व्हाइट आउस में मरम्मत के दौरान बाहर आया 85 साल से दफन राज, गुप्त बंकर के मरम्मत का काम तेज
वर्ष 1941 में पर्ल हार्बर के हमले ने अमेरिका को हिला कर रख दिया. उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने व्हाइट हाउस में एक सीक्रेट बंकर बनवाने का आदेश दिया था. इसके ऊपर ईस्ट विंग का नया भाग बनाया गया. मगर बंकर की बात को कभी सामने नहीं आई. 80 साल के बाद यह फिर से निर्माणाधीन है. राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को लेकर बड़ा बॉलरूम तैयार किया गया है. पुराने बंकर को तोड़कर अब इसे नया बनाने की तैयारी की जा रही है.
नई तकनीक से लैस होगा बंकर
अब इस जगह को नई तकनीक से अपडेट किया जाएगा. इस तरह बदलते खतरों से निपटा जा सकेगा. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो नेशनल कैपिटल प्लानिंग कमीशन की बैठक में व्हाइट हाउस के अफसर जोशुआ फिशर का कहना है कि प्रोजेक्ट 'मिशन क्रिटिकल फंक्शन' को ताकत देगा. इसे मजबूत करने के साथ सुरक्षा को बढ़ाएगा.
क्या है इस बंकर का इतिहास
यह बंकर पहले एक सबमरीन जैसा बना था. इसमें प्रेसिडेंशियल इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर (पीईओसी) का नाम दिया गया था. यहां से य राष्ट्रपति और उनके स्टाफ आपात हालात में काम किया करते थे. इसका इस्तेमाल कई अहम मौकों नी हुआ था. इसे 9/11 के हमलों के दौरान उपराष्ट्रपति डिक चेनी ने यहां पर अहम बैठक की थी. यहां पर हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की यूक्रेन यात्रा भी बनी थी.
यह एक मजबूत कमांड सेंटर था. ये न्यूक्लियर हमले को झेल सकता था. यह सिचुएशन रूम के संग मिलकर काम करता था. यहां पर सिचुएशन रूम रोजमर्रा की निगरानी करता है.
राष्ट्रपतियों का कनेक्शन
इतिहासकार बिल सील का कहना है कि रूजवेल्ट ने इस बंकर का सिर्फ एक बार दौरा किया. इसके बाद हर नए राष्ट्रपति के लिए पहले दिन यहां का दौरा एक परंपरा के रूप में बन गया. बीते 20 सालों में इसका महत्व कम हुआ है.
टी20 विश्व कप के लिए बांग्लादेश टीम के भारत न आने के रुख का पाकिस्तान ने किया समर्थन: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड द्वारा टी20 विश्व कप 2026 के लिए अपनी टीम भारत न भेजने के फैसले का पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने समर्थन किया है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि बांग्लादेश किसके शह पर विश्व कप के लिए भारत न आने के अपने बयान को बार-बार दोहरा रहा है।
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