SIR में जिनके नाम कटे, उनकी शिकायतें नहीं मिलीं:सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने कहा- सभी राज्यों का SIR प्रोसेस एक नहीं हो सकता
चुनाव आयोग ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(SIR) प्रक्रिया में जिनके नाम कटे हैं, अभी तक किसी की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है। SIR की सुनवाई के दौरान आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल जैसे किसी एक मामले के तथ्यों को उठाकर उन्हें किसी दूसरे राज्य की SIR प्रक्रिया पर लागू करना गलत होगा, क्योंकि हर जगह प्रक्रिया अलग रही है। आयोग ने जबरदस्ती या अत्यधिक जांच के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर पुलिस शामिल नहीं थी। केवल BLO ने ही घर घर जाकर प्रक्रिया पूरी की है। राकेश द्विवेदी ने और क्या कहा... SIR पर पिछली मुख्य 5 सुनवाई 19 जनवरी: सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल के वोटर्स को नाम जुड़वाने का एक और मौका दिया सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के 1.25 करोड़ वोटर्स को अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए एक और मौका दिया। कहा कि वे 10 दिन में अपने डॉक्यूमेंट्स चुनाव आयोग को पेश करें। कोर्ट ने कहा चुनाव आयोग गड़बड़ी वाली वोटर लिस्ट ग्राम पंचायत भवन, ब्लॉक कार्यालय और वार्ड कार्यालय में सार्वजनिक तौर पर लगाए, ताकि लोगों को पता चल सके। पूरी खबर पढ़ें… 15 जनवरी: चुनाव आयोग ने कहा था- हम देश निकाला नहीं दे रहे चुनाव आयोग ने SC में कहा था- SIR के तहत आयोग सिर्फ यह तय करता है कि कोई व्यक्ति वोटर लिस्ट में रहने के योग्य है या नहीं। इससे सिर्फ नागरिकता वेरिफाई की जाती है। SIR से किसी का डिपोर्टेशन (देश से बाहर निकालना) नहीं होता, क्योंकि देश से बाहर निकालने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है। 6 जनवरी: चुनाव आयोग ने कहा- लिस्ट को सही रखना हमारा काम चुनाव आयोग (EC) ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उसे वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेसिव रिविजन (SIR) कराने का पूरा अधिकार है। आयोग ने यह भी बताया कि उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है कि कोई भी विदेशी नागरिक वोटर लिस्ट में शामिल न हो। आयोग की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील ने कहा कि संविधान के अनुसार राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और जज जैसे सभी प्रमुख पदों पर नियुक्ति के लिए भारतीय नागरिक होना अनिवार्य शर्त है। पूरी खबर पढ़ें… 4 दिसंबर: सुप्रीम कोर्ट बोला- BLOs के काम के दबाव को कम करें सुप्रीम कोर्ट ने 4 दिसंबर को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया कि वे SIR में लगे बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के काम के दबाव को कम करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति पर विचार करें। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्रि कझगम (TVK) की उस याचिका पर दिया, जिसमें मांग की गई थी कि समय पर काम ना कर पाने BLOs के खिलाफ जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई न की जाए। पूरी खबर पढ़ें… 26 नवंबर: चुनाव आयोग बोला- राजनीतिक पार्टियां डर का माहौल बना रहीं सुप्रीम कोर्ट में 26 नवंबर को SIR के खिलाफ दायर तमिलनाडु, बंगाल और केरल की याचिका पर सुनवाई हुई थी। इस दौरान चुनाव आयोग ने कहा- SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दल जानबूझकर डर का माहौल बना रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… ----------------- ये खबर भी पढ़ें… चुनाव आयुक्तों को आजीवन सुरक्षा, SC का केंद्र को नोटिस:कहा- छूट संविधान की भावना के खिलाफ हो सकती है, न्यायिक जांच की जरूरत सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों (EC) को उनके आधिकारिक कामों के लिए आजीवन कानूनी इम्युनिटी (सुरक्षा) देने वाला प्रावधान संविधान की भावना के खिलाफ हो सकता है। लॉ ट्रेंड के मुताबिक, कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग (EC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पूरी खबर पढ़ें…
फरीदाबाद में खरीद रहे हैं प्लॉट या फ्लैट? तो जान लें टॉप-12 इलाकों के बारे में, नमो भारत ट्रेन, मेट्रो-एयरपोर्ट तक रीच मिलेगी बेजोड़
लंबे समय से अपने पड़ोसी शहरों, गुरुग्राम और दिल्ली की छाया में रहने वाला फरीदाबाद अब उभरते हुए रियल एस्टेट डेस्टिनेशन के रूप में सामने आ रहा है. पिछले कुछ समय से बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर और कमर्शियल डेवलपमेंट में उछाल के साथ ये शहर रेजीडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के लिए बेस्ट शहर बनता जा रहा है. इस शहर में अफोर्डेबल से लेकर प्रीमियम तक हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के विकल्पों की एक बड़ी श्रृंखला मौजूद है.यही वजह है कि दिल्ली ही नहीं पूरे एनसीआर के साथ कनेक्टिविटी इसे घर खरीदारों और निवेशकों दोनों के लिए पसंदीदा शहर बना रही है. अगर आप यहां घर खरीदने की सोच रहे हैं तो जान लें यहां के टॉप इलाकों के बारे में..
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