Dr Jitendra Singh ने बताया, बीते 12 साल में 23,000 से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को मिली पदोन्नति
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि पिछले 12 वर्षों में 23,000 से अधिक सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय सचिवालय समूह-सी कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारियों को प्रेरित रखने और प्रशासन का प्रभावी कामकाज सुनिश्चित करने के लिए समय पर करियर में प्रगति महत्वपूर्ण है। मंत्री ने पदोन्नति से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के निरंतर प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान 23,000 से अधिक पदोन्नतियों को मंजूदी दी गई।
सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को कार्य-अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए तत्पर है ताकि वे प्रेरित रहें और अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा सकें। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें भले ही अलग-अलग हों लेकिन उनकी समस्याओं का उचित प्रक्रिया के माध्यम से समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सेवा और कैडर से संबंधित मामलों पर कर्मचारियों से प्राप्त सुझाव महत्वपूर्ण हैं और इन्हें संबंधित अधिकारियों के समक्ष निरंतर प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
केंद्रीय सचिवालय समूह-सी कर्मचारी संघ केंद्रीय सचिवालय के अधीन 135 मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में काम करने वाले 8,000 से अधिक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. सिंह के समक्ष अपने सदस्यों की सेवा शर्तों और करियर में प्रगति से संबंधित चिंताओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। प्रतिनिधियों ने कैडर समीक्षा और मौजूदा कैडर संरचना के संबंध में अपने सुझाव रखे और पदोन्नति तथा करियर में प्रगति को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर विचार करने की मांग की।
सिंह ने कहा कि ऐसे वास्तविक सुझावों पर उचित संस्थागत तंत्र के माध्यम से विचार किया जाएगा। हाल के वर्षों में सरकार ने केंद्रीय सचिवालय सेवाओं में बड़े पैमाने पर पदोन्नति अभियान चलाए हैं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार 30 जून 2022 को 8,000 से अधिक पदोन्नतियां की गईं, जबकि 2022 और 2024 के बीच विभिन्न ग्रेडों में 16,200 से अधिक पदोन्नति आदेश जारी किए गए थे।
बैठक के अंत में मंत्री ने प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि उनके द्वारा उठाए गए वास्तविक मुद्दों पर विचार किया जाएगा, साथ ही उन्होंने कर्मचारी प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के बीच निरंतर रचनात्मक संवाद को प्रोत्साहित किया।
New Zealand को बड़ा झटका, चोट के कारण IND vs NZ T20 से बाहर हुए Rachin Ravindra
न्यूजीलैंड को भारत के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के प्रमुख खिलाड़ी रचिन रवींद्र कंधे की चोट के कारण इस पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। रवींद्र को पिछले सप्ताह एक प्रचार कार्यक्रम के दौरान चोट लगी थी। उनकी चोट को ठीक होने में करीब छह सप्ताह लगने की उम्मीद है।
न्यूजीलैंड के मुख्य कोच रॉब वाल्टर ने रवींद्र के बाहर होने पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि टीम के लिए रवींद्र की भूमिका आने वाले घरेलू सीजन में काफी अहम है। इसलिए उनके साथ जल्दबाजी नहीं की जाएगी। टीम को उम्मीद है कि वह चार नवंबर से शुरू होने वाली भारत के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज की शुरुआत 22 अक्टूबर से क्राइस्टचर्च में होगी। इसके बाद दोनों टीमें पांच एकदिवसीय मैच और दो टेस्ट मैच भी खेलेंगी। यानी न्यूजीलैंड के लिए भारत का यह दौरा लंबे क्रिकेट कार्यक्रम की शुरुआत करने वाला है।
रवींद्र की जगह मध्य क्रम के बल्लेबाज बेवन जैकब्स को टीम में शामिल किया गया है। जैकब्स अब तक न्यूजीलैंड के लिए 11 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं। बांग्लादेश के खिलाफ अपने पिछले टी20 मुकाबले में उन्होंने नाबाद 62 रन बनाए थे। ऐसे में टीम प्रबंधन को उम्मीद होगी कि वह रवींद्र की गैरमौजूदगी में बल्लेबाजी क्रम को मजबूती दे सकें।
तेज गेंदबाजी विभाग में भी न्यूजीलैंड ने कई विकल्प रखे हैं। एडम मिल्न लंबे समय के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए तैयार हैं। उन्होंने एक साल से ज्यादा समय से इस प्रारूप में न्यूजीलैंड के लिए मुकाबला नहीं खेला है। उनके साथ लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, जैकब डफी, जैक फाउल्क्स और नाथन स्मिथ तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे।
गौरतलब है कि बेन सियर्स को चोट के कारण टीम में जगह नहीं मिली है। वह टखने की चोट से उबर रहे हैं। न्यूजीलैंड के पास तेज गेंदबाजों का बड़ा समूह होने के कारण टीम प्रबंधन अलग-अलग खिलाड़ियों को मौका देकर उनके काम के बोझ को संभालने की तैयारी में है।
रॉब वाल्टर ने कहा है कि टीम की पहली प्राथमिकता मुकाबले जीतना और मैदान पर सबसे मजबूत संयोजन उतारना है, लेकिन आने वाले महीनों में क्रिकेट की व्यस्तता को भी ध्यान में रखना होगा। भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज के बाद न्यूजीलैंड को ऑस्ट्रेलिया का दौरा करना है, जहां टीम चार टेस्ट मैच खेलेगी। इसके बाद अगले साल की शुरुआत में श्रीलंका के खिलाफ घरेलू मुकाबले होने हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, न्यूजीलैंड इस पूरी टी20 सीरीज में अपने सभी 16 खिलाड़ियों का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है। इसका मकसद खिलाड़ियों को लगातार मुकाबलों के दबाव से बचाना और लंबे सत्र के लिए उन्हें फिट रखना है।
बल्लेबाजी क्रम में फिन एलन और टिम सीफर्ट एक बार फिर पारी की शुरुआत करते नजर आ सकते हैं। दोनों खिलाड़ी टी20 विश्व कप के बाद पहली बार शीर्ष क्रम में साथ दिखाई देंगे। दोनों के पास न्यूजीलैंड क्रिकेट के साथ सीमित करार हैं और वे इस साल के अंत में बिग बैश लीग में भी खेलेंगे। इन दोनों की वापसी के कारण टिम रॉबिन्सन को टीम में जगह नहीं मिली है।
रॉब वाल्टर ने भारत के न्यूजीलैंड दौरे पर आने को लेकर भी उत्साह जताया है। उन्होंने भारत को मजबूत टीम बताते हुए कहा कि घरेलू परिस्थितियों में मौजूदा टी20 विश्व चैंपियन के खिलाफ खेलना न्यूजीलैंड के लिए बड़ी चुनौती होगी। उन्हें उम्मीद है कि मुकाबलों में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचेंगे और सीरीज यादगार बनेगी।
बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा। इसके बाद पांच एकदिवसीय और दो टेस्ट मैच होंगे। न्यूजीलैंड की टी20 टीम की कमान मिशेल सैंटनर संभालेंगे और टीम में फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, जैक फाउल्क्स, मैट हेनरी, बेवन जैकब्स, काइल जैमीसन, एडम मिल्न, डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम सीफर्ट और नाथन स्मिथ शामिल हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








