US China Trade Truce: दोनों देश व्यापार युद्धविराम 10 जनवरी तक बढ़ाने पर राजी
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका और चीन ने दोनों देशों के बीच संभावित बड़े समझौते के लिए और समय देने के मकसद से व्यापार युद्धविराम को दो महीने बढ़ाने पर सहमति जताई है। बेसेंट ने बुधवार को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के वाशिंगटन पहुंचने के कुछ ही समय बाद यह टिप्पणी की। चीनी राष्ट्रपति शी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल अक्टूबर में दक्षिण कोरिया में हुई बैठक में एक साल के व्यापार युद्धविराम पर सहमति जताई थी।
यह सहमति दोनों देशों के बीच एक-दूसरे के खिलाफ शुल्क लगाने की होड़ के बाद बनी थी। बेसेंट ने फॉक्स न्यूज को बताया कि यह समझौता नवंबर में समाप्त होने वाला था और अब इसे 10 जनवरी तक बढ़ाया जाएगा। बेसेंट ने फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम ‘स्पेशल रिपोर्ट विद ब्रेट बेयर’ में कहा, ‘‘हम जिसे ‘बुसान समझौता’ कहते हैं, यानी दोनों देशों के बीच आर्थिक तनाव कम करने की व्यवस्था, जो 10 नवंबर को समाप्त होने वाली थी, उसे 10 जनवरी तक बढ़ाया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि दोनों देश अब भी संभावित बड़े समझौते पर काम कर रहे हैं।
हालांकि, चीन के अधिकारियों ने अभी व्यापार युद्धविराम को बढ़ाए जाने की पुष्टि नहीं की है। बेसेंट ने कहा कि जनवरी तक एक बड़ा आर्थिक पैकेज होने की संभावना है। हालांकि, मौजूदा समझौते को उसी रूप में आगे बढ़ाकर इसकी अवधि को फिर से विस्तार दिए जाने की भी संभावना है।
बेसेंट की यह टिप्पणी शी के अमेरिका के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पहुंचने के कुछ ही समय बाद आई। ट्रंप ने हवाई अड्डे पर उनसे मुलाकात की। दोनों नेताओं की बृहस्पतिवार को व्हाइट हाउस में मुलाकात होनी है, जिसके बाद राजकीय रात्रिभोज होगा।
एक दशक से अधिक समय में शी की यह पहली अमेरिका यात्रा है। बेसेंट ने कहा, ‘‘चीनी पक्ष की ओर से कुछ प्रतिबद्धताएं पूर्ण रूप से पूरी नहीं हुई हैं। इसलिए हम यह भी देखना चाहते हैं कि अब जब हमने उनके साथ बैठकर अपनी अपेक्षाएं बता दी हैं, तो क्या आने वाले महीनों में वे समझौते को पूरी तरह लागू कर सकते हैं।’’ शी की ट्रंप के साथ बैठकों में व्यापार शुल्क, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा (एआई), सैन्य संबंधों, पश्चिम एशिया में संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा होने की उम्मीद है।
बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर रविवार से चीनी उपप्रधानमंत्री हे लाइफेंग और अन्य अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। इन वार्ताओं का उद्देश्य शी की महत्वपूर्ण राजकीय यात्रा के लिए आधार तैयार करना है। बेसेंट ने कहा कि उन्होंने और उनके चीनी समकक्ष हे ने बुधवार को वाशिंगटन में विश्व बैंक में मुलाकात की, जहां दोनों ने युद्धविराम को बढ़ाने पर चर्चा की।
बेसेंट ने कहा कि उन्होंने और उनके चीनी समकक्ष हे ने बुधवार को वाशिंगटन में विश्व बैंक में मुलाकात की, जहां दोनों ने युद्धविराम को बढ़ाने पर चर्चा की।
पॉक्सो मामले में Chennai पुलिस ने कारोबारी R Veeramani के ठिकानों पर की छापेमारी
केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने नाबालिग के यौन शोषण के मामले में प्रमुख ग्रेनाइट कारोबारी आर. वीरमणि और उसके सहयोगियों से जुड़े पांच ठिकानों पर तलाशी ली तथा इस दौरान मोबाइल फोन और डिजिटल दस्तावेज जब्त किए। पुलिस ने यहां बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। यह मामला शहर में स्थित एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के स्वयंसेवक द्वारा 2025 में दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है।
एक अज्ञात व्यक्ति ने एक ‘पेनड्राइव’ सौंपी थी, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा एक नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न किए जाने का वीडियो था। यह घटना वीरमणि की सहयोगी शांति के आवास पर हुई थी। केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) के अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले दस्ते द्वारा की गई जांच के बाद संदिग्ध की पहचान जेम ग्रेनाइट्स के प्रमुख वीरमणि के रूप में हुई।
पुलिस ने 29 अगस्त, 2026 को बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से संबंधित प्रावधानों के तहत वीरमणि (84) और उसके सहयोगियों शांति तथा महेंद्र सिम्हन को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कई नाबालिग लड़कियों को उस घर में लाया गया था और वीरमणि ने कथित तौर पर उनका यौन शोषण किया। इसके बाद तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद जांचकर्ताओं ने पहचान की गई पीड़िताओं के बयान भी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किए। इसके बाद 22 सितंबर, 2026 को एक अन्य संदिग्ध गणेशन को गिरफ्तार किया गया, जिसने वीरमणि की कंपनी में 23 वर्षों तक काम किया था। उस पर आपत्तिजनक वीडियो को अपने पास रखने और इसकी जानकारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को नहीं देने का आरोप है।
उसे गिरफ्तार कर पुझल केंद्रीय जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान गणेशन के कबूलनामे के आधार पर सीसीबी की टीम ने 23 सितंबर को पांच ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें गोपालपुरम स्थित वीरमणि का कार्यालय और टी. नगर स्थित उसका आवास भी शामिल है।
पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए गए। जब्त सामग्री के आधार पर मामले की आगे जांच की जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि जांच अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या कुछ कारोबारी संस्थाओं और वीरमणि के बीच महत्वपूर्ण धनराशि का लेन-देन तथा जमीन का हस्तांतरण हुआ था, ताकि अहम सबूतों को छिपाया जा सके और जांच को भटकाया जा सके।
वीरमणि के खिलाफ कई नाबालिग लड़कियों के कथित यौन शोषण के मामले में गिरफ्तारी के बाद तमिलनाडु में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के इस मामले को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है।
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