बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन का पहला संबोधन, बोले- राजनीति लॉन्ग मैराथन है, यहां स्पीड का नहीं स्टेमिना का टेस्ट होता है
Nitin Nabin BJP National President: बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन ने पहली बार पार्टी के कार्यकर्ताओं को नेताओं को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति बड़ा तब बनता है जब लोगों की भावनाओं से जुड़ता है. पीएम मोदी की सेवा सभी के लिए प्रेरणादायी है. पिछले कार्यकाल में जेपी नड्डा ने किस तरह संगठन को आगे बढ़ाया. कोरोना काल खंड में जब लोग घर में महफूज थे जब भी बीजेपी अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि लोगों की सेवा कीजिए. जब विपक्ष के लोग घर में दुबके थे और बीजेपी कार्यकर्ता लोगों की सेवा में लगा था. उन्होंने इस दौरान सभी नेताओं और वरिष्ठों को नमन किया और कार्यकर्ताओं से आगे बढ़ने की बात कही. नितिन नबीन ने कहा कि राजनीति कोई शॉर्टकट नहीं है. बल्कि यहां आपको अपने स्टेमिना का टेस्ट देना है न की स्पीड का.
महात्मा बुद्ध और महावीर की भूमि से आता हूं
पार्टी के पूर्व सभी राष्ट्रअध्यक्षों का स्मरण करता हूं. 2006 में जब पहली बार विधायक बना उस कालखंड से लेकर तब से अब तक कैसे राजनाथ जी ने पार्टी को हमेशा कार्यकर्ताओं से जुड़कर काम किया. नितिन गडकरी ने कैसे पार्टी के मोर्चे और लक्ष्यों को पूरा करने का काम किया. सेवा की संस्कृति ही पार्टी का सिद्धांत है.
नमन करता हूं उन लाखों कार्यकर्ताओं को जिन्होंने भारतमाता के लिए अपना बलिदान दिया, त्याग किया. उस भूमि से आता हूं जहां महात्मा बुद्ध, महावीर, जेपी, सम्राट अशोक समेत कई बड़े लोगों ने जन्म लिया. अपने माता-पिता और अपने क्षेत्र की जनता को प्रणाम करता हूं. ये पल मेरे लिए संकल्प का क्षण है. पार्टी के आदर्श, परंपराओं को कायम रखूं और इसे और आगे लेकर जाऊं.
#WATCH | Delhi: Newly elected BJP National president Nitin Nabin says, "In the next few months, elections are about to be held in Tamil Nadu, Assam, West Bengal, Kerala and Puducherry, and the demographics of these states are being widely discussed. The changing demographics are… pic.twitter.com/pB55qSakoz
— ANI (@ANI) January 20, 2026
अब दिल्ली से चला एक रुपए गरीब के खातों में पूरा पहुंचता है
दिल्ली से जब एक रुपया चलता है तो गरीब के खाते में वो एक रुपया ही पहुंचता और ये संभव हो पाया है जनधन खाते की वजह से. लंबे समय से कुछ नारे गढ़ते थे. रामलल्ला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे. कश्मीर हमारा है. जैसे कुछ नारों को हमने साकार किया. राम मंदिर बना, रामलल्ला की स्थापना हुई. 370 धारा हटाई गई. लालचौक पर तिरंगा फहराया जा रहा है.
हमने वो वक्त भी देखा जब पाकिस्तान के झंडे फहराए जा रहे थे और दिल्ली सरकार मौन बैठी देखती थी. लेकिन अब वक्त बदला है. कश्मीर की फिजा बदली है. कश्मीर का लाल चौक तिरंगे से लहराया नजर आता है. हम उस नारे के साथ काम करते हैं जहां राष्ट्र फर्स्ट.
अब विकसित भारत की ओर बढ़ने और उसे गढ़ने का वक्त
भारत की कल्पना को साकार करें. उस परिकल्पना को अपने साथ जोड़ें जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है. विकसित भारत की ओर से बढ़ें और इसे गढ़ें. हमारे कालखंड के कार्यकर्ताओं को भी पुरुषार्थ करना पड़ेगा और इसे हासिल करना होगा.
राजनीति 100 मीटर की रेस नहीं
राजनीति शॉर्ट नहीं है...100 मीटर की रेस नहीं है. राजनीति लॉन्ग मैराथन है जहां स्पीड का नहीं बल्कि स्टेमिना का टेस्ट होता है. ऐसे में युवाओं को अपनी भागीदारी तो देनी है साथ ही रेस में स्टेमिना के साथ आगे बढ़ना है ना कि स्पीड के लिए.
आगामी चुनावों की चुनौतियों से निपटकर मजबूत ताकत बनना है
आगे चुनाव होना है पांच राज्यों में जहां डेमोग्राफी बदल रही है और इन्हीं चुनौतियों का सामना करते हुए हमें पांचों राज्यों में मजबूत ताकत बनकर आना है. वंदेमातरम का स्मरण आते ही मन में ऊर्जा का संचार होता है. 150वां वर्षगांठ को जन-जन तक पहुंचाएं क्योंकि वंदेमातरम हमारे वो विश्वास है जो हमें जोश के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. चलिए सब मिलकर विकसित भारत के सपने को साकार करें. राष्ट्र निर्माण की सोच मिलकर पूरा करें.
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दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री चो द्विपक्षीय वार्ता के लिए जाएंगे तुर्की और बेल्जियम
सोल, 20 जनवरी (आईएएनएस)। बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून इस हफ्ते तुर्की और बेल्जियम का दौरा करेंगे। यहां द्विपक्षीय बातचीत के अलावा वे यूरोपियन यूनियन के साथ रणनीतिक वार्ता में भाग लेंगे। मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी।
मंत्रालय ने बताया कि उनकी चार दिवसीय यात्रा तुर्की से शुरू होगी, जहां बुधवार (स्थानीय समय) को वह तुर्की के अपने समकक्ष हाकान फिदान के साथ बातचीत करेंगे।
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उप विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ली मून-बे ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि यह आगामी बातचीत पिछले साल नवंबर में राष्ट्रपति ली जे म्युंग की देश की राजकीय यात्रा के बाद एक फॉलो-अप है।
ली ने कहा, (मंत्री) परमाणु ऊर्जा, रक्षा उद्योग, बायो और इंफ्रास्ट्रक्चर सहित प्रमुख द्विपक्षीय परियोजनाओं में हुई प्रगति पर चर्चा करेंगे।
इसके बाद चो बेल्जियम जाएंगे और गुरुवार को यूरोपीय संघ की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि काजा कैलास के साथ दूसरी रणनीतिक सुरक्षा वार्ता करेंगे।
दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ ने 2010 में सुरक्षा, रक्षा और अर्थव्यवस्था से लेकर व्यापार और विज्ञान और प्रौद्योगिकी तक सहयोग को गहरा करने के लिए संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया। दोनों पक्षों ने 2024 के अंत में रणनीतिक संवाद शुरू किया।
ली ने आगे कहा, दोनों मंत्री दक्षिण कोरिया-यूरोपीय संघ संबंधों पर व्यापक चर्चा करेंगे और कोरियाई प्रायद्वीप और यूक्रेन में युद्ध सहित क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
ब्रसेल्स में रहते हुए, चो बेल्जियम के उप प्रधान मंत्री और श्रम, अर्थव्यवस्था और कृषि मंत्री डेविड क्लारिनवाल के साथ द्विपक्षीय बातचीत करने की भी योजना बना रहे हैं।
2 जनवरी को, ह्यून ने बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के बीच दक्षिण कोरिया की विदेश नीति के विस्तार का संकल्प लिया था।
चो ने अपने भाषण में कहा, जिन मिशनों का प्रभाव सीमित है, उनके लिए हम कुशल पुनर्गठन करेंगे और उन्हें प्रमुख मिशनों पर ध्यान केंद्रित करके मजबूत करेंगे।
उनकी यह टिप्पणी मीडिया रिपोर्टों के बाद आई थी जिसमें साफ किया गया था कि मंत्रालय ने कई देशों में नए दूतावास खोलने की योजनाओं को रद्द कर दिया है। दरअसल, राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने विस्तार की आवश्यकता पर सवाल उठाया था।
--आईएएनएस
केआर/
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