IIT बॉम्बे छात्र सुसाइड केस में CCTV फुटेज सामने आया, परीक्षा खत्म होने से 20 मिनट पहले का बताया जा रहा फुटेज
IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के मामले में अब एक CCTV क्लिप सामने आने की जानकारी है. दावा किया जा रहा है कि यह फुटेज 18 सितंबर को IIT बॉम्बे के एग्जाम रूम का है. फुटेज में साहिल वाकोड़े परीक्षा देते हुए दिखाई दे रहा है. दावा है कि परीक्षा खत्म होने से करीब 20 मिनट पहले का यह CCTV फुटेज है. सामने आए CCTV क्लिप में एक छात्र सबसे आगे की बेंच पर बैठा दिखाई दे रहा है, जिसकी पहचान साहिल वाकोड़े के तौर पर की जा रही है.
शिक्षक और साहिल के बीच कुछ देर बातचीत हुई
वीडियो में साहिल ने काले रंग की टी-शर्ट पहनी हुई है और वह अपनी सीट पर बैठकर परीक्षा देता दिखाई दे रहा है. इसी दौरान एक शिक्षक साहिल के पास आकर रुकते हैं और उससे कुछ सवाल करते हुए दिखाई देते हैं. CCTV फुटेज के मुताबिक, शिक्षक और साहिल के बीच कुछ देर बातचीत होती दिखाई दे रही है.
IIT बॉम्बे छात्र सुसाइड केस में CCTV फुटेज सामने आया, परीक्षा खत्म होने से 20 मिनट पहले का बताया जा रहा फुटेज pic.twitter.com/4iPZ3dYhas
— Mohit Saxena (@mohit_famous) September 23, 2026
CCTV क्लिप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं
इस दौरान साहिल अपनी बेंच से उठता है और फिर दोबारा बैठ जाता है. इसके बाद भी कुछ समय तक शिक्षक और साहिल के बीच बातचीत जारी रहती है. बताया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम परीक्षा समाप्त होने से करीब 20 मिनट पहले का है. हालांकि, इस CCTV क्लिप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. फुटेज में बातचीत का ऑडियो उपलब्ध है या नहीं और शिक्षक-साहिल के बीच वास्तव में क्या बातचीत हुई, यह भी फिलहाल स्पष्ट नहीं है.
इस CCTV फुटेज से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच अब मामले की जांच कर रही एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है.
* IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोड़े केस
* CCTV फुटेज सामने आने का दावा
* 18 सितंबर के एग्जाम रूम का बताया जा रहा फुटेज
* परीक्षा खत्म होने से 20 मिनट पहले का फुटेज
* सबसे आगे की बेंच पर बैठे दिखाई दे रहे साहिल
* शिक्षक साहिल के पास आकर बातचीत करते दिखाई दिए
* बातचीत के दौरान साहिल बेंच से उठा, फिर बैठा
* CCTV की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी
आईआईटी बॉम्बे सुसाइड मामले में सबसे बड़ा सबूत
18 सितंबर का ये एग्जामिनेशन हॉल का सीसीटीवी फुटेज है. साहिल इसमें सबसे आगे पहली बेंच पर काली टी शर्ट पहने बैठा है. एग्जाम दोपहर 1 बजे तक थी, आख़िर के 20 मिनटों में क्या हुआ वो इस फुटेज के ज़रिए जाँच एजेंसियां तफ्तीश कर रही हैं. क्लासरूम में तीन पर्यवेक्षक देखे जा सकते हैं. मोबाइल में देखने की कोशिश कर रहा था तभी प्रोफेसर ने उसे चीटिंग करते हुए पकड़ा. और प्रोफेसर को उसने मोबाइल दिया ये तस्वीर में साफ़ दिखाई दे रहा है. जिसके बाद प्रोफेसर ने उसकी आंसर शीट ली और फिर साहिल बेंच से खड़े होकर प्रोफेसर के साथ एग्जामिनेशन हॉल से बाहर जाता हुआ दिखाई दे रहा है.
एफएसएसएआई का बड़ा एक्शन: अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट, बिगबास्केट, फ्लिपकार्ट और जेप्टो पर शुरू की दंडात्मक कार्रवाई
नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। देश के खाद्य नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने प्रमुख ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स कंपनियों अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट, बिगबास्केट, फ्लिपकार्ट इंडिया और जेप्टो के खिलाफ विभिन्न नियामकीय उल्लंघनों को लेकर दंडात्मक कार्रवाई शुरू की है। एफएसएसएआई के अनुसार, इन कंपनियों के प्लेटफॉर्म पर भ्रामक दावों वाले खाद्य उत्पादों के प्रचार-प्रसार और कुछ प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की ऑनलाइन बिक्री से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जा रही है।
एफएसएसएआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर जानकारी देते हुए कहा कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर नियामकीय अनुपालन की जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई हैं। इनमें उत्पादों की गलत ब्रांडिंग, उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले दावे और कुछ प्रतिबंधित अथवा विषैले खाद्य पदार्थों की बिक्री एवं प्रदर्शन जैसे मामले शामिल हैं।
नियामक के अनुसार, हैपिलो प्रीमियम डेट बाइट्स - जेस्टी ऑरेंज से जुड़े कुछ दावे और उत्पाद संबंधी जानकारियां खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। इस मामले में अमेजन सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, फ्लिपकार्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, स्विगी इंस्टामार्ट प्राइवेट लिमिटेड, जेप्टो मार्केटप्लेस प्राइवेट लिमिटेड और बिगबास्केट की इनोवेटिव रिटेल कॉन्सेप्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।
एफएसएसएआई का कहना है कि खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग और ऑनलाइन विवरण में दी गई जानकारी उपभोक्ताओं को सही और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि खरीदारी करते समय किसी प्रकार का भ्रम न हो।
एफएसएसएआई ने मिल्की मिस्ट के कुछ उत्पादों से जुड़े दावों और सूचनाओं को भी नियामकीय मानकों के अनुरूप नहीं पाया। इनमें फ्रेस लो फैट क्रीम, फार्म फ्रेश दही और ग्रीक योगर्ट जैसे उत्पाद शामिल हैं।
इस मामले में स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। नियामक यह जांच कर रहा है कि उत्पादों से जुड़े दावे और विज्ञापन खाद्य सुरक्षा एवं लेबलिंग नियमों का पालन करते हैं या नहीं।
एफएसएसएआई ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर धतूरा के फल और बीजों की बिक्री एवं प्रदर्शन को लेकर भी गंभीर आपत्ति जताई है। नियामक के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत ऐसे उत्पादों की बिक्री से जुड़े नियमों का उल्लंघन पाया गया है।
इस मामले में अमेजन सेलर सर्विसेज, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट समेत कुछ प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। एफएसएसएआई का कहना है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे उत्पादों की उपलब्धता को गंभीरता से लिया जा रहा है।
हाल के महीनों में एफएसएसएआई ने ऑनलाइन खाद्य वितरण और किराना प्लेटफॉर्म्स की निगरानी बढ़ाई है। खाद्य सुरक्षा, लाइसेंसिंग, उत्पादों के भंडारण, हैंडलिंग और नियामकीय अनुपालन से जुड़े मामलों में जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
इसके साथ ही विभिन्न राज्यों के खाद्य सुरक्षा विभाग भी डार्क स्टोर्स, गोदामों और वितरण केंद्रों का निरीक्षण तेज कर चुके हैं, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले खाद्य उत्पाद निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें।
पिछले छह महीनों में एफएसएसएआई ने खाद्य कारोबार संचालकों (एफबीओ) और ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ कई प्रवर्तन कार्रवाइयां की हैं। नियामक लगातार उपभोक्ताओं को भी इन कार्रवाइयों की जानकारी दे रहा है, ताकि खाद्य सुरक्षा और जागरूकता को बढ़ावा मिल सके।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation










