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पहली नियुक्ति से जुड़ेगी शिक्षकों की सेवा तो बढ़ेगी सैलरी, 10 साल के एरियर का भी दावा, हाईकोर्ट ने सरकार को दिए 4 सप्ताह

मध्य प्रदेश के करीब 70 हजार शिक्षकों की नौकरी की अवधि पहली नियुक्ति की तारीख से जोड़ने का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट से राज्य सरकार की SLP खारिज होने के बाद शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका लगाई है। सुनवाई के दौरान सरकार ने आदेश के पालन के लिए समय मांगा, जिस पर हाईकोर्ट ने चार सप्ताह का समय दिया है।

शिक्षकों की मांग है कि उनकी सेवा की गणना पहली नियुक्ति से की जाए। ऐसा होने पर वरिष्ठता, वेतन बढ़ोतरी, पेंशन और दूसरे सेवा लाभ भी उसी आधार पर तय होंगे। शिक्षकों का दावा है कि इससे उन्हें करीब 10 साल के एरियर का लाभ मिल सकता है और मासिक वेतन में लगभग 15 से 20 हजार रुपए तक का अंतर आ सकता है।

छठे वेतनमान को लेकर है पूरा मामला

शिक्षकों का कहना है कि छठा वेतनमान 1 जनवरी 2006 से लागू हुआ था, लेकिन उन्हें इसका लाभ 2016 से दिया जा रहा है। उनकी मांग है कि पहली नियुक्ति से सेवा अवधि जोड़ते हुए 2006 से ही वेतनमान का लाभ दिया जाए। शिक्षकों के मुताबिक, इस आधार पर प्रत्येक शिक्षक को करीब 7 से 8 लाख रुपए तक एरियर मिल सकता है। एरियर पर 12 प्रतिशत ब्याज दिए जाने की बात भी सामने आई है।

497 शिक्षकों ने शुरू की थी कानूनी लड़ाई

राजेश पांडेय सहित 497 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि शिक्षा विभाग में संविलियन के दौरान 2018 से पहले की उनकी शिक्षकीय सेवा को मान्यता नहीं दी गई। इसी को लेकर उन्होंने नौकरी की अवधि पहली नियुक्ति से मानने और उसी आधार पर वरिष्ठता, वेतन बढ़ोतरी, पेंशन सहित अन्य लाभ देने की मांग की।

हाईकोर्ट से शिक्षकों के पक्ष में फैसला आने के बाद राज्य सरकार ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार की SLP को सुप्रीम कोर्ट ने 24 अगस्त 2026 को खारिज कर दिया। इसके बाद शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका लगाकर आदेश का पालन कराने की मांग की।

सरकार ने मांगा समय, हाईकोर्ट ने दिए चार सप्ताह

अवमानना याचिका पर जस्टिस दीपक खोट की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। सरकार की ओर से आदेश का पालन करने के लिए समय मांगा गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।

शिक्षक नेता उपेंद्र कौशल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से मामला खारिज होने के बाद अब सरकार को हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई करनी चाहिए। शिक्षकों को उम्मीद है कि पहली नियुक्ति से नौकरी की अवधि जुड़ने के साथ लंबित सेवा लाभ भी मिलेंगे।

प्राथमिक से उच्च माध्यमिक तक शिक्षकों को लाभ का दावा

शिक्षकों के मुताबिक, इसका असर अलग-अलग श्रेणी के करीब 70 हजार शिक्षकों पर पड़ सकता है। इनमें लगभग 35 हजार प्राथमिक, 20 हजार माध्यमिक और 15 हजार उच्च माध्यमिक शिक्षक बताए गए हैं। दावा है कि लाभ मिलने पर प्राथमिक शिक्षकों का वेतन करीब 80 हजार रुपए से बढ़कर एक लाख रुपए, माध्यमिक शिक्षकों का 95 हजार से 1.10 लाख रुपए और उच्च माध्यमिक शिक्षकों का एक लाख से बढ़कर 1.20 लाख रुपए तक हो सकता है।

 

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हरदा में भीषण सड़क हादसा, अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, दो युवकों की मौत

हरदा: मध्यप्रदेश के हरदा जिले से एक भीषण हादसे ही खबर सामने आई है। गुरुवार दोपहर को तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। स्पीड इतनी तेज थी कि कार के परखच्चे ही उड़ गये। इस हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हादसे की जांच शुरू की।

जानकारी अनुसार, यह दर्दनाक हादसा सिराली थाना क्षेत्र अतंर्गत खुदिया और सिराली के बीच हुआ। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की काफी भीड़ एकत्रित हो गई। तत्काल ही हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर कार अंदर फंसे दोनों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित किया

जानकारी अनुसार, यह दर्दनाक हादसा सिराली थाना क्षेत्र अतंर्गत खुदिया और सिराली के बीच हुआ। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की काफी भीड़ एकत्रित हो गई। तत्काल ही हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से कार के अंदर फंसे दोनों घायलों को बाहर निकाला एवं इलाज के लिये अस्पताल भेज दिया। लेकिन अस्पताल तक पहुंचने पर डॉक्टरों ने जब दोनों घायलों को देखा तो उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हादसे में जिन दो युवकों की मौत हुई है उनकी पहचान की जा चुकी है। मृतकों की पहचान 18 वर्षीय गौतम पिता पदम और 22 वर्षीय सर्वेश पिता विनोद के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृतकों में से एक ने हादसे से एक दिन पहले ही सेकेंड हैंड कार खरीदी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

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  Sports

क्यों होती है 22 गज की क्रिकेट पिच, क्या हैं इसके पीछे का साइंस, 'गंटर्स चेन' के इस्तेमाल से तय की गई लंबाई

why 22 yard cricket pitch: क्रिकेट में हर रन, हर गेंद और हर शॉट के पीछे पिच की लंबाई का भी बड़ा खेल है. लेकिन सवाल है कि आखिर क्रिकेट की पिच की लंबाई 22 यार्ड ही क्यों तय हुई? इसके पीछे की कहानी करीब 300 साल पुरानी है और इसकी जड़ें 18वीं सदी के इंग्लैंड में मिलती हैं. क्रिकेट की पिच की लंबाई आज पूरी दुनिया में 22 यार्ड यानी 20.12 मीटर तय है. टेस्ट हो, वनडे हो या टी20, पिच की लंबाई में कोई बदलाव नहीं होता. Thu, 24 Sep 2026 20:09:50 +0530

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