Virat Kohli: क्रिकेट में नहीं, जिम में भी चलता है विराट का जलवा, जानिए क्यों उठाते हैं भारी वजन
Virat Kohli Fitness: विराट कोहली की फिटनेस आज उनकी बड़ी पहचान है। मैदान पर उनकी तेज दौड़, फुर्ती और शानदार फील्डिंग देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसके पीछे जिम में की गई कड़ी मेहनत है। क्रिकेट भले ही ऐसा खेल नहीं है, जिसमें खिलाड़ी को बॉडी बिल्डर जैसा मस्कुलर होना जरूरी हो, लेकिन मजबूत शरीर प्रदर्शन को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाता है।
कोहली और दुनिया के कई दूसरे एथलीट भारी वजन इसलिए उठाते हैं, ताकि शरीर ज्यादा मजबूत, तेज और चोट से सुरक्षित रह सके। इसका मकसद बड़ा शरीर बनाना नहीं, बल्कि मैदान पर जरूरत के समय ज्यादा ताकत और बेहतर मूवमेंट हासिल करना है।
अचानक तेज एक्शन के लिए जरूरी ताकत
क्रिकेट में लंबे समय तक खिलाड़ी को इंतजार करना पड़ सकता है और फिर कुछ सेकंड में तेजी से दौड़ना, डाइव लगाना या दिशा बदलनी पड़ती है। बल्लेबाज को एक रन के लिए अचानक स्प्रिंट करना होता है, वहीं फील्डर को गेंद के पीछे तेजी से भागना पड़ता है।
स्क्वाट, डेडलिफ्ट, पावर क्लीन और स्नैच जैसी स्ट्रेंथ एक्सरसाइज शरीर को कम समय में ज्यादा ताकत पैदा करने के लिए तैयार करती हैं। कोहली के लंबे समय तक ट्रेनर रहे शंकर बसु भी क्रिकेट के इसी स्टॉप-स्टार्ट नेचर को एक्सप्लोसिव पावर की जरूरत से जोड़ चुके हैं।
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— Alpha fit zone (@Homeworkout007) July 27, 2025
चोट से बचाव में भी मदद
क्रिकेट में कंधे, घुटने, हैमस्ट्रिंग और लोअर बैक पर काफी दबाव पड़ता है। गेंदबाजी, लगातार फील्डिंग और दिशा बदलकर दौड़ने से शरीर पर बार-बार लोड आता है। मजबूत मांसपेशियां और जोड़ इस दबाव को बेहतर तरीके से संभालने में मदद करते हैं।
यही वजह है कि आधुनिक क्रिकेट में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को सिर्फ मसल्स बनाने की एक्सरसाइज नहीं माना जाता। इसका बड़ा लक्ष्य शरीर को मजबूत बनाना और चोट का जोखिम कम करना है।
सिर्फ ताकत नहीं, स्टैमिना भी
यह सोच सही नहीं कि वजन उठाने से खिलाड़ी भारी और धीमा हो जाता है। सही तरीके से की गई स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मांसपेशियों को ज्यादा कुशल बना सकती है। इससे खिलाड़ी बार-बार तेज प्रयास कर पाता है और थकान के बीच भी प्रदर्शन बनाए रखने में मदद मिलती है। कोहली की ट्रेनिंग में पावर और कंडीशनिंग का मिश्रण इसी वजह से अहम रहा है।
Good Morning Everyone ????????
— Unknown Territory (@Beingunknown05) October 4, 2025
Workout like Virat Kohli
Power, Pecision, Persistence..#ViratKohli pic.twitter.com/73oSMHpmNw
मैदान पर सीधे मिलता है फायदा
जिम की एक्सरसाइज का असर मैदान पर साफ दिखाई देता है। स्क्वाट और लंज तेज रनिंग व पैरों की ताकत में मदद करते हैं। कोर ट्रेनिंग बल्लेबाजी और थ्रो के दौरान शरीर को स्थिर रखती है। वहीं अपर-बॉडी एक्सरसाइज कंधों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं।
कोहली कई बार सोशल मीडिया पर लोअर-बॉडी स्ट्रेंथ और मोबिलिटी पर जोर दे चुके हैं। यानी जिम में उठाया गया वजन सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि मैदान पर बेहतर प्रदर्शन के लिए है।
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