UNGA 2026 highlights: ट्रंप ने ईरान को धमकाया, तुर्किये ने कश्मीर का मुद्दा उठाया, भूटान ने मोदी का गुण गाया, UN में किसने क्या-क्या कहां, सब विस्तार से यहां पढ़ें
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का मंच इस बार वैश्विक कूटनीति, तीखी चेतावनियों और अटूट दोस्ती के एक अनूठे संगम का गवाह बना। एक तरफ जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को 'नरक में जाने' की दो टूक चेतावनी देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी, वहीं तुर्किये ने एक बार फिर अपने पुराने ढर्रे पर चलते हुए कश्मीर का राग अलापा। लेकिन इस सियासी तनातनी और कड़वाहट के बीच, भूटान ने भारत के साथ अपनी अटूट दोस्ती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न का खुलकर गुणगान कर पूरी दुनिया के सामने सच्चे पड़ोस धर्म की मिसाल पेश कर दी। आइए विस्तार से जानते हैं कि संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े मंच पर किस वैश्विक नेता ने क्या कहा और क्यों ये भाषण दुनिया भर में सुर्खियां बटोर रहे हैं।
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नरक में जाने को तैयार रहे...ट्रंप ने ईरान को फिर दी चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए ईरान को चेतावनी दी और कहा कि या तो वो समझौता कर ले या फिर नरक में जाने के लिए तैयार रहे। ट्रंप ने कहा कि मुझे एक बड़ा फैसला करना है, क्या ईरान डॉनल्ड ट्रंप के साथ कोई ऐसी डील होगी जिससे वे फिर से खड़े हो सकें और बहुत बड़ा देश बना सकें? या मैं इस्लामिक रिपब्लिक को खत्म कर दूं, उन्हें फिर कभी लोगों और देशों को मारने बर्बाद करने का मौका न दूं?' उन्होंने ईरान से युद्ध के अपने फैसले का बचाव भी किया। इस दौरान ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने पिछले साल भारत-पाक के बीच युद्ध रुकवाया था। बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मंगलवार को अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। यह बैठक UN जनरल असेंबली में उनके उस भाषण के कुछ ही समय बाद हुई, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर लगभग सात महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ, तो वे इस्लामिक रिपब्लिक को "पूरी तरह खत्म" कर सकते हैं। ट्रंप ने पत्रकारों को बैठक के बारे में बताया, लेकिन बातचीत के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी।
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तुर्किये ने अलावा कश्मीर राग
तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया के सभी विवादों, जिसमे कश्मीर का मुद्दा भी शामिल है। इसका समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में यह महत्वपूर्ण है कि कश्मीर मुद्दे समेत सभी विवादों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संबंधित प्रस्तावों के तहत बातचीत के जरिए सुलझाया जाए। कश्मीर को लेकर उनका का यह रुख नया नहीं है। उन्होंने सितंबर 2025 में भी संयुक्त राष्ट्र महासभा के संबोधन में कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए बातचीत और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावो का हवाला दिया था। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने विश्व भर के नेताओं से सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार करने की जोरदार अपील की।
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ट्रंप ने नए ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बरनहम की तारीफ़ की
अपनी पहली मुलाक़ात के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बरनहम ने मध्य पूर्व को लेकर अपने मतभेदों को दरकिनार कर दिया। ट्रंप ने बरनहम की तारीफ़ करते हुए उन्हें स्वाभाविक रूप से एक बिज़नेस करने वाला व्यक्ति बताया।
जापानी पीएम ने किया मोदी का गुणगान
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे जब संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलने के लिए खड़े हुए, तो उनका भाषण सिर्फ वहां बैठे प्रतिनिधियों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए मिसाल जैसा था। आमतौर पर पड़ोसी देशों में ज्यादा बनती नहीं है लेकिन भूटान के पीएम ने खुलकर अपने पड़ोसी भारत की तारीफ की। भूटान ने भारत के साथ अपने मजबूत रिश्तों का जिक्र किया। उन्होंने भारत को भूटान का सबसे भरोसेमंद दोस्त और करीबी पड़ोसी बताया। टोबगे ने भूटान की महत्वाकांक्षी परियोजना गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी (GMC) में भारत के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह शहर भारतीय सीमा के पास बनाया जा रहा है और इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भारत सरकार का समर्थन मिल रहा है। साथ ही भारत के पड़ोसी राज्य असम की ओर से भी इस परियोजना में सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने खुलकर कहा कि भारत, भूटान का सबसे भरोसेमंद दोस्त है।
UNGA 2026 Live: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच न्यूयॉर्क पहुंचे पेजेशकियन, दुनिया के मंच पर रखेंगे अपना पक्ष
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क पहुंच चुके हैं। वह दुनिया भर के बड़े नेताओं के सामने अपना भाषण देंगे। इस समय ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, और यही मुद्दा इस बड़ी बैठक का सबसे अहम केंद्र बना हुआ है।
डोनाल्ड ट्रंप के सख्त बयान के ठीक एक दिन बाद पहुंचे
पेजेशकियन का यह दौरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े भाषण के ठीक एक दिन बाद हुआ है। ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र में दिए अपने भाषण में कहा था कि अमेरिका या तो अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद तेहरान के साथ कोई समझौता कर सकता है, या फिर इस्लामिक रिपब्लिक को पूरी तरह "तबाह" कर देगा।
ईरान मजबूती से रखेगा अपनी बात
पेजेशकियन अपने भाषण में इस युद्ध को लेकर ईरान का पक्ष पूरी दुनिया के सामने रखेंगे। तेहरान से न्यूयॉर्क रवाना होने से पहले उन्होंने कहा, "ईरान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से अपनी बात रखेगा और देश का संदेश दुनिया तक पहुंचाने के लिए इस मौके का पूरा इस्तेमाल करेगा।"
पर्दे के पीछे बातचीत का दौर जारी
पेजेशकियन के दौरे के बीच दोनों देशों के बीच कूटनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बताया कि मध्यस्थों के जरिए अमेरिका और ईरान की टीमों के बीच लंबी बातचीत हुई है। इस बातचीत ने पूरे दौरे के माहौल को और भी गरमा दिया है।
ट्रंप और जेलेंस्की की मुलाकात पर भी रही नजर
दूसरी तरफ, ट्रंप ने अपने भाषण में दुनिया के कई बड़े मुद्दों पर बात की। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ उनकी मुलाकात ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर सबका ध्यान खींच लिया। जेलेंस्की ने रूस के साथ ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की मांग की। साथ ही उन्होंने ट्रंप से अपील की कि वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी आने वाली बैठक में इस मुद्दे को उठाएं, ताकि चीन के जरिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बनाया जा सके।
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