लेबाजी पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पाते हैं।
वकार यूनिस पाकिस्तान पुरुष टीम के साथ कई बार कोच रह चुके हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि बल्लेबाज के तौर पर बाबर तकनीकी रूप से काफी मजबूत और संपूर्ण खिलाड़ी हैं। हालांकि, जब उनके ऊपर कप्तानी की जिम्मेदारी आती है तो वह जरूरत से ज्यादा दबाव अपने ऊपर ले लेते हैं। वकार के मुताबिक, कप्तानी मिलने पर बाबर का प्रदर्शन उस स्तर का नहीं रहता, जैसा एक बल्लेबाज के रूप में उनसे उम्मीद की जाती है।
उन्होंने कहा कि अगर बाबर को यही जिम्मेदारी लगातार दी जाती रही तो पाकिस्तान एक खिलाड़ी के रूप में उनका नुकसान कर सकता है। वकार ने यह भी कहा कि कप्तान को अपने खिलाड़ियों का मजबूती से साथ देना चाहिए। अगर कोई कप्तान अपने साथियों के पीछे खड़ा नहीं हो सकता तो यह खिलाड़ियों और कप्तानी की जिम्मेदारी, दोनों के लिए ठीक नहीं है।
वकार की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान को इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा है। यह सीरीज पाकिस्तान क्रिकेट के लिए कई कारणों से चर्चा में रही। पहले दो मुकाबलों के बाद पाकिस्तान 0-2 से पिछड़ गया था। इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सात खिलाड़ियों और दो कोचों को वापस भेज दिया था, जिससे टीम प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठे थे।
तीसरे टेस्ट से पहले बाबर आजम ने कहा था कि टीम में हुए बदलावों को लेकर उनसे सलाह नहीं ली गई और उनका इन फैसलों में कोई योगदान नहीं था। बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के नेतृत्व में लिए गए इन फैसलों को लेकर बाबर की टिप्पणी पर कई पूर्व खिलाड़ियों ने नाराजगी जताई थी। वसीम अकरम ने भी बाबर की आलोचना करते हुए कहा था कि कप्तान को मुश्किल समय में अपनी टीम के साथ खड़ा रहना चाहिए।
बता दें कि बाबर इस समय टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय से शतक के लिए इंतजार कर रहे हैं। उनका आखिरी टेस्ट शतक दिसंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ आया था। इसके बाद वह कई बार बड़ी पारी के करीब पहुंचे, लेकिन शतक पूरा नहीं कर सके। वेस्टइंडीज के खिलाफ भी वह शतक के करीब पहुंचे थे और इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में भी उनके पास मौका था, लेकिन अचानक विकेट गंवाने के कारण पारी आगे नहीं बढ़ सकी।
गौरतलब है कि इस साल पाकिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज गंवाई थी। इसके बाद शान मसूद को कप्तानी से हटाकर बाबर आजम को फिर से टेस्ट कप्तानी दी गई थी। वहीं विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में पाकिस्तान फिलहाल नौवें स्थान पर है और उसके खाते में सिर्फ चार अंक हैं।
एजबेस्टन, बर्मिंघम में खेले गए तीसरे टेस्ट में धीमी गेंदबाजी गति के कारण पाकिस्तान के 11 अंक भी काटे गए हैं। ऐसे में टीम के सामने खराब प्रदर्शन, कप्तानी और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में स्थिति सुधारने जैसी कई चुनौतियां एक साथ हैं।
Shafali Verma ने तोड़ा Laura Wolvaardt का रिकॉर्ड, एक साल में बनाए सबसे ज्यादा T20I रन
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने एक बार फिर बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। एशियाई खेल 2026 के महिला क्रिकेट फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ उतरते ही शेफाली ने पारी के सातवें गेंद पर 10वां रन पूरा करते ही दक्षिण अफ्रीका की दिग्गज बल्लेबाज लॉरा वोल्वार्ड्ट का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
शेफाली अब 2026 में महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 825 रन बना चुकी हैं। यह उनके इस साल का 24वां मुकाबला है। इसके साथ ही वह एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली महिला बल्लेबाज बन गई हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड लॉरा वोल्वार्ड्ट के नाम था, जिन्होंने 2026 में ही 24 मैचों में 824 रन बनाए थे।
मौजूद जानकारी के अनुसार शेफाली ने इस साल अब तक शानदार निरंतरता दिखाई है। उनके बल्ले से सात अर्धशतक और एक शतक निकल चुके हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 100 रन रहा है। खास बात यह है कि उन्होंने केवल रन ही नहीं बनाए, बल्कि कई मौकों पर तेज बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत शुरुआत भी दिलाई है।
इस सूची में शेफाली और वोल्वार्ड्ट के बाद हांगकांग की नताशा माइल्स का नाम है, जिन्होंने 2026 में 27 मैचों में 800 रन बनाए हैं। संयुक्त अरब अमीरात की ईशा ओजा ने 2025 में 22 मैचों में 779 रन बनाए थे। वहीं हांगकांग की यास्मिन दसवानी ने 2026 में 22 मैचों में 779 रन बनाए हैं। भारत की स्मृति मंधाना भी इस लिस्ट में शामिल हैं। उन्होंने 2024 में 23 मैचों में 763 रन बनाए थे।
गौरतलब है कि शेफाली इन दिनों जबरदस्त फॉर्म में चल रही हैं। पिछले चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने दो अर्धशतक और एक शतक लगाया है। एशियाई खेलों के क्वार्टर फाइनल में जापान के खिलाफ भी उन्होंने केवल 15 गेंदों में नाबाद 40 रन की तेज पारी खेली थी। उनकी इस बल्लेबाजी ने भारत को मुकाबले में मजबूत स्थिति दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
शेफाली के लिए यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि एक कैलेंडर वर्ष में महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार बड़ी पारियां खेलना आसान नहीं होता। अगर वह श्रीलंका के खिलाफ स्वर्ण पदक मुकाबले में अर्धशतक पूरा करती हैं तो एक और बड़ा रिकॉर्ड उनके नाम हो जाएगा। वह एक साल में नौ बार 50 या उससे ज्यादा रन बनाने वाली दुनिया की पहली महिला खिलाड़ी बन जाएंगी।
बता दें कि इस मुकाबले में सिर्फ शेफाली ही नहीं, बल्कि स्मृति मंधाना पर भी सभी की नजरें थीं। अगर मंधाना श्रीलंका के खिलाफ कम से कम 13 रन बना लेती हैं तो वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 11 हजार रन पूरे करने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन जाएंगी। ऐसे में एशियाई खेलों का यह फाइनल भारतीय महिला क्रिकेट की दो बड़ी बल्लेबाजों के लिए रिकॉर्ड बनाने का खास मौका लेकर आया है और दोनों की नजरें इन उपलब्धियों पर हैं।
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