India और Japan के बीच रोमांचक Cricket मैच के बाद Sachin Tendulkar ने की जापानी टीम की तारीफ
बारिश के कारण जब भारत और जापान के बीच मुकाबला सिर्फ पांच-पांच ओवर का रह गया, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि मैच आखिरी गेंद तक इतना रोमांचक बना रहेगा। लेकिन जापान ने अपने प्रदर्शन से मुकाबले को एकतरफा होने से रोक दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच ओवर में चार विकेट खोकर 32 रन बनाए। जवाब में जापान की टीम तीन विकेट पर 30 रन तक पहुंच गई और आखिरी गेंद तक उसके पास मुकाबला जीतने का मौका बना रहा है।
इस नजदीकी मुकाबले ने जहां जापान में क्रिकेट के बढ़ते सफर की झलक दिखाई, वहीं महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का ध्यान मैदान के बाहर किए गए एक छोटे लेकिन खास प्रयास ने खींचा। उन्होंने जापान में दर्शकों को क्रिकेट समझाने के लिए अपनाए गए तरीके की तारीफ की है।
सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि क्रिकेट को नए देशों और नए दर्शकों तक पहुंचते देखना अपने आप में खास अनुभव है। उन्होंने खास तौर पर इस बात का जिक्र किया कि मैच देखने पहुंचे लोगों को प्रवेश द्वार पर जापानी भाषा में क्रिकेट समझाने वाली जानकारी वाली किताबें दी गई थीं।
तेंदुलकर के मुताबिक, भारत और जापान को एक साथ खेलते देखना ही शानदार था, लेकिन दर्शकों को क्रिकेट समझने में मदद करने के लिए इस तरह की जानकारी देना उन्हें सबसे ज्यादा अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि हर क्रिकेट प्रेमी ने कभी न कभी पहली बार कोई क्रिकेट मैच देखा है और जापान में बड़ी संख्या में लोगों को अपना पहला क्रिकेट अनुभव मिलते देखना अच्छी बात है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, दर्शकों को दी गई इन किताबों में क्रिकेट के कई बुनियादी नियमों को आसान तरीके से समझाया गया था। इसमें मैदान की बनावट, खिलाड़ियों की अलग-अलग जगहें, रन बनाने का तरीका, बल्लेबाज के आउट होने के सामान्य तरीके और अंपायर के संकेतों के बारे में जानकारी दी गई थी।
इतना ही नहीं, किताब में स्कोरबोर्ड को समझाने की कोशिश भी की गई थी। इसमें रन, विकेट और ओवर जैसी जानकारियों को इस तरह समझाया गया था कि पहली बार क्रिकेट देखने वाला व्यक्ति भी मैच की स्थिति को आसानी से समझ सके। इसका मकसद यह था कि दर्शकों को खेल समझने के लिए केवल मैदान पर होने वाली गतिविधियों पर निर्भर न रहना पड़े।
गौरतलब है कि जापान में क्रिकेट अभी भारत जैसे देशों की तुलना में नया खेल है। ऐसे में नए दर्शकों को खेल के नियमों से परिचित कराना वहां क्रिकेट को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा सकता है। भारत जैसे क्रिकेट खेलने वाले देश के खिलाफ मुकाबला जापानी दर्शकों के लिए इस खेल को करीब से समझने का अच्छा मौका भी बना है।
मैदान पर भी जापान ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। भारत जैसी अनुभवी टीम के सामने उसने आसानी से हथियार नहीं डाले। पहले भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया और फिर लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी गेंद तक मुकाबले में बना रहा है।
सचिन तेंदुलकर ने जापान की टीम के प्रदर्शन की भी सराहना की है। उन्होंने कहा कि जापान की टीम ने चुनौती स्वीकार करते हुए अच्छी लड़ाई लड़ी है। भारत ने आखिरकार दो रन से मुकाबला अपने नाम किया है, लेकिन जापान के लिए यह मैच अनुभव और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा है।
बता दें कि क्रिकेट को दुनिया के नए हिस्सों तक पहुंचाने के लिए केवल खिलाड़ियों का मैदान पर उतरना ही काफी नहीं है। नए दर्शकों को खेल के नियम समझाना और उन्हें मुकाबले से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है। जापान में दर्शकों के लिए तैयार की गई ये किताबें इसी दिशा में एक छोटा लेकिन असरदार प्रयास दिखाई देती हैं।
सचिन तेंदुलकर की प्रतिक्रिया ने इस पहल को और चर्चा में ला दिया है। भारत की जीत के साथ मुकाबला खत्म जरूर हुआ है, लेकिन जापान के लिए क्रिकेट से जुड़ने वाले नए दर्शकों और खिलाड़ियों की यह शुरुआत आगे के सफर में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
T20 Cricket में Abhishek Sharma ने बनाया अनचाहा रिकॉर्ड, 1 साल में 10वीं बार हुए शून्य पर आउट
भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के लिए मंगलवार का दिन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। अफगानिस्तान के खिलाफ पिछले सप्ताह सिर्फ 30 गेंदों में शतक जड़कर रिकॉर्ड बनाने वाले अभिषेक जापान के खिलाफ सानो में खेले गए एकमात्र टी20 मुकाबले में खाता भी नहीं खोल सके। जापान के हरफनमौला खिलाड़ी चार्ली हारा-हिंजे ने उन्हें पहली ही गेंद पर आउट कर दिया।
इस शून्य के साथ अभिषेक शर्मा के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। वह एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। 2026 में वह अब तक 10 बार बिना रन बनाए पवेलियन लौट चुके हैं। इसके साथ ही वह एक ही कैलेंडर वर्ष में टी20 क्रिकेट में 10 बार शून्य पर आउट होने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इस मामले में अभिषेक ने अफगानिस्तान के राशिद खान और पाकिस्तान के शादाब खान को पीछे छोड़ दिया है। राशिद 2019 में टी20 क्रिकेट में नौ बार शून्य पर आउट हुए थे, जबकि शादाब खान के नाम 2024 में नौ शून्य दर्ज हुए थे। अब अभिषेक के नाम 10 शून्य हो चुके हैं।
हालांकि, अभिषेक के लिए इसी साल की कहानी सिर्फ इन शून्यों तक सीमित नहीं है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कुछ दिन पहले ही अफगानिस्तान के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन किया था, जिसकी चर्चा लंबे समय तक हुई। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में उन्होंने केवल 34 गेंदों पर 108 रन की तूफानी पारी खेली थी।
अभिषेक ने अपना शतक सिर्फ 30 गेंदों में पूरा किया था। इस पारी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 221 रन बनाए थे। 30 गेंदों में शतक पूरा करना टी20 क्रिकेट में तीसरा सबसे तेज शतक था और किसी भारतीय बल्लेबाज का सबसे तेज टी20 शतक भी बन गया।
गौरतलब है कि इससे पहले भारत की ओर से सबसे तेज टी20 शतक का रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम था। रोहित ने 2017 में श्रीलंका के खिलाफ 35 गेंदों में शतक लगाया था। अभिषेक ने इस रिकॉर्ड को पांच गेंद पहले ही पार कर दिया था।
अभिषेक के प्रदर्शन को लेकर श्रीलंका के पूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या भी अपनी राय रख चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अभिषेक ने भारतीय टीम में अपनी जगह मजबूत कर ली है और उन्हें अपनी भूमिका और टीम के लिए अपनी अहमियत अच्छी तरह पता है। जयसूर्या ने युवा भारतीय खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा था कि ये खिलाड़ी देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश कर रहे हैं और भारतीय क्रिकेट का भविष्य उनके कारण अच्छा नजर आता है।
बता दें कि अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी पहचान उनकी तेज शुरुआत और बड़े शॉट खेलने की क्षमता रही है। हालांकि, इसी आक्रामक अंदाज के कारण कई बार उनका विकेट भी जल्दी गिरता है। जापान के खिलाफ गोल्डन डक के बाद अब उनकी नजरें अगले मुकाबलों में लगातार रन बनाकर इस अनचाहे रिकॉर्ड के असर को पीछे छोड़ने पर होंगी और भारतीय टीम को भी उनसे आगे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें बनी हुई हैं।
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