BCCI घरेलू सत्र के लिए Muthoot Fincorp को 35 मैचों के Title Sponsor अधिकार सौंपेगा
भारतीय क्रिकेट के टाइटल स्पॉन्सर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मुथूट फिनकॉर्प ने अगले दो घरेलू सत्रों के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के टाइटल स्पॉन्सर अधिकार हासिल कर लिए है। इसके साथ ही भारत में होने वाले अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मुकाबलों में अब मुथूट फिनकॉर्प का नाम टाइटल स्पॉन्सर के तौर पर दिखाई देगा।
क्रिकबज की जानकारी के अनुसार, इस प्रायोजन को ‘ब्लू मुथूट’ नाम से पेश किए जाने की बात सामने आई है। समझौते पर प्रति मुकाबला 4.85 करोड़ रुपये की शुरुआती दर के आधार पर बातचीत हुई है। हालांकि, कुछ सूत्रों का कहना है कि अंतिम रकम इस शुरुआती दर से कम भी हो सकती है। बीसीसीआई की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।
दरअसल, नए टाइटल स्पॉन्सर के नाम की घोषणा में देरी हुई थी। इसकी एक बड़ी वजह यह बताई गई कि अधिकारों के लिए पर्याप्त गभीर बोली लगाने वाले सामने नहीं आए। उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इसकी एक वजह प्रति मुकाबले रखी गई ऊंची शुरुआती कीमत भी थी। इससे पहले आईडीएफसी फर्स्ट बैंक टाइटल स्पॉन्सर था और वह प्रति मुकाबला 4.2 करोड़ रुपये का भुगतान कर रहा था।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अगर अधिकारों के लिए प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया होती तो 13 अगस्त को नए प्रायोजक का फैसला हो जाना था। बीसीसीआई ने अधिकारों की बिक्री के लिए जारी निविदा में इसी तारीख को अंतिम दिन रखा था। लेकिन पर्याप्त बोली नहीं मिलने के बाद बोर्ड ने संभावित कंपनियों के साथ सीधे बातचीत शुरू की।
इस प्रक्रिया के दौरान गूगल जेमिनी, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, स्पिनी और एसबीआई लाइफ जैसी कंपनियों से संपर्क किए जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, एसबीआई लाइफ ने बाद में बीसीसीआई के सहयोगी भागीदार के तौर पर समझौता किया। कैंपा और चैटजीपीटी भी सहयोगी भागीदारों में शामिल हैं। इन तीनों कंपनियों के साथ दो सत्रों के लिए समझौता किया गया है, जिसकी शुरुआत वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की घरेलू सीरीज से हुई है और यह मार्च 2028 तक चलेगी।
बता दें कि कोच्चि स्थित मुथूट परिवार के स्वामित्व वाली मुथूट फिनकॉर्प के पास 31 मार्च 2028 तक भारत में होने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मुकाबलों के शीर्ष प्रायोजन अधिकार रहेंगे। इस अवधि में करीब 35 घरेलू अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले जाने हैं। इनमें 10 टेस्ट, 12 एकदिवसीय और 13 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले शामिल हैं।
नया समझौता तुरंत प्रभाव से लागू माना जा रहा है। इसका पहला असर भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली एकदिवसीय श्रृंखला में दिखाई देगा, जिसकी शुरुआत 27 सितंबर से होनी है। खास बात यह है कि श्रृंखला का पहला मुकाबला मुथूट फिनकॉर्प के घरेलू राज्य केरल में खेला जाएगा। तिरुवनंतपुरम में होने वाला यह मुकाबला नए टाइटल स्पॉन्सर के लिए खास शुरुआत होगी।
गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट के टाइटल स्पॉन्सर अधिकार कंपनियों के लिए बड़े प्रचार मंच के तौर पर देखे जाते हैं। भारत में होने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के साथ-साथ घरेलू मैचों तक ब्रांड की पहुंच मिलने के कारण ऐसे समझौते कंपनियों को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचने का मौका देते हैं। मुथूट फिनकॉर्प के साथ यह साझेदारी मार्च 2028 तक भारतीय क्रिकेट के घरेलू मुकाबलों से जुड़ी रहेगी।
जमशेदपुर में मरीन ड्राइव पर भीषण सड़क हादसा, मंत्री दीपिका पांडे सिंह की बेटी समेत 4 की दर्दनाक मौत
Jamshedpur Car Accident: झारखंड के जमशेदपुर में देर रात एक ऐसा भयानक सड़क हादसा हुआ जिसने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है. जमशेदपुर के मरीन ड्राइव पर रात के सन्नाटे में एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से टकरा गई. यह टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गया. इस दर्दनाक दुर्घटना में झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडे सिंह की बेटी त्रिशा सिंह समेत चार लोगों की असमय मौत हो गई. हादसे की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास से गुजर रहे लोग सहम गए. जब लोग मौके पर पहुंचे तो कार की हालत देखकर दंग रह गए.
खराब खड़े ट्रेलर में जा घुसी तेज रफ्तार कार
घटना देर रात करीब दो से ढाई बजे के बीच की बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक एक स्विफ्ट कार मरीन ड्राइव से गुजर रही थी. उसी दौरान सड़क किनारे पहले से एक खराब ट्रेलर खड़ा हुआ था. रात का समय होने और कार की रफ्तार अधिक होने के कारण चालक समय रहते वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका. देखते ही देखते कार सीधे खड़े ट्रेलर के पिछले हिस्से में जा समाई. टक्कर के बाद कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चारों लोग अंदर ही बुरी तरह फंस गए. कार के पुर्जे सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गए.
गैस कटर से काटकर निकाले गए शव
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची. गाड़ी की हालत इतनी खराब थी कि उसमें फंसे लोगों को सामान्य तरीके से बाहर निकालना नामुमकिन था. पुलिस और राहत दल ने बिना देर किए गैस कटर का इंतजाम किया. इसके बाद काफी मशक्कत करके कार की बॉडी को काटा गया और तब जाकर एक-एक करके चारों शवों को बाहर निकाला जा सका. कार के भीतर का दृश्य बेहद हृदय विदारक था. पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम अस्पताल भिजवाया.
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