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स्वामी अवधेशानन्द गिरि का इंदौर-उज्जैन प्रवास: युवा धर्म संसद में बोले- आत्मनिर्माण ही राष्ट्रनिर्माण का पहला कदम
उज्जैन/इंदौर। जूनापीठाधीश्वर आचार्यमहामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज के दो दिवसीय इंदौर-उज्जैन प्रवास का पहला दिन आध्यात्मिक, सामाजिक और युवा जागरण से जुड़े कार्यक्रमों में बीता। प्रवास के दौरान उन्होंने युवा धर्म संसद में युवाओं को चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया।
इंदौर पहुंचने पर देवी अहिल्याबाई होलकर विमानतल पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह से स्वामी अवधेशानन्द गिरि की मुलाकात हुई। मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट, डॉ. महेंद्र सिंह, विधायक मालिनी गौड़ सहित कई गणमान्य लोगों और श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया।
इंदौर-उज्जैन प्रवास का पहला दिन: दर्शनार्थ खास तस्वीरें
युवा धर्म संसद में धर्म की अवधारणा पर बोले
उज्जैन में सेवाज्ञ संस्थानम् की ओर से आयोजित ‘युवा धर्म संसद’ में स्वामी अवधेशानन्द गिरि ने ‘धर्म की अस्तित्वपरक अवधारणा एवं चारित्रिक उत्तरदायित्व’ विषय पर संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मबोध, चरित्र निर्माण, अनुशासन, सत्यनिष्ठा और सामाजिक-राष्ट्रीय जिम्मेदारी से जुड़ी जीवन-पद्धति है। उन्होंने युवाओं से आत्मानुशीलन और आंतरिक-बाहरी शुचिता को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। उनके अनुसार, आत्मनिर्माण राष्ट्रनिर्माण की पहली सीढ़ी है।
कार्यक्रम में आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी, मातृश्री स्मृति अनंतलक्ष्मी और लेखक एवं गीतकार मनोज मुन्तशिर सहित संत, विद्वान और युवा मौजूद रहे।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर चर्चा
उज्जैन में स्वामी अवधेशानन्द गिरि से वरिष्ठ अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट। इस दौरान सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों और विकास कार्यों पर चर्चा हुई। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन, सुरक्षित दर्शन, आवास, यातायात प्रबंधन, घाटों के विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। स्वामी अवधेशानन्द गिरि ने श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ उज्जैन की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा बनाए रखने और लोकसेवा में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
समन्वय परिवार ने किया अभिनंदन
युवा धर्म संसद के बाद अंजुश्री होटल में समन्वय परिवार की ओर से स्वामी अवधेशानन्द गिरि का अभिनंदन किया गया। इसके बाद उन्होंने उज्जैन में नए प्रतिष्ठान ‘मठ भोलागुरु’ के शुभारंभ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और प्रतिष्ठान की प्रगति एवं लोकहितकारी कार्यों के लिए मंगलकामनाएं दीं।
दिन के अंतिम चरण में स्वामी अवधेशानन्द गिरि प्रभु प्रेमी संघ के साधक इंदर गोयल और चांदनी गोयल के निवास पहुंचे। परिवार और श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। उन्होंने परिवारजनों को स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद दिया।
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