Sambit Patra Hits Opposition: 'वोटर लिस्ट से नाम हटाकर चुनाव जीतने का आरोप बेबुनियाद', संबित पात्रा का विपक्ष पर करारा हमला।
इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) की एसआईआर (SIR) प्रक्रियाओं को लेकर मीडिया में आई खबरों और विपक्ष के आरोपों के बाद देश में नया राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाकर भाजपा को फायदा पहुंचाया गया।
इस विवाद का जवाब देने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंकड़ों के जरिए विपक्ष के दावों की धज्जियां उड़ाईं और चुनाव आयोग में हुई आंतरिक चर्चा को स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
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— Sambit Patra (@sambitswaraj) September 23, 2026
'अगर वोट चोरी से जीते, तो 20 में से 13 सीटों पर TMC कैसे जीती?'
संबित पात्रा ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए कहा कि यह दावा बिल्कुल गलत है कि वोटर लिस्ट से नाम हटने से भाजपा को चुनाव में फायदा हुआ। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि बंगाल की जिन 20 विधानसभा सीटों पर सबसे अधिक वोट काटे गए थे, उनमें से 13 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को केवल 6 सीटों पर ही जीत मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वोटरों के नाम हटने से भाजपा को फायदा मिल रहा था, तो ज्यादातर सीटों पर टीएमसी की जीत कैसे हुई।
मुर्शिदाबाद की समशेरगंज सीट का दिया उदाहरण
अपनी बात को साबित करने के लिए पात्रा ने मुर्शिदाबाद जिले की समशेरगंज विधानसभा सीट का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद इस अकेली सीट से 91,712 मतदाताओं के नाम हटाए गए थे, जो पूरी सीट के कुल मतदाताओं का एक-तिहाई से भी अधिक था और पूरे बंगाल में सबसे बड़ी संख्या थी।
इसके बावजूद, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार मोहम्मद नूर आलम ने यहाँ 61,918 वोटों से बड़ी जीत हासिल की, जबकि भाजपा दूर-दूर तक मुकाबले में नहीं थी।
चुनाव आयोग के भीतर विचार-विमर्श लोकतंत्र की खूबसूरती
मीडिया रिपोर्ट में दो चुनाव आयुक्तों द्वारा प्रक्रिया पर सवाल उठाने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए पात्रा ने चुनाव आयोग के रुख का बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईसीआई द्वारा जारी विस्तृत नोट से साफ है कि सभी चुनाव आयुक्तों के बीच आधिकारिक विचार-विमर्श हुआ था। पात्रा ने कहा, "यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की खूबसूरती है कि आपस में सभी चर्चाओं और मंथन के बाद अंत में सभी चुनाव आयुक्त एक ही मत पर सहमत थे।"
'जनता का दिल न जीत पाने पर संस्थाओं पर हमला करती है कांग्रेस'
विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में सत्ता में आने के बाद से ही जनता ने विपक्षी दलों को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस पार्टी को यह अहसास हो जाता है कि वह भारत की जनता का दिल नहीं जीत सकती, तो वह चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करना और उनकी साख पर सवाल उठाना शुरू कर देती है।
BJP में संगठनात्मक बदलाव: स्मृति ईरानी समेत 5 नेताओं को 2 राज्यों की कमान, MP में बिप्लब देव; UP में विनोद तावड़े प्रभारी
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन में बदलाव करते हुए 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए हैं। पार्टी की ओर से 23 सितंबर 2026 को जारी सूची के मुताबिक, सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
मध्य प्रदेश में बिप्लब कुमार देव को प्रदेश प्रभारी और रेखा वर्मा को सह-प्रभारी बनाया गया है। वहीं राजस्थान की जिम्मेदारी संजय भाटिया को दी गई है। उनके साथ कविता पाटीदार और कुलजीत चहल सह-प्रभारी होंगे।
छत्तीसगढ़-हरियाणा की जिम्मेदारी स्मृति ईरानी को
स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा, दोनों राज्यों का प्रभारी बनाया गया है। छत्तीसगढ़ में उनके साथ सिद्धार्थ शम्भू और हरियाणा में डॉ. भोला सिंह सह-प्रभारी होंगे।
यूपी में विनोद तावड़े को जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश में विनोद तावड़े को प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, डॉ. प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा सह-प्रभारी होंगे।
BJP के संचार और मीडिया विभाग में भी नियुक्तियां
राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां तय करने के साथ BJP ने केंद्रीय संचार और मीडिया विभाग में भी नियुक्तियां की हैं। पार्टी की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, अनिल बलूनी को संचार विभाग का समन्वयक और आशीष उषा अग्रवाल को मीडिया विभाग का संयोजक नियुक्त किया गया है। ये नियुक्तियां भी तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
यहां देखिए पूरी लिस्ट
BJP के संचार और मीडिया विभाग में भी नियुक्तियां
पार्टी ने प्रदेश स्तर के बदलाव के साथ केंद्रीय संगठन के संचार और मीडिया विभाग में भी नई नियुक्तियां की हैं। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अनिल बलूनी को संचार विभाग का समन्वयक और आशीष उषा अग्रवाल को मीडिया विभाग का संयोजक नियुक्त किया गया है। ये नियुक्तियां भी तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
5 नेताओं को दो-दो राज्यों का प्रभार
- स्मृति ईरानी - छत्तीसगढ़ और हरियाणा
- हरीश द्विवेदी - बिहार और कर्नाटक
- सतीश पूनिया - जम्मू-कश्मीर और पंजाब
- राम माधव - तमिलनाडु और उत्तराखंड
- सुनील बंसल - तेलंगाना और पश्चिम बंगाल
इन पांचों नेताओं को दोनों राज्यों में प्रभारी बनाया गया है।
12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कोई सह-प्रभारी नहीं
भाजपा ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सिर्फ प्रभारी नियुक्त किए हैं। इनमें अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा नगर हवेली एवं दमन और दीव, लद्दाख, लक्षद्वीप, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, पुडुचेरी, सिक्किम और त्रिपुरा शामिल हैं।
महाराष्ट्र में एक प्रभारी, तीन सह-प्रभारी
महाराष्ट्र में बैजयंत जय पांडा को प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ अमित मालवीय, सदानंद शेट तनवाडे और कमलजीत सहरावत को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।
अनिल एंटनी को दो राज्यों में जिम्मेदारी
अनिल एंटनी को नगालैंड का प्रभारी और गोवा का सह-प्रभारी बनाया गया है। यानी उन्हें दो राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारी मिली है, लेकिन दोनों जगह उनकी भूमिका अलग है।
5 राज्यों में दो-दो सह-प्रभारी
- असम: फांग्नोन कोन्याक, मनोज टिग्गा
- बिहार: संगीता यादव, रोहन गुप्ता
- दिल्ली: जामयांग त्सेरिंग नामग्याल, दर्शना बेन जरदोश
- राजस्थान: कविता पाटीदार, कुलजीत चहल
- तमिलनाडु: निर्मल कुमार सुराणा, डी.के. अरुणा
अन्य प्रमुख नियुक्तियां
गुजरात में तरुण चुघ को प्रभारी बनाया गया है। पंजाब में सतीश पूनिया, उत्तराखंड में राम माधव, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में सुनील बंसल तथा कर्नाटक में हरीश द्विवेदी को जिम्मेदारी दी गई है।
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