₹47.95 लाख के सरकारी धन की हेराफेरी, पूर्व सब पोस्ट मास्टर को 5 साल की सजा
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम डिवीजन में सरकारी धन की हेराफेरी के मामले में सीबीआई कोर्ट, विशाखापत्तनम ने पूर्व सब पोस्ट मास्टर दामालापति वेणु गोपाल नायडू को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने दोषी पर 7 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. सीबीआई के मुताबिक, दोषी दामालापति वेणु गोपाल नायडू कोट्टूरू सब पोस्ट ऑफिस, अमादालावलासा एचपीओ, श्रीकाकुलम डिवीजन में लोअर सिलेक्शन ग्रेड के सब पोस्ट मास्टर के पद पर तैनात था.
21 फरवरी से 24 अगस्त 2019 के बीच की गई हेराफेरी
सीबीआई ने इस मामले में 6 मार्च 2020 को आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था. जांच एजेंसी के अनुसार, आरोप था कि 21 फरवरी 2019 से 24 अगस्त 2019 के बीच आरोपी ने अपने अधिकार क्षेत्र के सरकारी धन में धोखाधड़ी करते हुए करीब 47.95 लाख रुपये की राशि अवैध तरीके से निकालकर उसका गबन किया.
सीबीआई के अनुसार, आरोपी ने सरकारी धन का कथित तौर पर दुरुपयोग और हेराफेरी की. इस मामले में उस पर आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, खातों में जालसाजी और लोक सेवक के तौर पर सरकारी धन के आपराधिक दुरुपयोग से संबंधित आरोप लगाए गए थे.
2020 में CBI ने दर्ज किया था केस
सीबीआई ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 31 दिसंबर 2020 को आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष जांच एजेंसी की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों पर विचार किया गया. सुनवाई पूरी होने के बाद 23 सितंबर 2026 को CBI Court, Visakhapatnam ने दामालापति वेणु गोपाल नायडू को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के कारावास और 7 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. सीबीआई के मुताबिक, अदालत के फैसले के बाद मामले में आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी हुई.
बद्रीनाथ में बना आस्था का नया कीर्तिमान, यात्री संख्या के सभी पुराने रिकॉर्ड टूटे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में चारधाम यात्रा लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है. यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के बाद अब बद्रीनाथ धाम में दर्शनार्थियों की संख्या ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. धाम के यात्रा इतिहास में यहां पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 17 लाख 79 हजार 805 पहुंच चुकी है. जबकि धाम के कपाट बंद होने में अभी डेढ़ से पौने दो महीने का समय शेष है.
आस्था का नया रिकॉर्ड
23 अप्रैल को शुरू हुई बद्रीनाथ यात्रा 22 सितंबर को 153 दिनों में ही आस्था का नया रिकॉर्ड बना चुकी है. पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड राज्य के स्थापना वर्ष 2000 में बद्रीनाथ धाम में कुल दर्शनार्थियों की संख्या 06 लाख 95 हजार 332 थी. वर्ष 2007 में यह आंकड़ा बढ़कर 07 लाख 68 हजार 107 पहुंच गया. वर्ष 2008 और 2010 में यह संख्या 10 लाख पार हुई लेकिन 2014 में भीषण आपदा भक्तों की राह में रोड़ा बन गई. श्रद्धालुओं की संख्या 01 लाख 59 हजार 575 पर सिमट गई.
वर्ष 2018 और 2019 में क्रमश: 10,48,051 और 12,44,993 श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे. लेकिन फिर कोरोना संक्रमण के चलते यह आंकड़ा डेढ़ से दो लाख के बीच सिमट गया. वर्ष 2020 में मात्र 1,55,055 और 2021 में 1,99,409 तीर्थयात्री दर्शन को पहुंचे.
6,685 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए
धामी सरकार के कुशल यात्रा प्रबंधन और यात्री सुविधाओं का विस्तार होने से 2022 से भगवान बद्रीविशाल जी के भक्तों की संख्या लगातार रिकॉर्ड बनाती गई है. वर्ष 2022 में 17,63,578, 2023 में 17,80,429, 2024 में 17,74, 264 और 2025 में सर्वाधिक 17,78,298 श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन को पहुंचे. अब मौसम सुधरने के साथ ही यहां हर रोज यात्रियों की संख्या बढ़ रही है. मंगलवार को 6,685 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए.
श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, 'चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में दर्शनार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए धामों और पड़ावों में यात्री सुविधाओं पर खास फोकस किया गया है. स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाया गया है. पीएम मोदी के मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ धाम को उसके धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के अनुरूप भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने की दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं. इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी.'
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