यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो बना प्रदेश की नई पहचान, CM योगी बोले- पॉसिबिलिटी को प्रॉस्पेरिटी में बदला
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में शुक्रवार से शुरू हुए चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, पारंपरिक और तकनीकी ताकत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने की बात कही. मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश को नई पहचान दिलाने की पहल है. यह आयोजन प्रदेश की परंपरा और तकनीक को एक मंच पर लाकर ग्लोबल मार्केट से जोड़ने का काम कर रहा है.
90 से अधिक देशों के प्रतिनिधि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रेड शो में शामिल होने आए 90 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों, फॉरेन बायर्स और एग्जीबिटर्स का स्वागत और आभार जताया. उन्होंने जापान, सिंगापुर और बेलारूस के राजदूतों एवं उच्चायुक्तों का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया. मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार करीब 600 विदेशी खरीदार और लगभग डेढ़ लाख बी-टू-बी विजिटर्स यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का हिस्सा बनने वाले हैं.
ब्रांड देने का काम किया गया
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की असली ताकत उसकी परंपरा और उद्यम में है. इसी सोच के साथ परंपरागत उद्योगों को वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के रूप में ब्रांड देने का काम किया गया. उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों के विशिष्ट उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश तेजी से मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में आगे बढ़ रहा है और प्रदेश से दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात दुनिया के विभिन्न देशों में हो रहा है.
36 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल
उन्होंने कहा कि यूपीआईटीएस इसी बदलाव और परिवर्तन को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है. मुख्यमंत्री के मुताबिक इस बार करीब 36 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन किया गया है, जिसमें 2400 से अधिक एग्जीबिटर्स हिस्सा ले रहे हैं. ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों से लेकर आधुनिक तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई और नवाचार से जुड़े उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है.
यूपी के उत्पादों पर बढ़ा दुनिया का भरोसा, निर्यात दो लाख करोड़ के पार: CM योगी
उत्तर प्रदेश के पारंपरिक हुनर, स्थानीय उत्पादों और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग की ताकत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में दुनिया के सामने दिखाई दी. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया.
वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का बड़ा मंच
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और यहां के उद्यमियों की विश्वसनीयता पर पूरी दुनिया का भरोसा बढ़ा है. प्रदेश का निर्यात अब दो लाख करोड़ रुपए से अधिक पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि महज चार वर्षों में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश में तैयार होने वाले उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का बड़ा मंच बन गया है.
पिछले वर्ष 72 देशों के 550 विदेशी खरीदार ट्रेड शो में पहुंचे थे, जबकि इस बार 90 देशों से 600 से अधिक बायर्स शामिल हुए हैं. आयोजन में करीब डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के पहुंचने की संभावना है. ट्रेड शो में 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं.
बाजार को एक मंच पर लाने का काम कर रहा
सीएम योगी ने कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है. यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इसका उदाहरण है. उन्होंने कहा कि यह आयोजन ट्रेडिशन और टेक्नोलॉजी, हेरिटेज और इनोवेशन तथा हुनर और बाजार को एक मंच पर लाने का काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में संभावनाओं की कभी कमी नहीं रही, लेकिन लंबे समय तक कारीगरों को जरूरी संसाधन, बाजार और उचित मंच नहीं मिल पाया. इसके कारण नई पीढ़ी अपने पुश्तैनी हुनर से दूर होती चली गई. सरकार ने गांवों, जिलों और स्थानीय क्लस्टरों में मौजूद हुनर को पहचानकर उन्हें बाजार से जोड़ने का काम किया है.
ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर दिया
उन्होंने कहा कि टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़कर स्थानीय उत्पादों को ग्लोबल ब्रांड बनाने का प्रयास किया गया. गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर दिया गया. साथ ही एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और औद्योगिक ढांचे के विस्तार से उत्पादों को देश और दुनिया के बड़े बाजार तक पहुंचाना आसान हुआ है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं के माध्यम से कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है. इसका परिणाम है कि प्रदेश के स्थानीय उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं.
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