JEE मेन्स सेशन-1 22 जनवरी को होगा:सैनिक स्कूल एंट्रेस एग्जाम 31 को, NTA ने 2027 का एग्जाम कैलेंडर जारी किया
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 2026-27 का एग्जाम कैलेंडर जारी किया है। कैलेंडर के मुताबिक दिसंबर 2026 से मार्च 2027 तक का कैलेंडर जारी किया है। कैलेंडर में UGC NET, JEE मेंस 2027 सेशन-1, NIFT, सैनिक स्कूल, CUETसमेत कई परीक्षाओं की प्रपोज डेट जारी की है। UGC NET 14-19 दिसंबर तक UGC-NET का दिसंबर 2026 वाला राउंड 14 से 19 दिसंबर के बीच कराने का प्रस्ताव है। साथ ही NTA ने परीक्षा के लिए 20 और 21 दिसंबर को बफर डेट्स के तौर पर रखा है। जॉइंट CSIR-UGC NET का दिसंबर वाला राउंड 20 और 21 दिसंबर को होगा। बता दें कि ये परीक्षा जूनियर रिसर्च फेलोशिप और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों के लिए एलिजिबिलिटी तय करती है। NTA दिसंबर 2018 से UGC-NET परीक्षा आयोजित कर रहा है। JEE मेन्स सेशन-1 22 जनवरी से शुरू इसी तरह JEE मेन्स और JEE एडवांस्ड की तारीखें भी जारी की गई हैं। 4 जनवरी को आर्मी कैडेट्स कॉलेज परीक्षा के साथ होगी, जबकि JEE मेन्स सेशन 1 परीक्षा 22-24, 28 और 30 जनवरी में होगी। ये एग्जाम IIT में अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग प्रोग्राम में एडमिशन के लिए दिया जाता जाता है। साथ ही ये JEE अडवांस्ड के लिए एलिजिबिलिटी एग्जाम के तौर पर भी काम करता है। सैनिक स्कूल की परीक्षा 13 दिसंबर से शुरू NTA के जारी किये कैलेंडर में सैनिक स्कूलों की परीक्षाओं का शेड्यूल भी जारी किया गया है। राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल्स की परीक्षा 13 दिसंबर 2026 को होगी और ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेस एग्जाम 31 जनवरी को होगा। ।NIFT एंट्रेंस एग्जाम 10 जनवरी 2027 को कराने का प्रस्ताव है। SHRESHTA (NETS) परीक्षा भी 10 जनवरी को होनी तय है। हालांकि NTA ने अपने नोटिफिकेशन में ये साफ किया है कि कैलेंडर में परीक्षा की सभी तारीखें टेंटेटिव हैं। परीक्षा के डिटेल्ड इन्फॉर्मेशन बुलेटिन में इसमें कुछ बदलाव भी हो सकता है। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें..
सिर्फ 1 बच्ची को पढ़ाने स्कूल आते हैं मास्टर मिथारी:13 साल से रोज 5 किमी जंगल पार करके आ रहे; सोशल मीडिया पर मिलीं बधाई
आज के समय में एक 55 साल का टीचर अगर रोज घने जंगलों, बारिश, खूंखार जंगली जानवरों और कच्चे रास्तों से बीच सिर्फ एक छात्रा को पढ़ाने स्कूल जाता है तो यह बात किसी आश्चर्य से कम नहीं है। लेकिन महाराष्ट्र के 55 वर्षीय जीवन मिथारी ऐसे ही टीचर है जो रोज पांच किलोमीटर की पैदल यात्रा करके दूर-दराज के गांव में स्थित स्कूल पहुंचते हैं। जीवन मिथारी कोल्हापुर जिले में गगनबावड़ा तालुका स्थित 'कवलटेक धनगरवाड़ा' के जिला परिषद स्कूल में पिछले 13 साल से टीचर हैं। सिंधुदुर्ग सीमा से सटे इस बेहद दुर्गम गांव में न तो बिजली है और न ही गाड़ियों के जाने का कोई रास्ता। 13 साल से बीहड़ स्कूल में ले रहे क्लास मिथारी के अनुसार, मैं 26 जुलाई 2013 को पहली बार इस स्कूल में आया थाा। तब से लगातार यहीं पढ़ा रहा हूं। हालांकि पहले छात्रों की संख्या ज्यादा थी। कवलटेक धनगरवाड़ा और आसपास के इलाकों में करीब 70–100 परिवार रहते थे। रोजगार और बेहतर सुविधाओं की तलाश में लोग यह गांव छोड़कर शहर चले गए। इस तरह स्कूल में बच्चों की संख्या लगातार कम होती गई। अब स्कूल में आधिकारिक तौर पर सिर्फ एक छात्रा पढ़ती है जिसका नाम स्वरा है। स्वरा की छोटी बहन भी उसके साथ स्कूल आती है, क्योंकि गांव में आंगनवाड़ी केंद्र नहीं है। वह अगले साल कक्षा 1 में जाएगी। तब रोज स्कूल में पढ़ने भी आया करेगी। वन अधिकारियों से मिथारी को किया सचेत मिथारी का कहना है कि इस पांच किमी स्कूल तक पैदल आने जाने के दौरान उन्हें वन्यजीवों के इलाके से होकर गुजरना पड़ता है। एक बार बस्ती के पास एक तेंदुए ने एक बछड़े को मार दिया था। इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों ने वहां ट्रैप कैमरा लगाया, जिसमें तेंदुए की सैकड़ों तस्वीरें कैद हुईं। वन अधिकारियों ने मिथारी को भी सलाह दी थी कि स्कूल जाते और लौटते समय रास्ते में कहीं भी रुकें या बैठें नहीं। ताने को चुनौती माना और तबादला कराया जीवन मिथारी पहले कोल्हापुर जिला प्राथमिक शिक्षक सहकारी बैंक के अध्यक्ष थे। उनके साथियों ने एक बार तंज किया कि रसूखदार शिक्षक हमेशा सुविधायुक्त इलाकों में नियुक्ति ले लेते हैं, जबकि अन्य टीचर्स को दुर्गम क्षेत्रों में भेज दिया जाता है। इस ताने को चुनौती की तरह लेते हुए मिथारी ने खुद अपना तबादला इस गांव में करवाया और तब से यही टीचर हैं। सबसे पास स्कूल 11 KM दूर है इस छोटे से गांव में बच्चों के लिए दूसरे स्कूल में जाना आसान नहीं है। धुंडावाडे में सबसे नजदीकी स्कूल करीब 5.5 किलोमीटर दूर है। अगर बच्चे रोज उस स्कूल में जाएंगे तो उन्हें करीब 11 किलोमीटर की यात्रा करनी होगी। मानसून के दौरान यह सफर और भी मुश्किल हो जाता है। यहां के लोग मुख्य रूप से छोटी खेती, जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने और जामुन व करवंद जैसे जंगल से मिलने वाले उत्पादों पर निर्भर हैं। किसान अपनी फसलों को गौरों से बचाने के लिए दोहरी बाड़ लगाते हैं। ऐसी दूरदराज की बस्ती में यह स्कूल बच्चों की पढ़ाई के लिए बहुत अहम है। जीवन मिथारी मई 2029 में रिटायर होने वाले हैं। रिटायरमेंट से पहले वे चाहते हैं कि स्कूल के बच्चों की सुरक्षा के लिए परिसर के चारों ओर चारदीवारी बनें। ------------------------------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… इंडियन आर्मी में अग्निवीर रैली के लिए टैटू पॉलिसी जारी: ट्राइबल कम्युनिटी और धार्मिक टैटू बनवा सकते हैं, ये 6 तरह के टैटू प्रतिबंधित इंडियन आर्मी ने अग्निवीर रैली के लिए टैटू पॉलिसी जारी की है। इसमें बताया गया है कि शरीर पर कहां टैटू बनवाया जा सकता है और कहां नहीं। अग्निवीर भर्ती में शारीरिक गतिविधियों के साथ उम्मीदवारों के पूरे शरीर की जांच की जाती है। साथ में शरीर पर टैटू भी देखा जाता है क्योंकि सेना में टैटू को लेकर कड़े नियम तय किए गए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें
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