Responsive Scrollable Menu

Curd vs Yogurt: दही और योगर्ट को एक समझने की न करें गलती, बनाने के तरीके से लेकर स्वाद तक जानें क्या है अंतर

Curd vs Yogurt: सुबह नाश्ते में दही, लंच के साथ रायता या शाम को योगर्ट खाना, ये सभी आम आदतें हैं। दोनों को सेहतमंद डाइट का हिस्सा माना जाता है, लेकिन इनके बीच अंतर सिर्फ नाम का नहीं है। दही आमतौर पर घर में दूध को थोड़े पुराने दही की मदद से जमाकर बनाया जाता है, जबकि योगर्ट में खास तरह के बैक्टीरिया की मदद से दूध को फर्मेंट किया जाता है। जाने दोनों में क्या अंतर है और कौन सा कैसे बनता है।

1. बनाने का तरीका अलग होता है
दही (Curd): दूध में थोड़ी मात्रा में पहले से जमा दही मिलाकर उसे कुछ घंटों तक जमने के लिए रखा जाता है। इसमें मौजूद जीवित बैक्टीरिया दूध को फर्मेंट करते हैं।

योगर्ट (Yogurt):इसे खास बैक्टीरियल कल्चर से तैयार किया जाता है। आम योगर्ट में लैक्टोबैसिलस बुल्गारिकस और स्ट्रेप्टोकोकस थर्मोफिलस जैसे बैक्टीरिया इस्तेमाल होते हैं।

2. स्वाद और बनावट में फर्क
घर का दही आमतौर पर हल्का खट्टा हो सकता है और इसकी बनावट थोड़ी नरम या ढीली रहती है। योगर्ट की बनावट अक्सर ज्यादा गाढ़ी और क्रीमी होती है, खासकर ग्रीक योगर्ट की। दोनों का स्वाद बनाने की विधि, दूध और फर्मेंटेशन के समय पर निर्भर करता है।

स्वाद और बनावट में फर्क

3. प्रोबायोटिक्स के मामले में क्या अंतर है?
प्रोबायोटिक्स ऐसे जीवित सूक्ष्मजीव होते हैं, जिन्हें पर्याप्त मात्रा में लेने पर सेहत को फायदा हो सकता है। कुछ योगर्ट में खास प्रोबायोटिक स्ट्रेन मिलाए जाते हैं, जबकि घर के दही में भी जीवित बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं। हालांकि हर दही या योगर्ट में प्रोबायोटिक्स की एक जैसी मात्रा या किस्म नहीं होती।

4. पोषण में कितना अंतर होता है?
दही और योगर्ट दोनों में प्रोटीन, कैल्शियम और दूसरे पोषक तत्व मिल सकते हैं। इनमें पोषण का अंतर दूध के प्रकार और बनाने की प्रक्रिया पर निर्भर करता है। ग्रीक योगर्ट में सामान्य योगर्ट की तुलना में प्रोटीन ज्यादा हो सकता है, जबकि मीठे या फ्लेवर्ड योगर्ट में अतिरिक्त चीनी हो सकती है।

पोषण में कितना अंतर होता है?

5. क्या दोनों को एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल कर सकते हैं?
कई व्यंजनों में दही और सादा योगर्ट एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल किए जा सकते हैं। रायता, मैरिनेशन और स्मूदी में दोनों काम आ सकते हैं। लेकिन हर रेसिपी में स्वाद और गाढ़ेपन का अंतर हो सकता है, इसलिए जरूरत के अनुसार मात्रा बदलनी पड़ सकती है।

दही या योगर्ट, क्या चुनें?
अगर आप रोज की डाइट में दही या योगर्ट शामिल करना चाहते हैं, तो सादा और बिना अतिरिक्त चीनी वाला विकल्प चुन सकते हैं। दोनों में से चुनाव आपकी पसंद, उपलब्धता और डाइट की जरूरत पर निर्भर करता है। किसी एक को हर व्यक्ति के लिए ज्यादा फायदेमंद मानना सही नहीं होगा।

(Disclaimer): यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है। दूध से एलर्जी या लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोगों को दही या योगर्ट के सेवन से परेशानी हो सकती है। किसी स्वास्थ्य समस्या या विशेष डाइट की स्थिति में डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लें।

यह भी पढ़ें: बिजी शेड्यूल में भी सेहत का रखें ख्याल, सुबह उठने से रात को सोने तक अपनाएं ये 10 आदतें

Continue reading on the app

CEC और EC चयन पैनल में LoP की मौजूदगी महज दिखावा, Supreme Court में बोले Justice Datta

प्रधानमंत्री, एक कैबिनेट मंत्री और विपक्ष के नेता (LoP) के पैनल द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के कानून की वैधता पर विचार करते हुए, जस्टिस दीपांकर दत्ता ने बुधवार को इसकी कमियां बताईं। उन्होंने कहा कि इससे सरकार (एग्जीक्यूटिव) को बहुत ज़्यादा ताकत मिलती है और विपक्ष के नेता की मौजूदगी सिर्फ़ दिखावे की रह जाती है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की आज़ादी पर सवाल उठते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज़ादी के बाद से ही सरकारें चुनाव आयोग को अपने कंट्रोल में रखने की कोशिश करती रही हैं।

इसे भी पढ़ें: CEC ज्ञानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें: चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी पर Congress का बड़ा हमला

जस्टिस दत्ता ने कहा कि सात दशकों से ज़्यादा समय में, सत्ता में आने वाली हर सरकार को उन संस्थाओं को अपने कंट्रोल में रखना सुविधाजनक लगा, जिन्हें संविधान ने आज़ाद रखने की कल्पना की थी। आर्टिकल 324(2) के तहत कानून बनाने का मतलब होता ECI को सरकार के पूरी तरह से कंट्रोल से आज़ाद करना और सत्ताधारी सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी करना। इस कोर्ट की राय में, यह किसी एक पार्टी या एक दौर की नाकामी नहीं रही है। दशकों से राजनीतिक सत्ता की एक लगातार दिखने वाली बात यह रही है कि वह उसी संस्था पर अपना दबदबा बनाए रखना चाहती है, जिसे सत्ता पर उसके दावे को परखने का काम सौंपा गया है।

उन्होंने कहा कि अगर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने हैं, तो यह ज़रूरी है कि चुनाव आयोग (EC) न सिर्फ़ एक स्वतंत्र संस्था हो, बल्कि स्वतंत्र रूप से काम करता हुआ भी दिखे। साथ ही, यह दुखद है कि सत्ता में रही किसी भी पार्टी ने—जिसे भारत के लोगों ने इस महान देश पर शासन करने की ज़िम्मेदारी सौंपी थी—उस तरह का कानून बनाने की पहल नहीं की, जैसा कानून बनाने का काम अनुच्छेद 324(2) ने देश की सर्वोच्च कानून बनाने वाली संस्था, यानी संसद, पर छोड़ा था।

जस्टिस दत्ता ने कहा कि साफ़ वजहों से, कोई भी राजनीतिक पार्टी अपनी चुनावी किस्मत को पूरी तरह से स्वतंत्र मध्यस्थ के हाथों में नहीं सौंपना चाहती थी। सत्ता में बने रहने के लिए, कार्यकारी कार्रवाई के ज़रिए लगातार यही कोशिश की जाती रही है—चुनाव आयोग के गठन को प्रभावित करना, CEC और EC की नियुक्ति की प्रक्रिया को नियंत्रित करना और इस तरह, चुनाव के प्रतिकूल नतीजों को अपने पक्ष में करना।

इसे भी पढ़ें: ममता बनर्जी ने CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और बंगाल में दोबारा चुनाव की मांग उठाई

कानून के ख़िलाफ़ उठाए गए तर्कों का सारांश देते हुए उन्होंने कहा कि इस तर्क का मूल सार यह है: यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर क्रिकेट मैच में अंपायर को एक टीम का कप्तान चुनता है और उसकी टीम जीत जाती है, तो भले ही अंपायर के फ़ैसले सही हों, उन पर शक की गुंजाइश बनी रहती है, क्योंकि आख़िरकार अंपायर को जीतने वाले कप्तान ने ही चुना होता है। जस्टिस दत्ता ने आगे कहा कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि निष्पक्ष चुनाव काफ़ी हद तक एक पूरी तरह से स्वतंत्र चुनाव आयोग पर निर्भर करते हैं। चुनाव आयोग का स्वतंत्र होना ही काफ़ी नहीं है, बल्कि उसका स्वतंत्र दिखना भी ज़रूरी है। 

Continue reading on the app

  Sports

Women’s UPL 2026: देहरादून वॉरियर्स बनी उत्तराखंड प्रीमियर लीग की चैंपियन, फाइनल में मसूरी क्वींस को दी मात

Women's UPL 2026: विमेंस उत्तराखंड प्रीमियर लीग 2026 का फाइनल मैच देहरादून वॉरियर्स और मसूरी क्वींस की टीमें के बीच खेला गया. इस मैच में देहरादून वॉरियर्स ने 15 रनों से बाजी मारी. Fri, 25 Sep 2026 00:03:09 +0530

  Videos
See all

Purnia में Stormy Havoc, चंद मिनटों में उड़ गए 40+ घरों के छप्पर! | #viralvideo #viralnews #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-24T18:37:58+00:00

बम निरोधक ऑपरेशन में बड़ा बदलाव, अब रोबोट संभालेगा मोर्चा! | #viralvideo #viralnews #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-24T18:39:16+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers