हॉकी प्लेयर, मेडिकल ग्रेजुएट हैं EC सुखबीर सिंह संधू:RBI के मेंबर रहे हैं EC डॉ विवेक जोशी, जानें दोनों इलेक्शन कमिशनर्स की प्रोफाइल
इलेक्शन कमिश्नर सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने हाल ही में SIR यानी स्पेशल इंटेनसिव रिवीजन से जुड़े कुछ फैसलों और प्रोसेस पर आपत्तियां जताईं हैं। सुखबीर सिंह संधू मार्च 2024 में इलेक्शन कमिश्नर अपॉइंट हुए थे और डॉ जोशी को 2025 में इलेक्शन कमिश्नर अपॉइंट हुए थे। जानते हैं दोनों इलेक्शन कमिश्नर्स के प्रोफाइल... सुखबीर सिंह संधू ने लागू करवाया था FASTag सुखबीर संधू 1988 बैच के IAS हैं और उन्होंने MBBS की डिग्री भी ली है यानी वे मेडिकल ग्रेजुएट हैं। अक्टूबर 2019 में संधू ने NHAI यानी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया में चैयरमैन का पद संभाला और FASTag को देशभर में कंपलसरी करने का बदलाव लाए। हाईवे सेक्टर रिफॉर्म्स पर उनका प्रमुख योगदान रहा। ECI के अनुसार, उनके कार्यकाल में करीब ₹30,000 करोड़ के केस को मध्यस्था से सुलझाया गया था। संधू हॉकी प्लेयर रहे हैं। उन्हें ट्रेकिंग और पर्वतारोहण में दिलचस्पी है और उन्होंने उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में ब्लैक पीक (22,000 फीट) की चढ़ाई की है। उन्हें हार्वर्ड बिजनेस स्कूल, बोस्टन, U.S.A. में ‘भारतीय शहरों में तनाव कम करने’ पर भाषण देने के लिए आमंत्रित भी किया गया था। RBI और SBI बोर्ड के मेंबर रह चुके हैं डॉ. विवेक जोशी डॉ. विवेक जोशी 1989 बैच के हरियाणा कैडर के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार में करीब 35 सालों तक कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। 19 फरवरी 2025 से वे भारत निर्वाचन आयोग में इलेक्शन कमिश्नर अपॉइंट हुए हैं। डॉ. जोशी ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंन ट्रेड से इंटरनेशनल बिजनेस में एग्जीक्यूटिव मास्टर्स किया। डॉ. जोशी हरियाणा के जींद, हिसार और पंचकुला के डिप्टी कमिश्नर रहे। इसके बाद डिविजनल नवंबर 2022 में डॉ. जोशी फाइनेंस मिनिस्ट्री (DFS) में कमिश्नर बने। --------------------- ये खबर भी पढ़ें… IIT स्टूडेंट सुसाइड के बाद डीन से हटाए गए दुल्ला:JEE एडवांस्ड, UCEED एग्जाम्स कंडक्ट कराते हैं, एक्सीलेंस इन टीचिंग अवार्ड से सम्मानित; जानें प्रोफाइल IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद इस संस्थान के जिस प्रोफेसर की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह सूर्यनारायण दूल्ला हैं। प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला IIT बॉम्बे के ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर हैं। पूरी खबर पढ़ें..
न कैच, न बोल्ड... क्रीज पर कदम रखने से पहले ही बल्लेबाज आउट, जानिए क्रिकेट का सबसे बेरहम नियम
Time Out Wicket Cricket Rule: क्रिकेट में 'टाइम आउट' बेहद दुर्लभ और विवादित नियम है, जहां बल्लेबाज बिना कोई गेंद खेले ही आउट हो सकता है. एमसीसी के अनुसार विकेट गिरने पर नए बल्लेबाज को 3 मिनट में तैयार होना पड़ता है, जबकि आईसीसी इसे टेस्ट-वनडे में 2 मिनट और टी20 इंटरनेशनल में 90 सेकंड रखती है. निर्धारित समय में न पहुंचने पर खिलाड़ी 'डायमंड डक' का शिकार होता है. श्रीलंका के एंजेलो मैथ्यूज इंटरनेशनल स्तर पर इस नियम से आउट होने वाले पहले क्रिकेटर हैं.
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