Market Update: रुपया 14 पैसे टूटकर 90.92 प्रति डॉलर पर बंद
अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया सोमवार को 14 पैसे टूटकर 90.92 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 91 के स्तर को पार कर गया था। वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच विदेशी मुद्रा निकासी में तेजी से घरेलू मुद्रा दबाव में रही।
एक महीने में यह दूसरा मौका है जब रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91 के स्तर के पार गया है। विदेशी मुद्रा विश्लेषकों ने बताया कि अमेरिकी मुद्रा की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद घरेलू शेयर बाजारों में बिकवाली दबाव से भारतीय मुद्रा दबाव में रही।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण करने की उनकी योजना का विरोध करने पर यूरोपीय देशों पर शुल्क लगाने की घोषणा की है। इसके बाद निवेशक भी चिंतित हैं। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.68 प्रति डॉलर पर खुला।
कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 91.01 के स्तर से नीचे चला गया था। अंत में यह डॉलर के मुकाबले 90.92 (अस्थायी) पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 14 पैसे कम है। रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.78 पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने बताया कि विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की लगातार निकासी और कमजोर घरेलू बाजारों से रुपये में लगातार चौथे सत्र में गिरावट आई। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति तथा ग्रीनलैंड पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से रुपये में गिरावट का रुख रहने का अनुमान है।
चौधरी ने कहा, ‘‘ डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 90.60 रुपये से 91.30 रुपये के बीच रहेगा।’’ इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.97 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार के मोर्चे पर सेंसेक्स 324.17 अंक यानी 0.39 प्रतिशत टूटकर 83,246.18 अंक पर जबकि निफ्टी 108.85 अंक यानी 0.42 प्रतिशत फिसलकर 25,585.50 अंक पर बंद हुआ।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.94 प्रतिशत की गिरावट के साथ 63.53 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 4,346.13 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
Supreme Court ने राजमार्ग से 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानें हटाने के आदेश पर रोक लगाई
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को राजस्थान उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें राज्य सरकार को राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से 500 मीटर के दायरे में आने वाली सभी शराब की दुकानों को हटाने का निर्देश दिया गया था।
उच्च न्यायालय ने सड़क हादसों में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए यह आदेश दिया था। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने शराब विक्रेताओं और राजस्थान सरकार की याचिकाओं पर नोटिस जारी किया। हालांकि, पीठ ने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय की चिंता वाजिब थी और सरकार भविष्य में अपनी आबकारी नीति बनाते समय इस पर विचार कर सकती है।
शीर्ष अदालत ने आदेश दिया, नोटिस जारी किया जाए। चुनौती दिए गए आदेश के प्रभाव और क्रियान्वयन पर रोक लगाई जाती है। राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने पहले निर्देश दिया था कि राजमार्गों से 500 मीटर के भीतर शराब की दुकानें नहीं होनी चाहिए, लेकिन समस्या वहां पैदा हुई जहां ये सड़कें शहरों से होकर गुजरती हैं।
उन्होंने कहा, बाद में आदेश में स्पष्ट किया गया था कि नगर निकाय (नगर पालिका/ नगर निगम) की सीमा के भीतर शराब की दुकानों पर ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं होगा। शराब दुकान मालिकों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि उच्च न्यायालय ने संबंधित पक्षों को सुने बिना आदेश पारित करने में गलती की है।
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय सुजानगढ़ गांव से जुड़े एक मामले की सुनवाई कर रहा था, लेकिन उसने अन्य पक्षों को सुने बिना पूरे राज्य के लिए आदेश जारी कर दिया। इस पर न्यायमूर्ति मेहता ने कहा कि उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र पूरे राज्य में होता है।
रोहतगी ने अपनी दलील जारी रखते हुए कहा कि उच्च न्यायालय का नजरिया उच्चतम न्यायालय के उस निर्देश के विपरीत था, जिसमें कहा गया था कि नगर निकाय सीमा के भीतर ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है।
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