Mumbai Mayor: मुंबई मेयर पद पर फंसा पेंच, महायुति को बहुमत मिलने के बावजूद एकनाथ शिंदे और बीजेपी की दावेदारी से उलझा मामला
Mumbai Mayor: मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में दशकों बाद भगवा लहराया है. महायुति ने शानदार जीत दर्ज की है, जिससे मुंबई से लेकर दिल्ली तक जश्न का माहौल है. हालांकि इस बड़ी जीत के बाद अब सबसे बड़ा पेंच मेयर पद को लेकर फंस गया है. महायुति में शामिल दलों के बीच मेयर को लेकर खींचतान तेज हो गई है.
BJP-शिवसेना के बीच सियासी संग्राम
सूत्रों के मुताबिक, एकनाथ शिंदे की शिवसेना मेयर पद पर अड़ी हुई है. शिंदे गुट चाहता है कि चाहे ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला लागू हो, लेकिन पहले कार्यकाल में मेयर शिवसेना का ही बने. इसी बीच एकनाथ शिंदे को अपने नगरसेवकों के टूटने का डर भी सता रहा है. इसी वजह से शिवसेना (शिंदे गुट) के 29 नगरसेवकों को पिछले तीन दिनों से बांद्रा के एक लग्जरी होटल में ठहराया गया है. डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे खुद होटल पहुंचकर नगरसेवकों से मिले और उन्हें जीत की बधाई दी.
उद्धव ठाकरे का सियासी दांव
मेयर पद की इस खींचतान के बीच उद्धव ठाकरे ने भी बड़ा सियासी दांव चल दिया है. उनका मकसद शिंदे गुट को मेयर पद से दूर रखना बताया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे की शिवसेना का कहना है कि अगर बीजेपी मेयर पद के लिए आगे आती है, तो उनके 65 जीते हुए नगरसेवक वोटिंग में हिस्सा नहीं लेंगे. यानी वे मतदान के दिन अनुपस्थित रहेंगे. अगर ऐसा होता है तो बहुमत का आंकड़ा काफी नीचे आ जाएगा और मेयर चुनाव और उलझ सकता है.
कब मिलेगा मुंबई को नया मेयर?
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि बीएमसी में मेयर को लेकर सियासी संकट गहराता जा रहा है. सवाल यह है कि मुंबई को मेयर कब मिलेगा और आखिर मेयर किस पार्टी का होगा. वहीं उद्धव गुट लगातार महायुति पर तंज कस रहा है और अपने “जादुई आंकड़े” की बात कर रहा है. दूसरी ओर महायुति की सहयोगी पार्टी आरपीआई का कहना है कि आपसी बातचीत से मामला सुलझा लिया जाएगा और मेयर महायुति का ही बनेगा. बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, इसलिए उसका दावा भी मजबूत है. लेकिन शिंदे की अड़ियल नीति ने इस पूरे मामले को और जटिल बना दिया है.
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कौन हैं रामचंद्र राव? अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद जिनके खिलाफ कर्नाटक सरकार ने की कार्रवाई
Who is Ramachandra Rao DGP: कर्नाटक सरकार ने पुलिस महानिदेशक (DGP) रैंक के अधिकारी के रामचंद्र राव को मंगलवार को निलंबित कर दिया. सरकार ने उनके अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद राव के खिलाफ कार्रवाई की है. बताया जा रहा है कि ये वीडियो साल 2017 के हैं. सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में डीजीपी रामचंद्र राव एक युवक महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिख रहे हैं. आरोप है कि वीडियो में दिखाई दे रहा शख्स रामचंद्र राव हैं. हालांकि न्यूज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
जानें कौन हैं के रामचंद्र राव?
बता दें कि के रामचंद्र राव 1993 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी हैं. रामचंद्र राव इसी साल मई में रिटायर होने वाले हैं. आंध्र प्रदेश के रहने वाले के रामचंद्र राव ने नगरम के श्री वेलागापुडी रामकृष्णा मेमोरियल कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पास पीएचडी की डिग्री है. जानकारी के मुताबिक, उनकी अभिनेत्री बेटी सोना तस्करी मामले में जेल में बंद हैं.
राव पर पहले भी लग चुके हैं आरोप
रामचंद्र राव अभिनेत्री रान्या राव के सौतेले पिता हैं. उनपर बेटी रान्या की मदद करने के आरोप भी लग चुके हैं. जिसके चलते उनके खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी और उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया था. इसके साथ ही साल 2014 में जब वे सदर्न रेंज के आईजीपी थे तब उनका नाम विवादित धन जब्ती मामले में भी सामने आया था. तब व्यापारियों ने उनपर आरोप लगाया था कि उन्होंने एक बिजनेसमैन के साथ मिलकर उनसे रुपये लूटे. पुलिस ने 20 लाख रुपये की जब्ती दिखाई, लेकिन व्यापारियों का कहना था कि जब्त की गई रकम 2.27 करोड़ रुपये थी. साल 2023 में उन्होंने डीजीपी रैंक की जिम्मेदारी संभाली.
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