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CTET 2026: कल बंद हो जाएगी सितंबर परीक्षा की आवेदन विंडो, तुरंत करें अप्लाई

CTET 2026: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए जरूरी खबर है। सितंबर सेशन की परीक्षा के लिए दोबारा खोली गई आवेदन विंडो अब बंद होने वाली है। CBSE ने आवेदन करने की अंतिम तारीख 1 सितंबर 2026 निर्धारित की है। ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक फॉर्म नहीं भरा है, उन्हें बिना इंतजार किए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। वहीं, परीक्षा की नई तारीख को लेकर भी उम्मीदवारों का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है।

कल बंद हो जाएगी CTET 2026 की आवेदन विंडो
CBSE की ओर से CTET September 2026 के लिए आवेदन विंडो दोबारा खोली गई थी। इसका मकसद उन उम्मीदवारों को मौका देना था, जो पहले किसी वजह से आवेदन नहीं कर पाए थे। अब यह विंडो 1 सितंबर 2026 को बंद हो जाएगी। जो उम्मीदवार पहले ही CTET के लिए आवेदन कर चुके हैं, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है।

CTET Exam Date पर क्या है अपडेट?
सीटीईटी की परीक्षा की नई तारीख का ऐलान अभी नहीं किया गया है। आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, आवेदन पोर्टल बंद होने के बाद परीक्षा की नई तारीख घोषित की जाएगी। ऐसे में 1 सितंबर के बाद कभी भी एग्जाम डेट जारी होने की उम्मीद है।

परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को सिटी इंटिमेशन स्लिप करीब 10 से 15 दिन पहले, जबकि एडमिट कार्ड परीक्षा से लगभग 4 दिन पहले उपलब्ध कराया जाएगा।

CTET Paper 1 के लिए योग्यता
पेपर 1 यानी कक्षा 1 से 5 के शिक्षक बनने के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता में 12वीं के बाद 2 वर्षीय D.El.Ed या समकक्ष योग्यता शामिल है। कुछ निर्धारित योग्यता संयोजनों में स्नातक और B.Ed जैसी योग्यता भी मान्य हो सकती है। उम्मीदवारों को अपने मामले में विस्तृत पात्रता आधिकारिक सूचना ब्रोशर से जरूर जांचनी चाहिए।

CTET Paper 2 के लिए योग्यता
पेपर 2 यानी कक्षा 6 से 8 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए स्नातक के साथ 2 वर्षीय D.El.Ed या समकक्ष योग्यता सहित निर्धारित शैक्षणिक विकल्प लागू होते हैं। पात्रता को लेकर किसी तरह की गलती से बचने के लिए उम्मीदवार आधिकारिक ब्रोशर में अपनी योग्यता का मिलान जरूर करें।

कितनी है CTET आवेदन फीस?
अन्य वर्गों के उम्मीदवारों के लिए:
एक पेपर: ₹1,000
दोनों पेपर: ₹1,200

SC, ST और दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए:
एक पेपर: ₹500
दोनों पेपर: ₹600
फीस का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है।

CTET 2026 के लिए ऐसे करें आवेदन

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाएं।
  • होमपेज पर LATEST NEWS सेक्शन में Apply: CTET SEP 2026 (Date Extended till 01.09.2026) लिंक पर क्लिक करें।
  • मांगी गई जानकारी दर्ज करके रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
  • लॉगिन करने के बाद आवेदन फॉर्म में बाकी विवरण भरें।
  • आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  • निर्धारित आवेदन शुल्क जमा करें।
  • फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

जरूरी बात: आवेदन की अंतिम तारीख 1 सितंबर 2026 है। जिन उम्मीदवारों ने अभी तक फॉर्म नहीं भरा है, वे अंतिम समय की तकनीकी परेशानी से बचने के लिए समय रहते आवेदन पूरा कर लें।
 

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UPI Payment Charges:₹2000 से ऊपर पेमेंट पर क्या लगेगा चार्ज? सरकार ने बताया पूरा नियम

UPI Payment Charges: UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR लागू किए जाने को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से सरकार पर विदेशी दबाव में फैसला लेने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं, वित्त मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि भारत की UPI नीति स्वतंत्र रूप से तय की जाती है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि UPI इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों से सीधे MDR नहीं लिया जाएगा।

वित्त मंत्रालय और PIB के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होगा। ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR की दर 0.4 फीसदी होगी। हालांकि, यह शुल्क ग्राहक पर नहीं बल्कि मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम में लागू होगा।

क्या अब UPI से पैसे भेजने पर चार्ज लगेगा?
नहीं। Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह फ्री रहेंगे, चाहे ट्रांजैक्शन की रकम कितनी भी हो। यानी किसी दोस्त, परिवार के सदस्य या दूसरे व्यक्ति को UPI से ₹5,000, ₹20,000 या इससे ज्यादा भेजने पर MDR नहीं लगेगा। इसी तरह ₹2,000 तक के मर्चेंट पेमेंट भी MDR से मुक्त रहेंगे।

₹2000 से ऊपर UPI पेमेंट पर क्या बदलेगा?
नए फ्रेमवर्क के तहत ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा P2M ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा।

उदाहरण के तौर पर:

  • ₹3,000 के पात्र मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% = ₹12
  • ₹10,000 पर = ₹40
  • ₹50,000 पर = ₹200
  • ₹75,000 या उससे अधिक पर अधिकतम MDR ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन रहेगा।

महत्वपूर्ण बात यह है कि यह MDR कोई सरकारी टैक्स नहीं है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह पेमेंट इकोसिस्टम के प्रतिभागियों-जैसे बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और UPI ऐप प्रोवाइडर के बीच वितरित किया जाएगा।

ग्राहक को MDR क्यों नहीं देना होगा?
वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि MDR मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम का शुल्क है, ग्राहक से UPI इस्तेमाल करने का शुल्क नहीं।

मंत्रालय के मुताबिक, बैंकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश हैं कि मर्चेंट MDR की लागत ग्राहक पर न डालें। UPI ऐप्स को भी अलग से प्लेटफॉर्म या छिपा हुआ शुल्क लगाने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, किसी व्यापारी के अपने सामान या सेवा की कीमत तय करने पर इस नियम का क्या व्यावसायिक असर होगा, यह अलग विषय है।

96% मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर नहीं पड़ेगा असर
वित्त मंत्रालय के अनुसार, करीब 96% P2M यानी Person-to-Merchant UPI ट्रांजैक्शन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे। इसमें ₹2,000 तक के मर्चेंट पेमेंट और जीरो-MDR फ्रेमवर्क के तहत आने वाले छोटे मर्चेंट शामिल हैं।

छोटे दुकानदारों के लिए क्या नियम है?
QR कोड के जरिए UPI पेमेंट लेने वाले पात्र छोटे मर्चेंट, जिनकी मासिक UPI प्राप्ति ₹1 लाख तक है, जीरो-MDR फ्रेमवर्क के तहत बने रहेंगे।

रेलवे, फ्यूल और टेलीकॉम के लिए अलग नियम
कुछ जरूरी और कम मार्जिन वाले सेक्टरों के लिए 0.4% MDR की जगह ₹5 प्रति ट्रांजैक्शन का फ्लैट MDR रखा गया है। इसमें रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और कृषि इनपुट जैसे सेक्टर शामिल हैं। यह व्यवस्था ₹2,000 से अधिक के पात्र ट्रांजैक्शन पर लागू होगी।

Mutual Fund और Securities Payment पर कितना MDR?
म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉकब्रोकर और डीलर्स से जुड़े भुगतान के लिए MDR की दर 0.02% रखी गई है। इसमें भी प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम शुल्क ₹300 होगा।

UPI पर विदेशी दबाव का आरोप क्या है?
इस मुद्दे पर विपक्ष और सरकार के बीच राजनीतिक विवाद भी सामने आया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि UPI पर MDR लागू करने का रास्ता अमेरिकी पेमेंट कंपनियों के दबाव में खोला गया है। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि मर्चेंट पर लगने वाला शुल्क आगे चलकर कीमतों के जरिए ग्राहकों पर पड़ सकता है। ये विपक्ष के आरोप और आशंकाएं हैं।

इसके जवाब में वित्त मंत्रालय ने कहा है कि UPI से जुड़े नीतिगत फैसले स्वतंत्र रूप से लिए जाते हैं और किसी बाहरी दबाव के कारण नहीं लिए गए हैं। सरकार के अनुसार नए फ्रेमवर्क का उद्देश्य UPI इकोसिस्टम को लंबे समय तक टिकाऊ बनाना, साइबर सिक्योरिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना तथा छोटे कारोबारियों के लिए डिजिटल पेमेंट का विस्तार करना है।

UPI को MDR की जरूरत क्यों बताई गई?
सरकार का कहना है कि UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है और इतने बड़े डिजिटल पेमेंट नेटवर्क के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और सर्विस को लगातार मजबूत करने की जरूरत है। नए फ्रेमवर्क से मिलने वाले MDR को पेमेंट इकोसिस्टम में वितरित किया जाएगा। सरकार का तर्क है कि इससे UPI के लिए एक अधिक टिकाऊ आर्थिक मॉडल बनाने में मदद मिलेगी।

खास बातें 

  • UPI पूरी तरह खत्म नहीं हो रहा और न ही हर पेमेंट पर चार्ज लग रहा है।
  • 15 अक्टूबर से बदलाव मुख्य रूप से ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन में होगा।
  • P2P ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे, ₹2,000 तक के मर्चेंट पेमेंट फ्री रहेंगे और सरकार के अनुसार ग्राहक से MDR सीधे नहीं लिया जाएगा।

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  Sports

Asian Games 2026: अफगानिस्तान ने जापान को 48 रन से हराया, गुल-कहरोटे की स्पिन के आगे ढेर हुई मेजबान टीम

Afghanistan vs Japan: एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट मुकाबले में अफगानिस्तान ने शानदार आगाज किया है। निस्शिन में खेले गए ग्रुप-ए के मुकाबले में अफगानिस्तान ने मेजबान जापान को 48 रन से हरा दिया। अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 129 रन बनाए थे, लेकिन उसके स्पिन गेंदबाजों ने जापान को महज 81 रन पर समेट दिया।

130 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जापान की शुरुआत खराब नहीं रही। टीम ने शुरुआती ओवरों में संभलकर बल्लेबाजी की और आठवें ओवर तक 53 रन पर दो विकेट गंवाए थे। यहां से अफगानिस्तान के गेंदबाजों ने मैच पूरी तरह अपने कब्जे में कर लिया।

राइट आर्म रिस्ट स्पिनर अरब गुल ने अपने टी20 इंटरनेशनल डेब्यू को यादगार बना दिया। उन्होंने महज 8 रन देकर 4 विकेट चटकाए। गुल ने 12वें और 14वें ओवर में दो-दो विकेट लेकर जापान की पारी की कमर तोड़ दी। उनकी गेंदबाजी के सामने जापान 60 रन पर 4 विकेट से 63 रन पर 8 विकेट तक पहुंच गया।

इसके बाद अब्दुल्लाह अहमदजई और बाएं हाथ के स्पिनर नांगेयालिया कहरोटे ने बाकी बल्लेबाजों को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। कहरोटे ने 19 रन देकर 3 विकेट लिए, जबकि अहमदजई को 2 सफलता मिली। जापान की पूरी टीम 19.3 ओवर में 81 रन पर ऑलआउट हो गई। जापान की ओर से सकुरानो-थॉमस ने सबसे ज्यादा 23 रन बनाए।

इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की टीम ने 129 रन का स्कोर खड़ा किया। मोहम्मद अकरम ने 34 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि कप्तान दरविश रसूली ने 29 और करीम जनत ने 21 रन बनाए।

जापान के गेंदबाजों ने अफगानिस्तान को शुरुआती 15 ओवर में छह रन प्रति ओवर से कम की रन गति पर बांधे रखा। राइट आर्म तेज गेंदबाज शोमा सुगाया-स्लेटर और ऑफ स्पिनर इब्राहिम ताकाहाशी ने दो-दो विकेट लिए।

हालांकि, मोहम्मद इशाक ने आखिर में तेजी से रन बनाकर अफगानिस्तान को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। उन्होंने नंबर-6 पर उतरकर सिर्फ 17 गेंदों में नाबाद 25 रन बनाए।

यह जापान के लिए भारत के खिलाफ बारिश से प्रभावित मुकाबले के दो दिन बाद आया एक और मुकाबला था। अब ग्रुप-ए में अफगानिस्तान और जापान के सामने नेपाल की चुनौती होगी। ग्रुप की शीर्ष दो टीमें क्वार्टर फाइनल में जगह बनाएंगी।

Thu, 24 Sep 2026 11:23:48 +0530

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Bihar News: बिहार के Samastipur से फिर शर्मसार कर देने वाली वारदात हुई | Jamui | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-24T07:15:33+00:00
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