बैंक हड़ताल से पहले केंद्र का बड़ा फैसला: कर्मचारियों-पेंशनर्स को 25 सितंबर को मिलेगा वेतन-पेंशन
नई दिल्ली। देशभर में 28 से 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल को देखते हुए केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के भुगतान को लेकर अहम व्यवस्था की है। जानें किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ।
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के अंतर्गत नियंत्रक महालेखा विभाग (CGA) की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन के मुताबिक, सितंबर 2026 का वेतन, मजदूरी और पेंशन 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को अग्रिम रूप से जारी की जा सकती है।
सरकार ने यह कदम बैंक हड़ताल के दौरान बैंकिंग लेनदेन प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए उठाया है, ताकि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को भुगतान में किसी तरह की परेशानी या देरी का सामना न करना पड़े।
केंद्रीय कर्मचारियों को 25 सितंबर को वेतन
- सरकारी आदेश के अनुसार केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों का सितंबर महीने का वेतन 25 सितंबर को अग्रिम रूप से जारी किया जा सकता है।
- इसमें रक्षा, डाक और दूरसंचार विभाग के कर्मचारी भी शामिल हैं।
- आमतौर पर महीने के निर्धारित भुगतान चक्र के अनुसार मिलने वाला वेतन बैंक हड़ताल की संभावित अवधि से पहले उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
- इससे हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति में वेतन भुगतान पर असर पड़ने की संभावना कम होगी।
औद्योगिक कर्मचारियों की मजदूरी भी पहले मिलेगी
ज्ञापन में केंद्र सरकार के औद्योगिक कर्मचारियों की सितंबर 2026 की मजदूरी के संबंध में भी निर्देश दिए गए हैं।
इन कर्मचारियों को भी 25 सितंबर को अग्रिम भुगतान किया जा सकता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य बैंक हड़ताल के कारण मजदूरी भुगतान में होने वाली संभावित देरी से बचाव करना है।
पेंशनर्स के लिए भी राहत
- केंद्र सरकार के पेंशनर्स के लिए भी सितंबर महीने की पेंशन 25 सितंबर को जारी करने की व्यवस्था की गई है।
- यह भुगतान संबंधित बैंक अथवा भुगतान एवं लेखा कार्यालय (PAO) के माध्यम से किया जा सकता है।
- इसमें केंद्र सरकार के संबंधित विभागों से जुड़े पेंशनभोगी शामिल होंगे।
अक्टूबर के भुगतान में हो सकता है समायोजन
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 25 सितंबर को किया जाने वाला वेतन, मजदूरी या पेंशन भुगतान अग्रिम भुगतान माना जाएगा।
बाद में कर्मचारी या पेंशनर की पूरे महीने की वास्तविक देय राशि निर्धारित होने पर आवश्यक समायोजन किया जाएगा।
यदि अग्रिम भुगतान और वास्तविक देय राशि में कोई अंतर सामने आता है तो उसका समायोजन अक्टूबर 2026 के वेतन या मजदूरी में किया जा सकता है।
अन्य जरूरी भुगतान भी पहले निपटाने के निर्देश
सरकार ने वेतन और पेंशन के अलावा सितंबर के अंतिम दिनों में होने वाले अन्य जरूरी भुगतान और बैंकिंग लेनदेन को भी जहां संभव हो, पहले पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
बैंक हड़ताल की प्रस्तावित तारीखें सितंबर तिमाही के अंतिम दिनों के साथ पड़ रही हैं।
ऐसे में सरकारी भुगतान और दूसरे जरूरी बैंकिंग कार्यों में संभावित देरी को देखते हुए विभागों को अग्रिम व्यवस्था करने को कहा गया है।
किन कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा लाभ?
इस व्यवस्था के दायरे में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- केंद्र सरकार के कर्मचारी
- रक्षा विभाग के कर्मचारी
- डाक विभाग के कर्मचारी
- दूरसंचार विभाग के कर्मचारी
- केंद्र सरकार के औद्योगिक कर्मचारी
- संबंधित केंद्र सरकार के पेंशनर्स
- सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश
कार्यालय ज्ञापन में सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को इन निर्देशों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों तक तत्काल पहुंचाने को कहा गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक से भी सभी बैंकों की संबंधित भुगतान शाखाओं को आवश्यक कार्रवाई के लिए इन निर्देशों से अवगत कराने को कहा गया है।
इस व्यवस्था के तहत 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित बैंक हड़ताल से पहले 25 सितंबर को वेतन, मजदूरी और पेंशन का अग्रिम भुगतान किया जा सकता है।
इससे बैंकिंग सेवाओं में संभावित व्यवधान के बावजूद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के भुगतान को समय पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
Raebareli पहुंची Akhilesh Yadav की PDA Rath यात्रा, कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम जुटा
गुरुवार को उत्तर प्रदेश के रायबरेली पहुँचने पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के ‘PDA रथ’ के काफिले को पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ के कारण कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। लाल समाजवादी टोपी पहने समर्थकों ने जोश के साथ पार्टी के झंडे लहराए और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के समर्थन में नारे लगाए। यादव अपनी प्रचार बस के खुले हिस्से में खड़े होकर भीड़ का अभिवादन कर रहे थे और हाईवे पर कई सौ मीटर तक जमा हुए समर्थकों के उत्साहपूर्ण नारों का जवाब दे रहे थे। रायबरेली में लोगों की यह भारी भीड़ - जो गांधी परिवार का गढ़ है और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की संसदीय सीट है - समाजवादी पार्टी के लिए ताकत के एक बड़े प्रदर्शन के तौर पर देखी जा रही है।
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बछरावां इलाके के चुरुआ गांव में यादव के ‘PDA रथ’ पर सवार होने के साथ ही उनके स्वागत का कार्यक्रम हुआ, जिससे 2027 के राज्य विधानसभा चुनावों के लिए उनके प्रचार अभियान की आधिकारिक शुरुआत हुई। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लाल रंग की प्रचार बसें गुरुवार को लखनऊ से रवाना हुईं। ‘PDA रथ’ का यह दौरा मध्य उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की व्यापक लामबंदी कोशिशों का हिस्सा है। 2027 के चुनावों से पहले पार्टी का ध्यान पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के गठबंधन पर है।
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2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत, यादव ने हर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के वोटों की संख्या 27,000 बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। हाल ही में हुई राज्य कार्यकारिणी की बैठक में, उन्होंने पार्टी की रणनीति बताई, राज्य की कानून-व्यवस्था के प्रबंधन की आलोचना की, और मुस्लिम समुदाय का धन्यवाद करते हुए बीजेपी और गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हमने तय किया है कि 2027 के विधानसभा चुनावों में हम हर विधानसभा सीट पर 27,000 वोट बढ़ाने के लिए काम करेंगे। इसका मतलब है कि हम बीजेपी के 27,000 वोट कम करेंगे, जिससे पार्टी के चुनावी नज़रिए का संकेत मिलता है।
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