Hyderabad के पास 100 आवारा कुत्तों को जहर देकर मार डाला गया, मामला दर्ज
तेलंगाना के याचाराम गांव में बुधवार को कम से कम 100 आवारा कुत्तों को कथित तौर पर जहर देकर मारने के मामले में एक सरपंच और दो अन्य के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि यह नई घटना छह जनवरी से अब तक तेलंगाना के विभिन्न जिलों में कम से कम 500 आवारा कुत्तों को मारे जाने के बाद सामने आई है। ‘स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ से जुड़े एक पशु कल्याण कार्यकर्ता ने याचाराम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि 19 जनवरी को कुत्तों को कुछ जहरीले पदार्थों का इंजेक्शन लगाया गया था।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को याचाराम ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और वार्ड सदस्य के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
अधिकारी ने कहा कि शिकायतकर्ता के अनुसार, 100 कुत्ते मारे गए थे, लेकिन प्रारंभिक जांच और ग्रामीणों से पूछताछ में लगभग 50 कुत्तों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। अधिकारी के अनुसार, इस मामले की जांच जारी है।
अधिकारी ने कहा कि मारे गये कुत्तों के अवशेष बरामद करने के लिए जांच जारी है। इससे पहले हनमकोंडा जिले की पुलिस ने श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में कम से कम 300 आवारा कुत्तों की कथित हत्या के सिलसिले में दो महिला सरपंच और उनके पतियों सहित नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इसी तरह कामारेड्डी जिले में लगभग 200 आवारा कुत्तों को भी कथित तौर पर मार डालने के आरोप में पांच ग्राम सरपंचों सहित छह लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
अधिकारी ने बताया कि आशंका जताई जा रही है कि सरपंचों सहित कुछ निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने पिछले साल दिसंबर में हुए ग्राम पंचायत चुनावों से पहले ग्रामीणों से आवारा कुत्तों के आतंक से निपटने का वादा किया था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने कथित तौर पर इन हत्याओं को अंजाम दिया।
Thane: सड़क हादसे में मृत युवक के माता-पिता को मिलेगा 23.45 लाख रुपये का मुआवजा
महाराष्ट्र के ठाणे स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2021 में तेज रफ्तार ट्रक से हुई सड़क दुर्घटना में मारे गए 18-वर्षीय एक ‘सेल्समैन’ के माता-पिता को 23.45 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
एमएसीटी की अध्यक्ष सदस्य रूपाली वी. मोहिते ने मंगलवार को अपने आदेश में कहा कि ट्रक चालक के पास दुर्घटना को टालने का अंतिम अवसर था, लेकिन वह वाहन की गति नियंत्रित नहीं कर सका, जिसके कारण टक्कर हुई। उन्होंने कहा कि टक्कर के बाद चालक मौके से फरार हो गया था।
न्यायाधिकरण ने पाया कि हादसे के समय ट्रक चालक के पास वैध परिवहन लाइसेंस नहीं था, जो बीमा शर्तों का ‘‘जानबूझकर उल्लंघन’’ है। इसके मद्देनजर न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी को पहले दावेदारों को मुआवजे की राशि का भुगतान करने और बाद में इसे वाहन मालिक से वसूलने का निर्देश दिया।
जानकारी के अनुसार, 17 अगस्त 2021 को करण भीमा जाधव मोटरसाइकिल से ठाणे जिले के शिलफाटा की ओर जा रहे थे, तभी मुंब्रा बाईपास मार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी दोपहिया गाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल जाधव को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें भर्ती किए जाने से पहले ही मृत घोषित कर दिया गया।
मुंब्रा पुलिस ने इस संबंध में ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया था। दावेदारों ने न्यायाधिकरण को बताया कि जाधव एक कंपनी में सेल्समैन के रूप में काम करता था और उसकी मासिक आय 20,000 रुपये थी।
हालांकि, दस्तावेजी साक्ष्यों के अभाव में एमएसीटी ने उसकी आय 15,000 रुपये प्रतिमाह मानकर मुआवजे की गणना की। न्यायाधिकरण ने कहा, ‘‘दुर्घटना के लिए जिम्मेदार चालक के पास अंतिम अवसर था जिससे हादसे को टाला जा सकता था।’’
एमएसीटी ने कहा कि चालक गति पर नियंत्रण नहीं रख सका और मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी, जो यह दर्शाता है कि वाहन को लापरवाही और तेज रफ्तार में चलाया जा रहा था।
एमएसीटी ने आदेश दिया कि मुआवजे की राशि याचिका दायर करने की तारीख से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ दी जाए। कुल 23.45 लाख रुपये में से 10 लाख रुपये मृतक के पिता और 13.45 लाख रुपये माता को दिए जाएंगे, जिसमें से एक हिस्सा तीन साल के लिए सावधि जमा में रखा जाएगा।
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