देशद्रोह का काम किया, इंसाफ होगा, EC पर खुलासे को लेकर राहुल गांधी ने वीडियो जारी कर जानें क्या कहा?
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) को लेकर भारत के चुनाव आयोग (ECI) पर फिर से हमला बोला है। गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया और चुनाव आयोग पर लोगों के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। 'X' पर एक वीडियो शेयर करते हुए गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग जो कदम उठा रहा है, वे गलत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया "वोट की चोरी" के बराबर है और इसे देश के संवैधानिक ढांचे पर हमला बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि भारत में वोट की चोरी भारत के लोगों के खिलाफ एक अपराध है और हमारे संविधान पर सीधा हमला है। BJP, RSS और EC, जिन्होंने इसे अंजाम दिया है, उन्होंने देशद्रोह किया है। न्याय जरूर होगा। विपक्ष के नेताओं ने बार-बार इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर चिंता जताई है, जबकि चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया का बचाव किया है और गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है।
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विपक्षी पार्टियों और नेताओं ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए हैं और CEC ज्ञानेश कुमार से जवाबदेही की मांग की है। मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग को अपनी मर्ज़ी से चला रहे हैं। पार्टी ने कहा कि 'शिकायतों से साफ़ है कि तीन सदस्यों वाले चुनाव आयोग में सिर्फ़ ज्ञानेश कुमार की ही चलती है। कांग्रेस ने कुमार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया और चुनाव आयोग में 'वोट चोरी' और राजनीतिक दखलंदाज़ी के अपने पुराने आरोपों को दोहराया। पार्टी ने कहा ज्ञानेश अपने बॉस मोदी की तरह ही तानाशाह की तरह काम कर रहे हैं और मोदी को खुश करने के लिए 'वोट चोरी' में लगे हैं। हमने पहले भी कहा है - मोदी ने चुनाव आयोग पर कब्ज़ा कर लिया है। ज्ञानेश कुमार मोदी की कठपुतली हैं। इंडियन एक्सप्रेस की यह रिपोर्ट इस बात को साबित करती है। मोदी और ज्ञानेश ने मिलकर देश के लोकतंत्र को भारी नुकसान पहुँचाया है। लेकिन याद रखें - जब समय आएगा, तो सभी को जवाबदेह ठहराया जाएगा, ज़िम्मेदारी तय की जाएगी। इस अपराध के लिए सज़ा ज़रूर मिलेगी। समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस रिपोर्ट को 'बेहद गंभीर' बताया और आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त अपनी सही ज़िम्मेदारियाँ नहीं निभा पा रहे हैं।
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उन्होंने तर्क दिया कि अगर किसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के सदस्य फ़ैसले लेने के लिए आज़ाद नहीं हैं या उनकी चिंताओं को नहीं सुना जाता है, तो इसके लोकतंत्र पर गंभीर असर पड़ेंगे। समाजवादी पार्टी के नेता ने कहा, "इसका सीधा मतलब है कि सभी चुनाव आयुक्त अपनी सही ज़िम्मेदारियाँ नहीं निभा पा रहे हैं। अगर किसी स्वतंत्र संस्था के सदस्यों को सही काम करने की आज़ादी नहीं है या उनकी बात नहीं सुनी जाती है, तो ये लोकतंत्र के लिए बेहद घातक और खतरनाक हालात हैं। सत्ता में बैठे लोगों के हाथों की कठपुतली बनकर लोकतंत्र के साथ धोखा करना एक गंभीर संवैधानिक अपराध है। यह लोकतंत्र को खत्म करने की साज़िश से कम नहीं है। यादव ने सुप्रीम कोर्ट से भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लेने की अपील की। TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने CEC को तुरंत हटाने और कोर्ट की निगरानी में जाँच के आदेश देने की माँग की। उन्होंने कहा, "सिर्फ़ एक राजनीतिक पार्टी को फ़ायदा पहुँचाने के लिए लाखों वोटरों को वोट देने के अधिकार से वंचित करना हमारे लोकतंत्र की नींव पर प्रहार है। इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल चुनावों के बाद, INDIA गठबंधन की सभी विपक्षी पार्टियों ने CJI और SC जजों को पत्र लिखकर गंभीर चिंताएँ जताई थीं। हालाँकि, उन आरोपों की न तो जाँच हुई और न ही उन पर ज़रूरी गौर किया गया। जब लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले गंभीर सवाल बार-बार उठाए जाते हैं और फिर भी उन पर कोई सुनवाई नहीं होती, तो इससे संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठना लाज़मी है। सुप्रीम कोर्ट इससे मुँह नहीं मोड़ सकता। अंतिम ज़िम्मेदारी उसी की है। क्या CJI की अध्यक्षता वाली बेंच इस पर कोई कदम उठाएगी?
Vote chori is a crime against the Indian people and a direct attack on our constitution. The BJP, RSS and EC who organised it have committed an act of treason. Justice will be served. https://t.co/30kX06CBiH
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 23, 2026
परिवार के सामने कैसे करें रोने का नाटक? Siya Goyal ने ChatGPT पर सर्च था किया, चार्जशीट में खुलासा
महाराष्ट्र के लोहागढ़ किले की खाई में धक्का देकर अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की जान लेने की आरोपी सिया गोयल को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस की चार्जशीट में बताया गया है कि वारदात के बाद परिवार के सामने दुखी दिखने और रोने-धोने का नाटक सीखने के लिए सिया ने चैटजीपीटी और इंटरनेट की मदद ली थी।
परिवार को हुआ शक तो इंटरनेट पर करने लगी सर्च
यह घटना 18 जून 2026 की है, जब केतन को लोहागढ़ किले से नीचे गिरा दिया गया था। खबर के अनुसार, घटना के तुरंत बाद जब केतन के घरवाले मौके पर पहुंचे, तो उन्हें लगा कि सिया के चेहरे पर जरा भी दुख नहीं दिख रहा है। परिवार का यह शक देखकर सिया घबरा गई। घर लौटने के बाद उसने तुरंत इंटरनेट पर सर्च किया कि दुखी कैसे दिखें और आंसुओं का दिखावा कैसे करें। पुलिस को मोबाइल और कंप्यूटर की जांच में यह भी मिला कि सिया ने यह भी सर्च किया था कि अगर पुलिस पकड़ ले तो क्या बोलना है और पूछताछ में घबराहट से कैसे बचना है।
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पुराने कत्ल के मामलों से ली तरकीब
चार्जशीट के मुताबिक, सिया ने इस पूरी वारदात को अंजाम देने से पहले पुराने मर्डर केस पढ़े थे। उसने मई 2025 में हुए मेघालय के राजा रघुवंशी केस के बारे में बारीकी से पढ़ा कि पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा था। इसके अलावा उसने लोनावला और लोहागढ़ के टाइगर पॉइंट जैसे इलाकों में खाई से गिरकर हुई पुरानी मौतों के बारे में भी जानकारी जुटाई। पुलिस का कहना है कि यह सारी जानकारी सिया और उसके दोनों साथियों, चेतन चौधरी और रितेश हांगे के बीच सोशल मीडिया और चैट के जरिए भेजी जा रही थी।
मार्च से चल रही थी साजिश, मई में तय हुआ पूरा प्लान
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, पुणे ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में 5,053 पन्नों की भारी-भरकम चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया, "आरोपियों ने मार्च 2026 में ही योजना बनाना शुरू कर दिया था और मई में इसे पूरी तरह तय किया।" पहले वे किसी बाहरी आदमी से केतन को गंभीर चोट पहुंचाना चाहते थे, लेकिन बाद में डर की वजह से उन्होंने यह इरादा छोड़ दिया। इसके बाद आरोपियों ने क्राइम से जुड़ी फिल्में और पॉडकास्ट देखकर पुलिस से बचने के तरीके सीखे।
बाली जाने से रोकने के लिए फाड़ा पासपोर्ट
पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन ने पहले लोनावला जाकर देखा कि किन जगहों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। उन्होंने लोहागढ़ किले को चुना ताकि इस घटना को सेल्फी लेते वक्त हुआ एक हादसा दिखाया जा सके। शादी से पहले दोनों को फोटो खिंचवाने के लिए बाली जाना था। लेकिन वहां जाने से बचने के लिए सिया ने 6 जून को खालापुर के एक कैफे के बाथरूम में केतन का पासपोर्ट फाड़कर फेंक दिया। इसके बाद 14 जून को भी उसने केतन को धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह नाकाम रही और सांप निकलने का झूठा शोर मचा दिया।
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नकली आईडी बनाकर सरप्राइज के बहाने बुलाया
आखिरकार 18 जून को आरोपियों ने 'माही' नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया और केतन को मैसेज भेजा। मैसेज में कहा गया कि वह सिया की दोस्त है और सिया के जन्मदिन का सरप्राइज देने के लिए उसे लोहागढ़ लेकर आए। किले पर चेतन पहले से छिपकर इंतजार कर रहा था। जैसे ही सिया ने इशारा किया, दोनों ने मिलकर केतन पर हमला कर दिया। सिया ने कंधे से धक्का दिया और चेतन ने लात मारकर उसे गहरी खाई में गिरा दिया, जिससे मौके पर ही केतन की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में 5 गवाहों के बयान, वॉट्सऐप चैट और फॉरेंसिक सबूत अदालत को सौंपे हैं। अदालत अब इन सभी सबूतों की जांच के बाद आगे का फैसला लेगी।
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