सलमान खान को दिल्ली हाई कोर्ट ने जारी किया नोटिस, जानें क्या है मामला?
Delhi High Court Notice To Salman Khan: बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम कदम उठाया है. कोर्ट ने एक चीनी AI वॉयस प्लेटफॉर्म द्वारा दायर याचिका पर विचार करने के लिए सहमति जताई है. यह याचिका दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देती है, जिसमें सलमान खान की आवाज, नाम, छवि और पहचान के व्यावसायिक दुरुपयोग पर रोक लगाई गई थी.
सलमान खान को नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में सलमान खान को नोटिस जारी करते हुए उनसे याचिका पर अपना पक्ष रखने को कहा है. कोर्ट ने अभिनेता को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का समय दिया है. हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. इस केस की अगली सुनवाई की तारीख 27 फरवरी निर्धारित की गई है.
पहले भी आदेश दे चुका है कोर्ट
गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने सलमान खान के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा करते हुए उनके नाम, आवाज, फोटो और अन्य स्पेसिफिक पहचान से जुड़े तत्वों के बिना अनुमति इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश दिया था. यह आदेश उनके व्यावसायिक शोषण को रोकने के उद्देश्य से पास किया गया था.
वर्क फ्रंट पर सलमान खान
वहीं सलमान खान के वर्क फ्रंट की बात करें तो उन्हें आखिरी बार फिल्म ‘सिकंदर’ में देखा गया था, जिसमें उनके अपोजिट रश्मिका मंदाना नजर आई थीं. हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई और इसे दर्शकों और समीक्षकों से खास प्रतिक्रिया नहीं मिली. अब सलमान खान जल्द ही फिल्म ‘द बैटल ऑफ गलवान’ में नजर आने वाले हैं, जिसे लेकर काफी चर्चा है. इस फिल्म के लिए सलमान खान ने कड़ी मेहनत की है और शूटिंग के दौरान उन्हें चोट भी लगी.
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लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल का एयरस्ट्राइक, एक आतंकी ढेर
नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)। इजरायल दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ बुधवार को फिर से ऑपरेशन चला रहा है। दूसरी ओर, लेबनानी सरकार भी देश में अलग-अलग जगहों पर गैर-सरकारी हथियारों के निरस्त्रीकरण का काम कर रही है। इजरायली मीडिया के अनुसार, इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने बुधवार को दक्षिणी लेबनान में दो बार एयरस्ट्राइक की है।
आईडीएफ ने कुछ समय पहले दक्षिणी लेबनान के सिडोन इलाके में हिजबुल्लाह के आतंकवादियों के खिलाफ एक टारगेटेड स्ट्राइक की थी। इसके कुछ ही समय बाद आईडीएफ ने जानकारी दी कि दक्षिणी लेबनान में दूसरे एयरस्ट्राइक में उसने तटीय शहर टायर के पास बुर्ज अल-शेमाली में एक हिजबुल्लाह ऑपरेटिव को निशाना बनाया।
पहले इजरायली मीडिया ने लेबनान की स्थानीय मीडिया के हवाले से कहा था कि स्ट्राइक में किसी के हताहत होने की तुरंत कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, अब इजरायली मीडिया ने आईडीएफ के हवाले से बताया है कि एक फिलिस्तीनी टेरर ऑपरेटिव को सैनिकों ने मार गिराया है। उसने रातों-रात पट्टी के दक्षिण में गाजा सीजफायर लाइन क्रॉस की थी।
आईडीएफ के मुताबिक, ऑपरेटिव ने येलो लाइन पार की और 188वीं आर्मर्ड ब्रिगेड के सैनिकों के पास इस तरह से आया जिससे तुरंत खतरा पैदा हो गया। सेना ने आगे कहा कि सैनिकों ने फायरिंग की और खतरा खत्म करने के लिए आतंकी को खत्म कर दिया।
अक्टूबर में सीजफायर शुरू होने के बाद से, आईडीएफ ने कहा है कि उसने दर्जनों टेरर ऑपरेटिव और दूसरे संदिग्धों को मार गिराया है। ऐसी घटनाएं लगभग रोज होती रही हैं।
इससे पहले लेबनानी सरकार ने जानकारी दी थी कि वह देश में गैर-सरकारी हथियारों को अपने कंट्रोल में लेने के लिए अभियान चला रही है। लेबनानी सरकार ने इस मिशन के पहले चरण का काम पूरा होने की जानकारी दी। पिछले साल 2025 में अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर समझौते के बाद सेना के इस कदम को हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करने से जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल, दोनों देशों के बीच जो सीजफायर हुआ था, उसमें कहा गया था कि हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करना होगा। ऐसे में लेबनानी सरकार ने हथियारों पर कंट्रोल का जो अभियान चलाया, उसे हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई माना जा रहा है। इजरायल की तरफ से लेबनानी सरकार की इस कार्रवाई की जमकर सराहना भी की गई।
लेबनानी सेना ने देश के दक्षिण में सभी गैर-सरकारी हथियारों को अपने कंट्रोल में लाने के अपने प्लान के पहले चरण के पूरा होने की घोषणा की है। जिन इलाकों में सेना ने मिशन को अंजाम दिया है, उनमें लिटानी नदी और इजरायली बॉर्डर के बीच का क्षेत्र शामिल है।
लेबनानी सेना ने कहा कि उसने दक्षिण में हथियारों पर असरदार और ठोस तरीके से सरकारी नियंत्रण बना लिया है। हालांकि, सेना ने हिज्बुल्लाह का जिक्र नहीं किया। बयान में आगे कहा गया कि अब सैन्य नियंत्रण लिटानी नदी के दक्षिण के इलाके पर है। यह बॉर्डर से करीब 30 किलोमीटर (19 मील) दूर है।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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