"बड़े ब्रेस्ट को माना 'एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी टैलेंट..," इन्फ्लुएंसर ने कहा- शायद इसलिए मिला अमेरिका का O-1B वीजा
यह खबर आज के बदलते दौर की एक ऐसी सच्चाई बयां करती है, जहां टैलेंट के मायने पूरी तरह बदल गए हैं. अब पहचान बनाने के लिए किसी बड़े फिल्म स्टूडियो या खेल के मैदान की जरूरत नहीं है, बल्कि आपके हाथ में मौजूद स्मार्टफोन और सोशल मीडिया ही आपको कामयाबी के शिखर पर पहुंचा सकते हैं.
कनाडा की एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जूलिया ऐन ने इसी डिजिटल ताकत के दम पर वह कर दिखाया है, जो कभी सिर्फ बड़े सितारों का सपना होता था. उन्होंने अपनी ऑनलाइन लोकप्रियता के जरिए अमेरिका का सबसे प्रतिष्ठित और मुश्किल माना जाने वाला O-1B वीजा हासिल कर लिया है.
सैंडविच खाते हुए मिला अमेरिका का टिकट
25 साल की जूलिया ऐन ने अपने वीजा आवेदन के लिए कोई फिल्मी सर्टिफिकेट या अवॉर्ड नहीं दिखाए. इसके बजाय, उन्होंने अपने उन सोशल मीडिया वीडियो को सबूत के तौर पर पेश किया, जिन्हें लाखों लोग देखते हैं. उनके इन वीडियो में कुछ भी बहुत 'खास' नहीं था; एक वीडियो में तो वह बस एक सैंडविच खाते हुए मजाक करती नजर आ रही थीं.
जूलिया ने खुद हंसते हुए एक इंटरव्यू में कहा कि शायद अमेरिकी अधिकारियों को उनकी शारीरिक बनावट और उनका बेबाक अंदाज 'असाधारण प्रतिभा' लगा. उन्होंने आगे कहा कि शायद मेरी असाधारण टैलेंट यही है कि मेरे ब्रेस्ट बड़े हैं. दिलचस्प बात यह है कि अमेरिकी इमिग्रेशन विभाग ने उनकी इस डिजिटल पहुंच और फॉलोअर्स की संख्या को गंभीरता से लिया और उन्हें अमेरिका में रहने और काम करने की अनुमति दे दी.
क्या है यह O-1B वीजा?
अमेरिका का O-1B वीजा हर किसी को नहीं मिलता. यह खास तौर पर उन विदेशी नागरिकों को दिया जाता है जिनके पास आर्ट के क्षेत्र में 'असाधारण क्षमता' (Extraordinary Ability) होती है. आसान शब्दों में कहें तो यह वीजा उन लोगों के लिए है जो अपने काम में पूरी दुनिया में मशहूर हैं.
इस वीजा का इतिहास भी काफी दिलचस्प है. इसकी शुरुआत 1972 में महान सिंगर जॉन लेनन को अमेरिका में बसाने के लिए की गई थी. 1990 में इसे कानूनी रूप दिया गया ताकि दुनिया भर के बड़े कलाकार और हस्तियां अमेरिका आकर अपनी सेवाएं दे सकें. साल 2024 में करीब 20 हजार लोगों को यह वीजा मिला है.
बदल गया है टैलेंट का पैमाना
पिछले 10 सालों में इस वीजा को पाने वाले लोगों की लिस्ट काफी बदल गई है. पहले जहां बड़े सिंगर्स, पेंटर्स या एक्टर्स ही इसके लिए अप्लाई करते थे, वहीं अब इसकी जगह सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, गेमर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ले रहे हैं. इमिग्रेशन वकील माइकल वाइल्ड्स बताते हैं कि पहले उनके पास बड़े रॉकस्टार आते थे, लेकिन अब जमाना डिजिटल क्रिएटर्स का है.
इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ बोल्ड वीडियो या अच्छी फोटो डालना काफी नहीं है. इसके लिए आपको यह साबित करना पड़ता है कि आप अपने काम में सबसे अलग हैं. आपकी कमाई कितनी है, आपको कितने लोग फॉलो करते हैं और समाज पर आपका कितना असर है. ये सभी चीजें देखी जाती हैं.
डिजिटल प्लेटफॉर्म बन गया है करियर का नया रास्ता
जूलिया ऐन की यह कहानी दिखाती है कि अब सोशल मीडिया सिर्फ टाइम पास करने का जरिया नहीं रह गया है. यह करियर बनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक मजबूत जरिया बन चुका है. अगर आपके पास सही ऑडियंस है और आप लोगों को प्रभावित कर सकते हैं, तो दुनिया की कोई भी सरहद आपके लिए बाधा नहीं है.
ये भी पढ़ें- UP: वाराणसी के Hotel में Illegal तरीके से Bangladeshi को ठहराया, देखिए फिर क्या हुआ?
पहली कजिन-दूसरी रॉन्ग नंबर से और तीसरी...पति ने कराया अपनी 4 बीवियों का इंट्रोडक्शन
एक वायरल वीडियो में, एक आदमी अपनी चार पत्नियों का परिचय करा रहा है। उसने रॉन्ग नंबर, दोस्त से प्यार और लड़ाई जैसे अजीब कारणों से चार शादियाँ की हैं, और यह कहानी सोशल मीडिया पर खूब धूम मचा रही है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
Asianetnews























