जम्मू-कश्मीर की एकता पर कोई समझौता नहीं, विभाजन की मांग जम्मू के हित में नहीं: उमर अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र शासित प्रदेश के विभाजन की राजनीति करने वालों को कड़ा संदेश दिया है। मंगलवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के दो दिवसीय ब्लॉक अध्यक्ष सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने जम्मू-कश्मीर की एकता को "अपरिवर्तनीय" करार दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जो लोग एक बार फिर राज्य को बांटने की मांग कर रहे हैं, वे न केवल जनता को गुमराह कर रहे हैं, बल्कि जम्मू क्षेत्र के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं।
विभाजन की राजनीति पर कड़ा प्रहार
उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र शासित प्रदेश में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) का ध्वज लहराता रहेगा, तब तक कोई भी ताकत क्षेत्रीय या धार्मिक आधार पर इस क्षेत्र को विभाजित करने का साहस नहीं करेगी। उमर यहां अपनी पार्टी के दो दिवसीय ब्लॉक अध्यक्ष सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। सोमवार से शुरू हुए इस सम्मेलन की अध्यक्षता नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने की।
पिछले साल 16 अक्टूबर को नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने ‘दरबार मूव’ को बहाल कर अपना चुनावी वादा पूरा किया। यह एक ऐसी प्रथा है, जिसके तहत सरकार छह-छह महीने जम्मू और श्रीनगर में काम करती है। लगभग 150 साल पहले डोगरा शासकों द्वारा शुरू की गई ‘दरबार मूव’ प्रथा को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जून 2021 में बंद कर दिया था।
‘दरबार मूव’ प्रथा को उपराज्यपाल ने बंद कर दिया
उमर अब्दुल्ला ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘दरबार मूव’ को रोकने वाले या मेडिकल कॉलेज बंद होने का जश्न मनाने वाले लोग जम्मू के शुभचिंतक होने का दावा नहीं कर सकते। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की “संकीर्ण, विभाजनकारी राजनीति” ने पहले भी जम्मू को नुकसान पहुंचाया है और आगे भी पहुंचाती रहेगी, जिसे नेकां सरकार कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जब तक नेशनल कॉन्फ्रेंस का झंडा लहराता रहेगा, कोई भी ताकत जम्मू-कश्मीर को विभाजित नहीं कर सकती।
मुख्यमंत्री का यह बयान जम्मू-कश्मीर की क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने यह साफ कर दिया है कि उनकी सरकार किसी भी ऐसी विचारधारा या मांग को पनपने नहीं देगी जो राज्य की सदियों पुरानी एकता और भाईचारे को खतरे में डालती हो।
News Source- PIT
Delhi: जातिसूचक दुर्व्यवहार और हमला करने के आरोप में जामिया संकाय सदस्य के खिलाफ मामला दर्ज
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को जामिया मिलिया इस्लामिया के एक एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ विश्वविद्यालय के पॉलिटेक्निक विभाग के एक कर्मचारी ने अपशब्द कहने और हमला करने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के विपरीत धर्मांतरण का कोई आरोप नहीं है। दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘जेएमआई पॉलिटेक्निक में स्नातक शिक्षा अधिकारी रामफूल मीणा की शिकायत पर सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर रियाजुद्दीन के खिलाफ धारा 3(आई)(आर) एससी/एसटी अधिनियम 1989 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) के तहत जामिया नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच शुरू कर दी गई है।’’
विश्वविद्यालय ने हमले के आरोप और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को छेड़छाड़ किया हुआ बताते हुए खारिज किया है। पुलिस के एक बयान के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ओखला इलाके में स्थित संस्थान के एक कर्मचारी ने सोमवार को सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एक एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
कर्मचारी ने आरोप लगाया कि 13 जनवरी को एसोसिएट प्रोफेसर उसकी डेस्क पर आए, आपत्तिजनक का इस्तेमाल किया और उसके साथ हिंसक व्यवहार किया। पुलिस ने बयान में कहा, ‘‘कानून के मुताबिक, कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।’’
पुलिस ने इस विवाद में धर्मांतरण के किसी भी कोण से इनकार किया है। पुलिस के बयान में कहा गया, ‘‘यह स्पष्ट किया जाता है कि शिकायतकर्ता ने जबरन धर्मांतरण के किसी भी प्रयास के संबंध में कोई आरोप नहीं लगाया है। ऐसी खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत और बेबुनियाद हैं।’’
पुलिस ने मीडिया और जनता से ऐसी अपुष्ट जानकारी प्रसारित न करने का आग्रह किया है, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव प्रभावित हो सकता है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शिकायतकर्ता पॉलिटेक्निक विभाग में यूडीसी है।
इस बीच, जामिया मिल्लिया इस्लामिया की आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमें अपने कर्मचारी की ओर से किसी मारपीट या जाति-आधारित घटना के संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।’’
उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर हमले का जो वीडियो प्रसारित हो रहा है, उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। प्रवक्ता ने कहा कि ऑनलाइन प्रसारित किए जा रहे वीडियो का किसी भी कथित हमले से कोई लेना-देना नहीं है।
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