MP में 27% OBC आरक्षण लागू करने के लिए Rahul Gandhi ने CM मोहन यादव को भेजा पत्र
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू कर लंबित नियुक्तियों का रास्ता साफ किया जाए। राहुल गांधी ने 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान छात्रों और अभ्यर्थियों द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। उन्होंने 22 सितंबर को लिखे पत्र में कहा कि इंदौर के कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा, रोजगार और भर्ती से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ ओबीसी आरक्षण के तहत लंबे समय से लंबित नियुक्तियों का मामला प्रमुखता से उठाया था।
उनके मुताबिक, अभ्यर्थियों ने कहा कि 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामले के कारण 87 अनुपात 13 व्यवस्था के तहत 13 प्रतिशत पदों पर नियुक्तियां रोक दी गई हैं। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद इन पदों पर चयनित अभ्यर्थी लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विभिन्न दलों ने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का समर्थन किया है, लेकिन इसके क्रियान्वयन और लंबित नियुक्तियों का समाधान अब तक नहीं हो पाया है।
इसके चलते प्रभावित अभ्यर्थी नियुक्तियों की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने तथा लंबित नियुक्तियों के संबंध में आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।
Dr Jitendra Singh ने बताया, बीते 12 साल में 23,000 से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को मिली पदोन्नति
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि पिछले 12 वर्षों में 23,000 से अधिक सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय सचिवालय समूह-सी कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारियों को प्रेरित रखने और प्रशासन का प्रभावी कामकाज सुनिश्चित करने के लिए समय पर करियर में प्रगति महत्वपूर्ण है। मंत्री ने पदोन्नति से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के निरंतर प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान 23,000 से अधिक पदोन्नतियों को मंजूदी दी गई।
सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को कार्य-अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए तत्पर है ताकि वे प्रेरित रहें और अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा सकें। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें भले ही अलग-अलग हों लेकिन उनकी समस्याओं का उचित प्रक्रिया के माध्यम से समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सेवा और कैडर से संबंधित मामलों पर कर्मचारियों से प्राप्त सुझाव महत्वपूर्ण हैं और इन्हें संबंधित अधिकारियों के समक्ष निरंतर प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
केंद्रीय सचिवालय समूह-सी कर्मचारी संघ केंद्रीय सचिवालय के अधीन 135 मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में काम करने वाले 8,000 से अधिक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. सिंह के समक्ष अपने सदस्यों की सेवा शर्तों और करियर में प्रगति से संबंधित चिंताओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। प्रतिनिधियों ने कैडर समीक्षा और मौजूदा कैडर संरचना के संबंध में अपने सुझाव रखे और पदोन्नति तथा करियर में प्रगति को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर विचार करने की मांग की।
सिंह ने कहा कि ऐसे वास्तविक सुझावों पर उचित संस्थागत तंत्र के माध्यम से विचार किया जाएगा। हाल के वर्षों में सरकार ने केंद्रीय सचिवालय सेवाओं में बड़े पैमाने पर पदोन्नति अभियान चलाए हैं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार 30 जून 2022 को 8,000 से अधिक पदोन्नतियां की गईं, जबकि 2022 और 2024 के बीच विभिन्न ग्रेडों में 16,200 से अधिक पदोन्नति आदेश जारी किए गए थे।
बैठक के अंत में मंत्री ने प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि उनके द्वारा उठाए गए वास्तविक मुद्दों पर विचार किया जाएगा, साथ ही उन्होंने कर्मचारी प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के बीच निरंतर रचनात्मक संवाद को प्रोत्साहित किया।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









