पुणे के Bharati Vidyapeeth थाने के 18 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज, हिरासत में प्रताड़ना का आरोप
महाराष्ट्र में पुणे के भारती विद्यापीठ पुलिस थाने से संबद्ध 18 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हिरासत में मारपीट करने, अवैध रूप से हिरासत में रखने और हत्या के मामले में आरोपी नाबालिगों समेत कई लोगों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के आरोप में दो प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (एमएसएचआरसी) के निर्देशों पर बृहस्पतिवार को यह प्राथमिकियां दर्ज की गई। यह मामले महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) संकेत सतीश गोसावी की शिकायतों पर दर्ज किए गए हैं।
यह कार्रवाई एमएसएचआरसी के नौ सितंबर के फैसले और उसके बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत हुई है। मानवाधिकार आयोग ने नौ सितंबर को कथित तौर पर हिरासत में प्रताड़ित करने, अवैध रूप से हिरासत में रखने और 21 जुलाई को कानून का उल्लंघन करने वाले नाबालिगों को पुलिस वाहन के बोनट से बांधकर उनका सार्वजनिक जुलूस निकालने के मामले में पुणे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश की थी। इस घटना के दौरान तीन नाबालिगों को रस्सियों से पुलिस गाड़ी के बोनट से बांधा गया था और आंबेगांव पठार पुलिस चौकी से भारती विद्यापीठ पुलिस थाने की ओर सड़क पर उनका जुलूस निकाला गया।
इन नाबालिगों को भारती विद्यापीठ पुलिस थाने में दर्ज हत्या के एक मामले के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। शिकायत के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने बच्चों पर बांस के डंडों और लाठियों से हमला किया। वहीं वरिष्ठ निरीक्षक मानसिंह पाटिल और अन्य पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर बच्चों की पहचान हत्या के मामले में आरोपी या हत्यारे के रूप में की।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस सार्वजनिक अपमान के दौरान मृतक की मां ने बच्चों में से एक पर हमला करने की कोशिश भी की थी। प्राथमिकी से पहले तैयार की गई एमएसएचआरसी की तथ्य-अन्वेषण रिपोर्ट में दर्ज किया गया था कि गाड़ी के बोनट पर जुलूस निकालने की बात की पुष्टि मौखिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से हुई है। आयोग ने इस घटना के वीडियो सामने आने और उनके व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद स्वतः संज्ञान लिया था।
दूसरी प्राथमिकी 20 से 24 जुलाई के बीच कानून का उल्लंघन करने वाले आठ बच्चों को अवैध रूप से हिरासत में रखने और उनके साथ मारपीट करने के आरोपों से संबंधित है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बच्चों को निर्धारित अवधि से अधिक समय तक पुलिस हिरासत में रखा गया और उन्हें 25 जुलाई को ही किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। प्राथमिकी में कहा गया है कि हिरासत में रहते हुए बच्चों पर बांस के डंडों और लाठियों से हमला किया गया था।
हालांकि पुलिसकर्मियों ने दस्तावेज तैयार कर यह दिखाया कि उनमें से कुछ को माता-पिता या रिश्तेदारों को सौंप दिया गया था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और आयोग के समक्ष दिए गए बयानों से संकेत मिला कि वे पुलिस हिरासत में ही थे। इनमें से चार बच्चों को बोनट जुलूस के दौरान सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और उनसे मारपीट की गई। शिकायत में कहा गया है कि चार बच्चे अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के थे, जिसके कारण मामले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं।
एक अन्य प्राथमिकी भारती विद्यापीठ पुलिस थाने से संबंधित मामले में गिरफ्तार चार वयस्कों से जुड़ी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हालांकि चारों ने पांच जुलाई को दोपहर लगभग तीन बजे पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन उनकी गिरफ्तारी औपचारिक रूप से रात 10.30 बजे दर्ज की गई। इन चारों को पुलिस हिरासत में डंडों और लाठियों से पीटा गया और बाद में सात जुलाई को लेक टाउन के पास एक एसआरए (झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण) कॉलोनी में ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उन्हें घुटनों के बल बिठाया गया, पीटा गया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया।
शिकायत में कहा गया है कि हिरासत में लिए गए चार लोगों को एसआरए कॉलोनी ले जाने के संबंध में पुलिस थाने की जनरल डायरी या वाहन लॉगबुक में कोई प्रविष्टि दर्ज नहीं है। इन दोनों प्राथमिकियों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम और बच्चों से संबंधित मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान शामिल किए गए हैं।
Odisha में भारी बारिश का कहर: 8,000 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के चलते राज्य सरकार ने निचले और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारी बारिश के कारण दक्षिणी जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की आशंका के बीच राज्य सरकार ने पंचायत राज मंत्री रबी नारायण नाइक और मत्स्य मंत्री गोकुलानंद मल्लिक को क्रमश: कोरापुट और गजपति भेजा है ताकि वे स्थिति से निपटने की तैयारियों की निगरानी कर सकें।
दक्षिणी जिलों से और बारिश तथा जलभराव की खबरों के बीच परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना और स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड को क्रमश: गंजाम और नबरंगपुर जाने को कहा गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि जेना बृहस्पतिवार शाम गंजाम पहुंचेंगे जबकि गोंड विधानसभा में प्रश्नकाल में हिस्सा लेने के बाद शुक्रवार को नबरंगपुर के लिए रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि राहत कार्यों की निगरानी और नुकसान का आकलन करने के लिए चार वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रभावित जिलों में भेजा गया है।
पुजारी ने कहा कि बारिश से गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ और नबरंगपुर प्रभावित हुए हैं। पुजारी ने बताया कि सत्तारूढ़ भाजपा ने प्रभावित क्षेत्रों के विधायकों को अपने-अपने इलाकों का दौरा कर स्थानीय प्रशासन की मदद करने को कहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई जनहानि नहीं हो।
पुजारी ने कहा, ‘‘बृहस्पतिवार दोपहर तक 8,082 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और यह प्रक्रिया जारी है। जिला कलेक्टरों को जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने के निर्देश दिए गए हैं।’’ पुजारी ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। प्रभावित जिलों से पेड़ उखड़ने, भूस्खलन, जलभराव, सड़कें अवरुद्ध होने और सड़कों पर बारिश का पानी बहने की खबरें मिली हैं।
हालांकि उन्होंने कहा कि अभी तक किसी के घायल होने या जनहानि की खबर नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। विभाग ने अगले दो दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।
आईएमडी के सूत्रों के अनुसार राज्य में बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में औसतन 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कोरापुट जिले के सेमिलीगुड़ा में सबसे अधिक 193.9 मिलीमीटर बारिश हुई। राज्य में कम से कम 17 स्थानों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई।
मौसम विभाग ने नबरंगपुर के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश का अनुमान जताया है। बरगढ़, नुआपाड़ा, बलांगीर, कालाहांडी, कोरापुट और मलकानगिरी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है जहां अगले 24 घंटे में 12 से 20 सेंटीमीटर बारिश की संभावना है। बालासोर, संबलपुर, झारसुगुड़ा, क्योंझर, मयूरभंज, सुबर्णपुर, बौध, कंधमाल और रायगढ़ा में सात से 11 सेंटीमीटर बारिश के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
जल संसाधन विभाग ने बताया कि भारी बारिश के मद्देनजर राज्यभर में रणनीतिक स्थानों पर रात में गश्त और जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। आईएमडी ने तटीय इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है और मछुआरों को शुक्रवार सुबह तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। अधिकारियों ने बताया कि मलकानगिरी-छत्तीसगढ़ मार्ग पर स्थित पुल भी पानी में डूब गया है।
बालीमेला, सतीगुड़ा और जालापुट जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ा है। बाढ़ और भूस्खलन के खतरे के कारण बालीमेला-चित्रकोंडा घाट मार्ग बंद कर दिया गया है। कोरापुट में भी पिछले 24 घंटे में भारी बारिश हुई लेकिन अधिकारियों के अनुसार अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और यातायात पर भी कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
कोरापुट के जिलाधिकारी मनोज सत्यवान महाजन ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अधिकारियों को सतर्क रखा गया है। परिवहन प्रभावित नहीं हुआ है। मंत्री रबी नारायण नाइक ने जिला अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया।
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