सतना में खुली खदान में डूबा किशोर, मौके पर मिली चप्पल और साइकिल, SDRF कर रही तलाश
सतना में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। दरअसल यहां स्टोन क्रेशर की खुली खदान में 13 साल के किशोर के डूबने की आशंका जताई जा रही है। खदान के पास किशोर की चप्पल और साइकिल मिली है। उसके डूबने की आशंका के आधार पर एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।
यह मामला सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र के ककलपुर गांव का है। जिस किशोर के डूबने के आशंका जताई जा रही है। उसकी पहचान अखिलेश साहू पिता चंद्रभान साहू के रूप में हुई है। आज सुबह से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
जैसे ही ये सूचना मिली कि खदान में किशोर डूब गया है। बेला चौकी और रामपुर बाघेलान थाना के पुलिस मौके पर पहुंची। अंधेरा होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं हो पाया। जैसे ही बुधवार की सुबह हुई SDRF की टीम मौके पर पहुंची। पानी में किशोर की तलाश की जा रही है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
किशोर के पानी में डूबने की आशंका का मामला सामने आने के बाद खदान की सुरक्षा व्यवस्था का सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है की खुली खदान के पास ना तो पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम है और ना ही चेतावनी बोर्ड लगे हुए हैं। यह भी सामने आया है कि पहले भी खदान में डूबने की वजह से दो लोगों की मौत हो गई थी।
समान लेने गया था किशोर
जानकारी के मुताबिक अखिलेश अपने घर से शाम करीब 6 बजे साइकिल से सामान लेने के लिए निकला था। जब काफी देर तक वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसे ढूंढना शुरू किया। खदान के पास उसकी साइकिल और सामान दिखाई दिया। साइकिल खदान की बाउंड्री के पास थी और चप्पल पानी में तैरती हुई नजर आई। इसके बाद परिजनों को किशोर के पानी में डूबने की आशंका हुई। इसी के बाद पुलिस को सूचना दी गई।
UNGA 2026 highlights: ट्रंप ने ईरान को धमकाया, तुर्किये ने कश्मीर का मुद्दा उठाया, भूटान ने मोदी का गुण गाया, UN में किसने क्या-क्या कहां, सब विस्तार से यहां पढ़ें
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का मंच इस बार वैश्विक कूटनीति, तीखी चेतावनियों और अटूट दोस्ती के एक अनूठे संगम का गवाह बना। एक तरफ जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को 'नरक में जाने' की दो टूक चेतावनी देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी, वहीं तुर्किये ने एक बार फिर अपने पुराने ढर्रे पर चलते हुए कश्मीर का राग अलापा। लेकिन इस सियासी तनातनी और कड़वाहट के बीच, भूटान ने भारत के साथ अपनी अटूट दोस्ती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न का खुलकर गुणगान कर पूरी दुनिया के सामने सच्चे पड़ोस धर्म की मिसाल पेश कर दी। आइए विस्तार से जानते हैं कि संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े मंच पर किस वैश्विक नेता ने क्या कहा और क्यों ये भाषण दुनिया भर में सुर्खियां बटोर रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: US Election: ट्रंप प्रशासन के अभियान में 1600 फर्जी वोटर केस पकड़े गए, 160 गिरफ्तार
नरक में जाने को तैयार रहे...ट्रंप ने ईरान को फिर दी चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए ईरान को चेतावनी दी और कहा कि या तो वो समझौता कर ले या फिर नरक में जाने के लिए तैयार रहे। ट्रंप ने कहा कि मुझे एक बड़ा फैसला करना है, क्या ईरान डॉनल्ड ट्रंप के साथ कोई ऐसी डील होगी जिससे वे फिर से खड़े हो सकें और बहुत बड़ा देश बना सकें? या मैं इस्लामिक रिपब्लिक को खत्म कर दूं, उन्हें फिर कभी लोगों और देशों को मारने बर्बाद करने का मौका न दूं?' उन्होंने ईरान से युद्ध के अपने फैसले का बचाव भी किया। इस दौरान ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने पिछले साल भारत-पाक के बीच युद्ध रुकवाया था। बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मंगलवार को अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। यह बैठक UN जनरल असेंबली में उनके उस भाषण के कुछ ही समय बाद हुई, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर लगभग सात महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ, तो वे इस्लामिक रिपब्लिक को "पूरी तरह खत्म" कर सकते हैं। ट्रंप ने पत्रकारों को बैठक के बारे में बताया, लेकिन बातचीत के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी।
इसे भी पढ़ें: संयुक्त राष्ट्र पहुंचे Donald Trump ने CNN रिपोर्टर से कहा- आपको यहां नहीं होना चाहिए था
तुर्किये ने अलावा कश्मीर राग
तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया के सभी विवादों, जिसमे कश्मीर का मुद्दा भी शामिल है। इसका समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में यह महत्वपूर्ण है कि कश्मीर मुद्दे समेत सभी विवादों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संबंधित प्रस्तावों के तहत बातचीत के जरिए सुलझाया जाए। कश्मीर को लेकर उनका का यह रुख नया नहीं है। उन्होंने सितंबर 2025 में भी संयुक्त राष्ट्र महासभा के संबोधन में कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए बातचीत और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावो का हवाला दिया था। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने विश्व भर के नेताओं से सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार करने की जोरदार अपील की।
इसे भी पढ़ें: दिसंबर में अमेरिका जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी, Florida G20 Summit में Donald Trump से द्विपक्षीय वार्ता संभव, क्वाड नेताओं की भी हो सकती है बैठक
ट्रंप ने नए ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बरनहम की तारीफ़ की
अपनी पहली मुलाक़ात के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बरनहम ने मध्य पूर्व को लेकर अपने मतभेदों को दरकिनार कर दिया। ट्रंप ने बरनहम की तारीफ़ करते हुए उन्हें स्वाभाविक रूप से एक बिज़नेस करने वाला व्यक्ति बताया।
जापानी पीएम ने किया मोदी का गुणगान
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे जब संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलने के लिए खड़े हुए, तो उनका भाषण सिर्फ वहां बैठे प्रतिनिधियों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए मिसाल जैसा था। आमतौर पर पड़ोसी देशों में ज्यादा बनती नहीं है लेकिन भूटान के पीएम ने खुलकर अपने पड़ोसी भारत की तारीफ की। भूटान ने भारत के साथ अपने मजबूत रिश्तों का जिक्र किया। उन्होंने भारत को भूटान का सबसे भरोसेमंद दोस्त और करीबी पड़ोसी बताया। टोबगे ने भूटान की महत्वाकांक्षी परियोजना गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी (GMC) में भारत के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह शहर भारतीय सीमा के पास बनाया जा रहा है और इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भारत सरकार का समर्थन मिल रहा है। साथ ही भारत के पड़ोसी राज्य असम की ओर से भी इस परियोजना में सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने खुलकर कहा कि भारत, भूटान का सबसे भरोसेमंद दोस्त है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News
prabhasakshi








