सांस की बीमारी और बंद नाक के लिए काल है यह पत्ता! सर्दी-जुकाम तो यूं होती है दूर, डॉक्टर ने वीडियो में बताया फॉर्मूला
इस पौधे का पत्ता किसी संजीवनी से कम नहीं है. यह सांस की गंभीर बीमारियों के लिए भी रामबाण साबित हो सकता है. सर्दी-जुकाम तो इसके सामने कुछ नहीं है. इसका काढ़ा बनाकर पीना होता है. यह थोड़ी कड़वी जरूर है लेकिन कई समस्याओं के लिए काल है. भरतपुर के आयुर्वेदिक डॉक्टर चंद्र प्रकाश दीक्षित के अनुसार अडूसा के पत्तों का काढ़ा कितना भी पुराना सर्दी-जुकाम क्यों न हो, उसे मात्र एक से दो दिनों में ठीक करने की क्षमता रखता है. अडूसा सिर्फ जुकाम ही नहीं बल्कि अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और बंद नाक को खोलने में भी बेहद कारगर है. इसके पत्तों को पानी में उबालकर बनाया गया काढ़ा फेफड़ों को साफ करता है और कफ को बाहर निकालता है. आइए डॉक्टर से इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
पेट के कीड़ों का अंत कर स्किन पर जादुई चमक लाता है यह फूल, आयुर्वेद के प्रोफेसर ने बताए इसके चौंकाने वाले औषधीय गुण
अक्सर हम अपने आसपास के पेड़-पौधों को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन मुरादाबाद के हिंदू कॉलेज के प्रोफेसर डॉ.अमित वैश्य के अनुसार ढाक या पलाश का पेड़ आयुर्वेद का एक अनमोल खजाना है. उत्तर प्रदेश और झारखंड के इस राजकीय पुष्प को बूटिया मोनोस्पर्मा के नाम से जाना जाता है.पलाश के फूलों का रस मूत्राशय की सूजन और पेशाब से जुड़ी समस्याओं के लिए रामबाण माना गया है. लाल-नारंगी फूलों वाला यह वृक्ष मन को शांति देने के साथ-साथ हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है. प्रकृति का यह मुफ्त डॉक्टर अगर सही ढंग से उपयोग किया जाए, तो कई बड़ी बीमारियों से छुटकारा दिला सकता है. इसके बीजों और फलियों में शक्तिशाली कृमिनाशक तत्व होते हैं जो पेट के कीड़ों को जड़ से खत्म कर देते हैं. यह स्किन पर चमक लाने में रामबाण की तरह काम करता है.आइए वीडियों में विस्तार से जानते हैं.
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