2026 बना क्रिकेटरों के रिटायरमेंट का साल..., मार्क वुड और कॉलिन इंग्राम समेत इन 11 सितारों ने कहा अलविदा
क्रिकेट और फुटबॉल हो या फिर कोई भी खेल, किसी भी खिलाड़ी के लिए संन्यास लेने का फैसला बेहद भावुक और कठिन होता है. बरसों तक मैदान पर पसीना बहाने के बाद खेल को अलविदा कहना आसान नहीं होता, लेकिन हर खिलाड़ी के सफर का एक न एक दिन अंत जरूर होता है. कुछ खिलाड़ी लंबे समय तक खेलने के बाद विदा लेते हैं, तो कुछ कम उम्र में ही यह कदम उठा लेते हैं .22 सितंबर को क्रिकेट जगत के दो नामी सितारों ने अपने संन्यास की घोषणा की. इनमें इंग्लैंड के स्टार तेज गेंदबाज मार्क वुड और दक्षिण अफ्रीका के आक्रामक बल्लेबाज कॉलिन इंग्राम शामिल हैं, जिन्होंने अपने खेल से दुनिया भर में खास पहचान बनाई. साल 2026 को देखा जाए तो इसे क्रिकेट खिलाड़ियों के रिटायरमेंट का साल भी कह सकते हैं. इस साल कुल 11 क्रिकेटर इंटरनेशनल या फिर प्रोफेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट ले चुके हैं. चलिए उन सभी खिलाड़ियों के बारे में जानते हैं जिन्होंने इस साल अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कहा है.
मार्क वुड ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा
इंग्लैंड के स्टार तेज गेंदबाज मार्क वुड अपनी घातक गेंदबाजी और तेज रफ्तार के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने इंग्लैंड की तरफ से क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में अपनी छाप छोड़ी. वुड के इंटरनेशनल करियर की बात करें तो उन्होंने 38 टेस्ट, 70 वनडे और 38 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले. इस दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 119 विकेट अपने नाम किए. जबकि वनडे और टी20 इंटरनेशनल दोनों ही फॉर्मेट में उन्होंने 54-54 विकेट चटकाए हैं.
इंटरनेशनल क्रिकेट के अलावा वुड ने आईपीएल में भी अपना जलवा बिखेरा, जहां सिर्फ 5 मैचों में खेलते हुए उन्होंने 11 विकेट हासिल किए. मार्क वुड ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच साल 2025 में खेला था, और अब उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट को पूरी तरह अलविदा कह दिया है.
Mark Wood has announced his retirement from international cricket
— England Cricket (@englandcricket) September 22, 2026
He always gave everything for the Three Lions, on and off the field ????
What a career, what a player ???? pic.twitter.com/d9keObjqbt
कॉलिन इंग्राम भी क्रिकेट से लिया संन्यास
कॉलिन इंग्राम ने भले ही दक्षिण अफ्रीका के लिए बहुत ज्यादा इंटरनेशनल क्रिकेट न खेला हो, लेकिन दुनिया भर की टी20 लीग में उनका बड़ा नाम रहा है. साउथ अफ्रीका के लिए उन्होंने 31 वनडे और 9 टी20 इंटरनेशनल मैचों में प्रतिनिधित्व किया. इस दौरान वनडे क्रिकेट में उन्होंने 843 रन बनाए. जबकि टी20 इंटरनेशनल में उनके बल्ले से 210 रन निकले. वह आईपीएल का भी हिस्सा रह चुके हैं, जहां उन्होंने 15 मैचों में 205 रन बनाए. 41 साल के इंग्राम ने लगभग दो दशकों से अधिक लंबे शानदार सफर के बाद पेशेवर क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है. हालांकि, वह मौजूदा सीजन के समाप्त होने तक ग्लैमरगन काउंटी टीम के लिए मैदान पर खेलते हुए दिखाई देंगे.
“I leave the game content and happy” ????️
— Cricinfo (@cricinfo) September 23, 2026
Colin Ingram reflects on his international career with no regrets, despite not getting the chance to represent South Africa in Test cricket ???????? pic.twitter.com/mXSLcO3Vzs
साल 2026 में कई स्टार खिलाड़ियों ने लिया रिटायरमेंट
साल 2026 खेल जगत में बड़े बदलावों का गवाह रहा है, क्योंकि इस दौरान कई स्टार खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल मंच या खेल के किसी विशेष फॉर्मेट को अलविदा कह दिया. संन्यास लेने वाले इन दिग्गज क्रिकेटरों में भारत के अजिंक्य रहाणे, इंग्लैंड के बेन स्टोक्स, न्यूजीलैंड के केन विलियमसन, ऑस्ट्रेलिया के उस्मान ख्वाजा और साउथ अफ्रीका के रासी वान डर डुसेन जैसे खिलाड़ी शामिल हैं. इसके अलावा, ऑस्ट्रेलियाई टीम के घातक तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने भी इस साल टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से अपने संन्यास का ऐलान कर दिया.
1- मार्क वुड- इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा
2- कॉलिन इंग्राम- इस सीजन के अंत में छोड़ देंगे प्रोफेशनल क्रिकेट
3- अजिंक्य रहाणे- इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा
4- बेन स्टोक्स- इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा
5- केन विलियमसन- इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा
6- केएस भरत- इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा
7- विजय शंकर- इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा
8- सरफराज अहमद- इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा
9- रासी वान डर डुसेन- इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा
10- उस्मान ख्वाजा- इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा
11- मिचेल स्टार्क- टी20 इंटरनेशनल से लिया संन्यास
India और Japan के बीच रोमांचक Cricket मैच के बाद Sachin Tendulkar ने की जापानी टीम की तारीफ
बारिश के कारण जब भारत और जापान के बीच मुकाबला सिर्फ पांच-पांच ओवर का रह गया, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि मैच आखिरी गेंद तक इतना रोमांचक बना रहेगा। लेकिन जापान ने अपने प्रदर्शन से मुकाबले को एकतरफा होने से रोक दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच ओवर में चार विकेट खोकर 32 रन बनाए। जवाब में जापान की टीम तीन विकेट पर 30 रन तक पहुंच गई और आखिरी गेंद तक उसके पास मुकाबला जीतने का मौका बना रहा है।
इस नजदीकी मुकाबले ने जहां जापान में क्रिकेट के बढ़ते सफर की झलक दिखाई, वहीं महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का ध्यान मैदान के बाहर किए गए एक छोटे लेकिन खास प्रयास ने खींचा। उन्होंने जापान में दर्शकों को क्रिकेट समझाने के लिए अपनाए गए तरीके की तारीफ की है।
सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि क्रिकेट को नए देशों और नए दर्शकों तक पहुंचते देखना अपने आप में खास अनुभव है। उन्होंने खास तौर पर इस बात का जिक्र किया कि मैच देखने पहुंचे लोगों को प्रवेश द्वार पर जापानी भाषा में क्रिकेट समझाने वाली जानकारी वाली किताबें दी गई थीं।
तेंदुलकर के मुताबिक, भारत और जापान को एक साथ खेलते देखना ही शानदार था, लेकिन दर्शकों को क्रिकेट समझने में मदद करने के लिए इस तरह की जानकारी देना उन्हें सबसे ज्यादा अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि हर क्रिकेट प्रेमी ने कभी न कभी पहली बार कोई क्रिकेट मैच देखा है और जापान में बड़ी संख्या में लोगों को अपना पहला क्रिकेट अनुभव मिलते देखना अच्छी बात है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, दर्शकों को दी गई इन किताबों में क्रिकेट के कई बुनियादी नियमों को आसान तरीके से समझाया गया था। इसमें मैदान की बनावट, खिलाड़ियों की अलग-अलग जगहें, रन बनाने का तरीका, बल्लेबाज के आउट होने के सामान्य तरीके और अंपायर के संकेतों के बारे में जानकारी दी गई थी।
इतना ही नहीं, किताब में स्कोरबोर्ड को समझाने की कोशिश भी की गई थी। इसमें रन, विकेट और ओवर जैसी जानकारियों को इस तरह समझाया गया था कि पहली बार क्रिकेट देखने वाला व्यक्ति भी मैच की स्थिति को आसानी से समझ सके। इसका मकसद यह था कि दर्शकों को खेल समझने के लिए केवल मैदान पर होने वाली गतिविधियों पर निर्भर न रहना पड़े।
गौरतलब है कि जापान में क्रिकेट अभी भारत जैसे देशों की तुलना में नया खेल है। ऐसे में नए दर्शकों को खेल के नियमों से परिचित कराना वहां क्रिकेट को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा सकता है। भारत जैसे क्रिकेट खेलने वाले देश के खिलाफ मुकाबला जापानी दर्शकों के लिए इस खेल को करीब से समझने का अच्छा मौका भी बना है।
मैदान पर भी जापान ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। भारत जैसी अनुभवी टीम के सामने उसने आसानी से हथियार नहीं डाले। पहले भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया और फिर लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी गेंद तक मुकाबले में बना रहा है।
सचिन तेंदुलकर ने जापान की टीम के प्रदर्शन की भी सराहना की है। उन्होंने कहा कि जापान की टीम ने चुनौती स्वीकार करते हुए अच्छी लड़ाई लड़ी है। भारत ने आखिरकार दो रन से मुकाबला अपने नाम किया है, लेकिन जापान के लिए यह मैच अनुभव और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा है।
बता दें कि क्रिकेट को दुनिया के नए हिस्सों तक पहुंचाने के लिए केवल खिलाड़ियों का मैदान पर उतरना ही काफी नहीं है। नए दर्शकों को खेल के नियम समझाना और उन्हें मुकाबले से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है। जापान में दर्शकों के लिए तैयार की गई ये किताबें इसी दिशा में एक छोटा लेकिन असरदार प्रयास दिखाई देती हैं।
सचिन तेंदुलकर की प्रतिक्रिया ने इस पहल को और चर्चा में ला दिया है। भारत की जीत के साथ मुकाबला खत्म जरूर हुआ है, लेकिन जापान के लिए क्रिकेट से जुड़ने वाले नए दर्शकों और खिलाड़ियों की यह शुरुआत आगे के सफर में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
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