Rohini में दोस्त के जन्मदिन पर की हवाई फायरिंग, पुलिस ने आरोपी Karan Bhasin को दबोचा
दिल्ली के रोहिणी इलाके में बृहस्पतिवार को अपने दोस्त के जन्मदिन के मौके पर हर्ष में एक देसी तमंचे से गोली चलाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि पुलिस को शाम करीब 7:38 बजे रोहिणी के सेक्टर 3 में गोलीबारी के संबंध में सूचना मिली, जिसके बाद एक टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को पकड़ लिया, जिसकी पहचान रोहिणी के सेक्टर 24 निवासी करण भसीन के रूप में हुई। अधिकारी के मुताबिक, जब पुलिस मौके पर पहुंची तो भसीन कथित तौर पर मौके से भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने कहा कि पूछताछ के दौरान, भसीन ने खुलासा किया कि वह अपने दोस्त चिराग धवन का जन्मदिन मनाने के लिए उसके कार्यालय गया था और जश्न में देसी तमंचे से एक गोली चला दी।
पुलिस ने बताया कि भसीन की निशानदेही पर एक कूड़ेदान से .32 बोर का एक देसी तमंचा और तीन कारतूस बरामद किए गए, जबकि घटनास्थल से कारतूस का खोखा भी बरामद किया गया। पुलिस ने कहा कि भसीन के खिलाफ पहले भी 13 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
Delhi SIR: प्रमुख हस्तियों के विवरण का भौतिक सत्यापन पूरा, अंतिम सूची में जुड़ेंगे नाम
दिल्ली में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत नोटिस पाने वाले अधिकांश प्रसिद्ध मतदाताओं के विवरण का क्षेत्रीय सत्यापन कर लिया गया है और उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। निर्वाचन अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, विदेश मंत्री एस जयशंकर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी कई अन्य प्रमुख हस्तियों को उनके गणना प्रपत्रों में ‘विसंगतियां’ पाए जाने के बाद नोटिस जारी किए गए थे।
अधिकारियों के अनुसार, इनमें से अधिकांश को दिल्ली में वर्ष 2002 में हुए पिछले एसआईआर के रिकॉर्ड से ‘मैप नहीं होने’ के कारण नोटिस दिया गया था। ऐसे ज्यादातर प्रमुख मतदाता नयी दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के हैं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) सहित निर्वाचन अधिकारियों की टीमों ने ऐसे मतदाताओं के घर जाकर निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सहायक दस्तावेजों के आधार पर उनके विवरण का सत्यापन किया।
सत्यापन के बाद ऐसे मतदाताओं के नाम चार नवंबर को प्रकाशित होने वाली दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, निर्वाचन डेटाबेस में चिन्हित न्यायपालिका के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, घोषित पदों पर आसीन व्यक्तियों तथा कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल और लोकसेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों को नोटिस जारी किए गए थे। इनके नाम 31 अगस्त को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में शामिल नहीं थे।
अधिकारियों ने बताया कि दावे और आपत्तियां दर्ज करने के चरण के दौरान इन मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। मसौदा मतदाता सूची में 97 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल हैं, जबकि करीब 33.13 लाख मतदाताओं के गणना प्रपत्रों में विसंगतियां पाए जाने के बाद उन्हें नोटिस के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की है, जिनके विवरण का वर्ष 2002 में हुए पिछले एसआईआर के दौरान तैयार मतदाता सूची से मिलान नहीं हो सका।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि किसी मतदाता को नोटिस जारी किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।
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